अजमतुल्लाह का ऑलराउंड धमाका, अफगानिस्तान की सुपर आठ की उम्मीदें बरकरार

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AFP/Getty Images

आईसीसी टी20 विश्व कप के ग्रुप डी में अफगानिस्तान ने यूएई को पांच विकेट से हराकर सुपर आठ में जगह बनाने की अपनी उम्मीदों को मजबूत कर लिया। लगातार दो हार के बाद मिली इस जीत ने टूर्नामेंट में उसकी स्थिति को फिर से प्रतिस्पर्धी बना दिया है।

यूएई द्वारा दिए गए 161 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए अफगानिस्तान ने 19 ओवर में पांच विकेट पर 162 रन बनाकर मैच अपने नाम किया। इस जीत के नायक रहे अजमतुल्लाह उमरजई, जिन्होंने गेंद और बल्ले दोनों से मैच पर प्रभाव डाला।

उन्होंने पहले 15 रन देकर चार विकेट चटकाए और फिर 21 गेंदों पर नाबाद 40 रन की तेजतर्रार पारी खेलकर टीम को लक्ष्य तक पहुंचाया। सलामी बल्लेबाज इब्राहिम जादरान ने 41 गेंदों में 53 रन बनाकर पारी की नींव रखी। उनकी पारी में छह चौके और एक छक्का शामिल था।

मध्यक्रम में दारविश रसूली ने 23 गेंदों में 33 रन जोड़कर रन गति बनाए रखी। अंतिम पांच ओवर में 52 रन की दरकार थी, जिसे अजमतुल्लाह और दारविश की आक्रामक बल्लेबाजी ने आसान बना दिया।

ग्रुप की स्थिति पर नजर डालें तो अफगानिस्तान और यूएई दोनों के दो-दो अंक हैं। दक्षिण अफ्रीका छह अंकों के साथ पहले ही सुपर आठ में प्रवेश कर चुका है, जबकि न्यूजीलैंड चार अंकों के साथ दूसरे स्थान पर है। ऐसे में अफगानिस्तान की यह जीत उसके लिए जीवनदान साबित हो सकती है।

इससे पहले यूएई की पारी की शुरुआत लड़खड़ाई। कप्तान राशिद खान के टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने के फैसले को गेंदबाजों ने सही ठहराया। अजमतुल्लाह और मुजीब उर रहमान की सधी हुई गेंदबाजी के सामने यूएई 20 ओवर में नौ विकेट पर 160 रन ही बना सका।

यूएई की ओर से शोएब खान ने 48 गेंदों में 50 से अधिक रन बनाकर संघर्ष किया। उन्होंने चार छक्के और छह चौके लगाए तथा अलीशान शराफू (31) के साथ तीसरे विकेट के लिए 84 रन की साझेदारी की। हालांकि मध्य और अंतिम ओवरों में नियमित अंतराल पर विकेट गिरते रहे, जिससे यूएई बड़ा स्कोर खड़ा नहीं कर सका।

अफगानिस्तान की शुरुआत भी आसान नहीं रही थी। दूसरी ही गेंद पर रहमानुल्लाह गुरबाज खाता खोले बिना लौट गए। इसके बाद जादरान ने संभलकर खेलते हुए पारी को दिशा दी। उन्होंने 37 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया, लेकिन शतक की ओर बढ़ते कदम को यूएई के गेंदबाजों ने रोक दिया।

मैच का निर्णायक मोड़ अंतिम तीन ओवरों में आया, जब अजमतुल्लाह ने लगातार छक्के-चौके जड़कर समीकरण को पूरी तरह अफगानिस्तान के पक्ष में कर दिया।

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