लॉर्ड्स के एमसीसी म्यूजियम में आर्टिस्ट स्टुअर्ट पियर्सन राइट की बनाई सचिन तेंदुलकर की एक खास पेंटिंग का अनावरण

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भारत के क्रिकेट प्रशंसकों के लिए गुरुवार विशेष दिन बन गया। क्रिकेट के भगवान माने जाने वाले महान सचिन तेंदुलकर की आर्टिस्ट स्टुअर्ट पियर्सन राइट की बनाई एक खास पेंटिंग का लॉर्ड्स के प्रसिद्ध मैरीलेबोन क्रिकेट क्लब (एमसीसी) के म्यूजियम में अनावरण किया गया। यह पेंटिंग इस साल के अंत तक एमसीसी म्यूजियम में रहेगी, इसके बाद इसे लॉर्ड्स के ऐतिहासिक पवेलियन में लगाया जाएगा। भारत और इंग्लैंड के बीच क्रिकेट के मक्का लॉर्ड्स पर शुरू हुए 5 मैचों की सीरीज के तीसरे टेस्ट मैच की शुरुआत से पहले एक समारोह में इस पेंटिंग का अनावरण किया गया।

लगता है मेरी यात्रा अब पूरी हो गई : तेंदुलकर

तेंदुलकर ने इस अवसर पर कहा, यह मेरे लिए बहुत बड़ा सम्मान है। 1983 में जब भारत ने वर्ल्ड कप जीता था, तब मैंने पहली बार लॉर्ड्स को देखा था। मैंने भारतीय कप्तान कपिल देव को ट्रॉफी उठाते देखा था। वहीं से मेरी क्रिकेट यात्रा शुरू हुई थी। आज जब मेरी पेंटिंग लॉर्ड्स के पवेलियन में लगी है, तो लगता है कि मेरी यात्रा अब पूरी हो गई है। अपने कॅरिअर को याद करता हूं तो चेहरे पर मुस्कान आ जाती है। यह पल बेहद खास है। इस पेंटिंग की खास बात यह है कि यह फुल-लेंथ नहीं है, जैसा कि पहले की पेंटिंग्स थीं, बल्कि यह सचिन के सिर्फ सिर और कंधों पर बनी हैं।

सचिन को हीरो की तरह दिखाने के लिए पेंटिंग को बड़ा आकार दिया

कलाकार स्टुअर्ट राइट ने कहा, एमसीसी नहीं चाहता था कि यह पेंटिंग भी पहले जैसी हो, इसलिए मैंने एक नया तरीका अपनाया। मैंने सचिन के चेहरे पर ध्यान केंद्रित किया। उन्हें हीरो की तरह दिखाने के लिए पेंटिंग को बड़ा आकार दिया। मैंने हमेशा बैकग्राउंड को साधारण रखा है ताकि ध्यान सिर्फ व्यक्ति पर बना रहे। यह पेंटिंग सचिन तेंदुलकर के लंबे और गौरवशाली कॅरिअर के लिए है।

अब्रेसिव एल्युमिनियम पर तेल चित्र के रूप में तैयार हुई पेंटिंग

यह पेंटिंग आर्टिस्ट स्टुअर्ट पियर्सन राइट ने एक फोटो के आधार पर यह पेंटिंग तैयार की है। यह फोटो उन्होंने सचिन के घर पर करीब 18 साल पहले ली थी। पेंटिंग रिलीज में बताया गया कि जैसे-जैसे पेंटिंग पर काम आगे बढ़ा, कलाकार ने इसमें बदलाव किए और आखिर में यह अब्रेसिव एल्युमिनियम (घिसे हुए एल्यूमिनियम) पर तेल चित्र के रूप में तैयार हुई। इसका बैकग्राउंड ऐब्स्ट्रैक्ट है, जो सचिन की पुरानी बैटिंग को दर्शाता है। राइट इससे पहले कपिल देव, बिशन सिंह बेदी और दिलिप वेंगसरकर की भी पेंटिंग बना चुके हैं।

सबसे पुराना स्पोर्ट्स म्यूजियम

एमसीसी का “लॉर्ड्स पोट्र्रेट प्रोग्राम” पिछले 30 सालों से चल रहा है, लेकिन एमसीसी ने 1950 के दशक से ही कला और ऐतिहासिक चीजें इकट्ठा करना शुरू किया था। एमसीसी म्यूजियम यूरोप का सबसे पुराना स्पोर्ट्स म्यूजियम है। “लॉन्ग रूम गैलरी” को खेल जगत की सबसे ऐतिहासिक गैलरी माना जाता है। एमसीसी के पास करीब 3,000 तस्वीरें हैं, जिनमें से लगभग 300 पोट्र्रेट्स हैं।

 

 

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