कप्तान वियान मुल्डर ने इसलिए नहीं तोड़ा महान ब्रायन लारा का वर्ल्ड रिकॉर्ड, 367 रन पर थे तभी कर दी पारी घोषित

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टेस्ट क्रिकेट में कम ही मौके आए आते हैं जब कोई बल्लेबाज 300 रनों की पारी खेलता है। तिहरे शतक के बाद हर बल्लेबाज की तमन्ना वेस्टइंडीज के महान बल्लेबाज ब्रायन लारा के 400 रनों के विश्व कीर्तिमान को तोड़ने की होती है। लेकिन जिम्बाब्वे के खिलाफ साउथ अफ्रीका के वियान मुल्डर की चाह इस रिकॉर्ड के बेहद करीब पहुंचने के बाद भी इसे भंग करने की नहीं थी और इसीलिए मुलर ने 367 रनों के निजी स्कोर पर अपनी टीम की पहली पारी घोषित कर दी।

लारा ने 2004 में इंग्लैंड के खिलाफ 400 रन बनाकर खेली थी सबसे बड़ी पारी 

टेस्ट क्रिकेट में सबसे बड़ी पारी लारा ने 2004 में इंग्लैंड के खिलाफ 400 रन बनाकर खेली थी। यह विश्वकीर्तिमान पिछले 21 सालों से नहीं टूट सका है। अब साउथ अफ्रीका के वियान मुल्डर के पास इस रिकॉर्ड को ध्वस्त करने का मौका था और वह 367 रन बना भी चुके थे और वह लारा के ऐतिहासिक रिकॉर्ड को तोड़ने से सिर्फ 34 रन पीछे थे। लेकिन इसके बाद उन्होंने पारी घोषित कर दी। उनके इस फैसले ने क्रिकेट प्रेमियों को सकते में डाल दिया। उन्होंने ऐसा क्यों किया इसका खुलासा भी उन्होंने कर दिया है।

लारा के कद का खिलाड़ी ही इस रिकॉर्ड बनाए रखने का हकदार: मुल्डर

वियान मुल्डर ने दिन का खेल खत्म होने के बाद कहा कि सबसे पहले मुझे लगा कि हमारे पास पर्याप्त रन हैं और हमें गेंदबाजी करने की जरूरत है। दूसरा ब्रायन लारा एक दिग्गज हैं। उनके कद का व्यक्ति यह रिकॉर्ड बनाए रखने का हकदार है। अगर मुझे दोबारा ऐसा करने का मौका मिला तो मैं बिल्कुल ऐसा ही करूंगा। मैंने कोच शुकरी कॉनराड से बात की और उन्हें भी ऐसा ही लगा। ब्रायन लारा एक महान खिलाड़ी हैं।

जिम्बाब्वे के कप्तान ने टॉस जीत गेंदबाजी करने का फैसला किया

साउथ अफ्रीका और जिम्बाब्वे के बीच दो टेस्ट मैचों की सीरीज का पहला मुकाबला खेला जा रहा है। इस मैच में जिम्बाब्वे के कप्तान क्रेग इर्विन ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। इसके बाद अफ्रीका के लिए नंबर-3 पर उतरे वियान मुल्डर ने धमाकेदार पारी खेली। उन्होंने जिम्बाब्वे के गेंदबाजों को कोई मौका नहीं दिया और 334 गेंदों में ही 367 रन बना दिए, जिसमें 49 चौके और चार छक्के शामिल रहे।

साउथ अफ्रीका ने बनाए 626 रन

साउथ अफ्रीका के लिए पारी में उनके अलावा डेविड वेडिगघम ने 82 रन बनाए। वहीं लुहाने ड्रि प्रिटोरियस ने 78 रनों की पारी खेली। डेवाल्ड ब्रेविस के बल्ले से 30 रन निकले। काइल वेरेने ने 42 रन बनाए। इन प्लेयर्स की वजह से ही अफ्रीकी टीम ने 626 रन बनाए। इसके बाद जिम्बाब्वे की टीम पहली पारी में सिर्फ 170 रनों पर ही सिमट गई। फिर उसे फॉलोऑन खेलने के लिए मजबूर होना पड़ा। दूसरी पारी में भी अफ्रीका ने अभी तक एक विकेट के नुकसान पर 51 रन बना लिए हैं और वह अफ्रीका से वह अभी भी 405 रन पीछे हैं।

