कानपुर। जिंदगी ने फिर संदेश दिया कि जब तक दिल में हरकत रहती है जी भरकर जी लो, किसको पता कल हो न हो। ग्रीन पार्क स्टेडियम में रविवार को कर्नल सीके नायडू ट्रॉफी में यूपी टीम को चंडीगढ़ के खिलाफ जिस विकेट पर जीत मिली, उसे बीसीसीआई के सेंट्रल जोन के कंसल्टेंट क्यूरेटर शिवकुमार ने तैयार करवाया था।
यूपी को कर्नल सीके नायडू ट्रॉफी में चंडीगढ़ पर मिली 5 विकेट से जीत
लेकिन अफसोस विकेट पर काम करते-करते कुछ मिनटों के अंदर ही उनके दिल का जबरदस्त दौरा पड़ने से उनकी सांसें थम गईं। जिंदगी ने इतना भी समय नहीं दिया कि उन्हें कार्डियोलॉजी गेट के अंदर घुसते ही सामने बनी इमरजेंसी तक पहुंचने का मौका मिल पाता।

रविवार को ग्रीन पार्क स्टेडियम में चंडीगढ़ के खिलाफ यूपी टीम जब जीत की ओर बढ़ रही थी, उसी दौरान बाउंड्री रोप के बाहर खड़े मेजबान टीम के चीफ कोच ज्ञानेंद्र पांडे की आंखें शिवकुमार को याद कर नम हो रही थीं। शायद वे शिवकुमार के इस अंतिम तोहफे के लिए उन्हें आसमान में कहीं ढूंढ रहे थे, धन्यवाद दे रहे थे।
शिवकुमार के साथ गुजारे पल याद कर ज्ञानेंद्र भावुक हो रहे थे। बोले मैच से पहले विकेट को लेकर हमने काफी बात की थी। लेकिन नहीं पता था कि वे हमसे थोड़ी ही देर बाद हमेशा के लिए दूर होने जा रहे हैं। वे कुछ मिलकर बताना चाह रहे थे, तब मैंने उनसे कहा था कि हम साथ डिनर करेंगे तब सारी बात होगी। लेकिन वो समय नहीं आ सका। वे अपनी बात दिल में ही लेकर दुनिया से विदा हो गए, यह बात मुझे जिंदगी भर परेशान करती रहेगी।
हमारा वर्षों पुराना साथ था। किसी भी मैच से पहले हम उनसे स्पोर्टिंग विकेट की मांग करते थे और वे कभी निराश नहीं करते थे। इस बार भी हमने उनसे यही मांग की थी और देखिए जाते-जाते भी उन्होंने हमें अपने बनाए अंतिम विकेट पर जीत दिला कर अपना फर्ज पूरा किया। वे हमारे लिए क्यूरेटर ही नहीं बल्कि उससे कहीं ज्यादा खास थे। अब जब इस ग्राउंड पर आना होगा, उन्हें न पाकर दिल दुःखी हुआ करेगा।
ज्ञानेंद्र ने कहा कि शिवकुमार विनम्र और अच्छे स्वभाव के थे। सबकी मदद को हर समय तैयार रहना उन्हें हर किसी के लिए करीब लाता था। वे अंत तक अपना दर्द अपने में समेटे समेटे रहे। उन्होंने अपनी पत्नी की गंभीर बीमारी के बारे में भी कभी नहीं बताया। हम और हमारी यूपी टीम उनके बनाए विकेट पर मिली अपनी इस जीत को उन्हें समर्पित करना चाहते हैं।
इस मैच की बात करें तो यूपी ने मैच के तीसरे दिन चंडीगढ़ को 5 विकेट से शिकस्त जरूर दी लेकिन 96 रनों तक पहुंचने में उसके बल्लेबाजों को पसीना आ गया। चंडीगढ़ ने पहले बल्लेबाजी की और उसकी टीम 170 पर सिमट गई। इसके जवाब में यूपी ने 260 रन बनाकर 90 रनों की बढ़त हासिल कर ली। दूसरी पारी में चंडीगढ़ की टीम 185 तक ही पहुंच सकी।
यूपी को दूसरी पारी में 96 रन बनाकर मैच जीतने की चुनौती मिली। हालांकि एक समय चंडीगढ़ ने यूपी की आधी टीम सिर्फ 55 रनों पर गिराकर मैच को बेहद रोमांचक मोड़ पर ला खड़ा किया था लेकिन रितुराज शर्मा ने नाबाद 63 रनों की पारी खेल कर मैच यूपी की झोली में डाल दिया। कार्तिकेय सिंह ने छठे विकेट पर रितुराज का अच्छा सहयोग किया। वे 12 रन बना नाबाद लौटे। यूपी अब 6 मैचों से 3 जीत और 3 हार के बाद 52 अंकों के साथ अपने पूल डी में टॉप पर है।