साउथ अफ्रीका के लिए ऐसा करने वाले पहले कप्तान

साउथ अफ्रीका और जिम्बाब्वे के बीच दो टेस्ट मैचों की सीरीज खेली जा रही है। सीरीज का पहला मुकाबला साउथ अफ्रीका ने अपने नाम किया था। इस सीरीज के दूसरे मैच के लिए वियान मुल्डर को साउथ अफ्रीका ने अपना कप्तान बनाया है। दूसरे टेस्ट में वियान ने शानदार तिहरा शतक लगा दिया है। कप्तान के तौर पर बहुत कम बल्लेबाज ऐसे हुए हैं, जिन्होंने तिहरा शतक लगाया है। साउथ अफ्रीका के लिए वे ऐसा करने वाले पहले कप्तान बन गए हैं। इससे पहले साल 2012 में द ओवल में हाशिम अमला ने तिहरा शतक लगाया था, लेकिन वे कप्तान नहीं थे। वियान ने कप्तान के तौर पर तिहरा शतक लगाने का काम किया है। अब मुल्डर साउथ अफ्रीका के लिए टेस्ट में सबसे बड़ी पारी खेलने वाले बल्लेबाज बन हैं। हाशिम अमला ने 311 रन बनाए थे, अब मुल्डर उनसे आगे निकल गए हैं।

वीरेंद्र सहवाग ने टेस्ट में लगाया था सबसे तेज तिहरा शतक

वियान मुल्डर ने दूसरा सबसे तेज तिहरा शतक लगाने का काम किया है। इस बीच भारत के वीरेंद्र सहवाग का रिकॉर्ड बरकरार रहा। वीरेंद्र सहवाग ने साल 2008 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ केवल 278 गेंदों पर तिहरा शतक लगाया था, अब वियान मुल्डर की बात करें तो उन्होंने जिम्बाब्वे के खिलाफ 297 गेंदों पर तिहरा शतक पूरा कर लिया है। इस लिस्ट में तीसरे नंबर पर हैरी ब्रुक हैं, जिन्होंने साल 2024 में पाकिस्तान के खिलाफ 310 गेंदों पर तिहरा शतक लगाया था।

कप्तानी के डेब्यू में ही तिहरा शतक लगा रचा इतिहास

वियान मुल्डर अपनी कप्तानी के डेब्यू में ही तिहरा शतक लगाने वाले दुनिया के पहले खिलाड़ी बन गए हैं। सीरीज के पिछले मैच में साउथ अफ्रीका की कप्तानी केशव महाराज कर रहे थे, लेकिन दूसरे मैच से पहले वे चोटिल हो गए और इसके बाद वियान मुल्डर को कप्तानी की जिम्मेदारी दी गई। इस मौके का फायद मुल्डर ने ठीक से उठाया और जो काम आज तक दुनिया का कोई भी कप्तान नहीं कर पाया, वो काम मुल्डर ने कर दिखाया है।

वियान मुल्डर ने हानिफ मोहम्मद को छोड़ा पीछे

मुल्डर टेस्ट क्रिकेट में विदेश में सबसे बड़ी पारी खेलने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। इस मामले में उन्होंने हानिफ मोहम्मद को पीछे छोड़ा है। हानिफ मोहम्मद ने 1958 में वेस्टइंडीज के खिलाफ बारबाडोस में खेले गए एक मैच में 337 रनों की पारी खेली थी। तीसरे नंबर पर इंग्लैंड के वैली हैमंड का नाम है जिन्होंने 1933 में न्यूजीलैंड के खिलाफ ऑकलैंड में नाबाद 336 रनों की पारी खेली थी। ऑस्ट्रेलिया के मार्क टेलर ने 1998 में पाकिस्तान के खिलाफ पेशावर में नाबाद 334 रन बनाए थे।

विदेश में टेस्ट मैचों में सबसे बड़ी पारी खेलने वाले बल्लेबाज

  • 367* – वियान मुल्डर (SA) बनाम ZIM, बुलावायो, 2025
  • 337 – हानिफ मोहम्मद (PAK) बनाम WI, बारबाडोस, 1958
  • 336* – वैली हैमंड (ENG) बनाम NZ, ऑकलैंड, 1933
  • 334* – मार्क टेलर (AUS) बनाम PAK, पेशावर, 1998
  • 334 – सर डॉन ब्रैडमैन (AUS) बनाम ENG, हेडिंग्ले, 1930

एक मैच में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड भी बनाया

इसके साथ ही टेस्ट में दक्षिण अफ्रीका के लिए एक मैच में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड भी वियान मुल्डर के नाम जुड़ गया है। उन्होंने इस मामले में दक्षिण अफ्रीका के पूर्व दिग्गज खिलाड़ी ग्रीम स्मिथ को पीछे छोड़ दिया है। स्मिथ ने 2003 में इंग्लैंड के खिलाफ एजबेस्टन में दोनों पारियों को मिलाकर 362 रन बनाए थे। उस मैच की पहली पारी में स्मिथ ने 277 और दूसरी पारी में 85 रन बनाए थे।

 

 

 

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