नेपाल में तख्तापलट : राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री ने दिया इस्तीफा, मनीषा कोइराला का प्रदर्शनकारियों को समर्थन

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पीएम पद से इस्तीफा देने के बाद केपी शर्मा ओली देश छोड़कर भागे?

नेपाल में सोशल मीडिया बैन के विरोध में चल रहे प्रदर्शन ने मंगलवार को हिंसक रूप ले लिया। इसके बाद राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने अपने-अपने पद से इस्तीफा दे दिया। भारत के इस पड़ोसी देश में तेजी के साथ स्थितियां बदल रही हैं। इस हिंसा में अब तक 22 प्रदर्शनकारियों की मौत हो चुकी हैं और 300 से ज्यादा लोग घायल हैं। नेपाल के पूर्व पीएम झालानाथ के घर को प्रदर्शनकारियों ने आग के हवाले कर दिया, जिसमें उनकी पत्नी की जलकर मौत हो गई है। वहीं बॉलीवुड अभिनेत्री मनीषा कोइराला ने इस विरोध प्रदर्शन का समर्थन किया है।

काठमांडू में कई नेताओं और पूर्व प्रधानमंत्री के घरों को आग के हवाले कर दिया गया है। संसद, सुप्रीम कोर्ट, राष्ट्रपति भवन और सांसदों के आवास जैसी महत्वपूर्ण जगहों में भी आगजनी की घटनाएं हुई हैं। कहा तो यहां तक जा रहा है कि पीएम पद से इस्तीफा देने के बाद केपी शर्मा ओली देश छोड़कर भाग गए हैं। फिलहाल नेपाल का अगला पीएम कौन होगा इसे लेकर अभी कुछ कहा नहीं जा सकता है। वैसे केपी शर्मा ओली के इस्तीफे के बाद कई नेताओं का नाम सामने आ रहा है, जिन्हें प्रधानमंत्री पद की जिम्मेदारी मिल सकती है। इनमें सबसे ऊपर बालेंद्र शाह का नाम है, जिन्हें प्रधानमंत्री बनाने की मांग तेज हो गई है।

नेपाल के पीएम और राष्ट्रपति के इस्तीफे के बाद भी देश में हालात अराजक हो चुके हैं। नेपाली सेना ने मंगलवार को प्रदर्शनकारियों से शांत रहने और राष्ट्रीय एकता बनाए रखने का आग्रह किया और देश की स्वतंत्रता, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा करने का संकल्प लिया है। नेपाल की सेना ने एक बयान में कहा, “हम जेन जेड आंदोलन के नवीनतम घटनाक्रमों का विश्लेषण कर रहे हैं। सेना हमेशा नेपाली लोगों के हितों और सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और नवीनतम घटनाक्रमों को ध्यान में रखते हुए, हम लोगों के जीवन और संपत्ति की रक्षा के लिए अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करते हैं।”

इसमें “सभी युवाओं और पूरे देशवासियों से शांत रहने और सामाजिक सद्भाव और राष्ट्रीय एकता बनाए रखने का अनुरोध किया गया है ताकि वर्तमान स्थिति और न बिगड़े। बयान में आगे कहा गया है, “इस गंभीर स्थिति में देश की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, पुरातात्विक और राष्ट्रीय संपत्तियों का संरक्षण और सुरक्षा करना सभी नेपालियों का कर्तव्य है।

बता दें कि नेपाल के संविधान में अनुच्छेद 267 के तहत सेना की तैनाती दो तरह से हो सकती है। जिसमें से पहला, उप-अनुच्छेद 4 के तहत, सेना को विकास कार्यों, आपदा प्रबंधन या अन्य संघीय कानूनी कार्यों के लिए तैनात किया जा सकता है। तो वहीं दूसरा, उप-अनुच्छेद 6 के तहत युद्ध, बाहरी आक्रमण, सशस्त्र विद्रोह या गंभीर आर्थिक व्यवधान की स्थिति में राष्ट्रपति, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की सिफारिश और कैबिनेट के फैसले के आधार पर सेना की तैनाती की जा सकती है।

नेपाल के संविधान के अनुसार राष्ट्रपति को नेपाल सेना का सर्वोच्च कमांडर भी नॉमिनेट किया गया है। नेताओं का तर्क है कि मौजूदा अशांति और जन सुरक्षा को खतरे को देखते हुए, अनुच्छेद 267 (4) या 267 (6) के तहत सेना की तैनाती संवैधानिक रूप से उचित है।

मनीषा कोइराला ने प्रदर्शनकारियों का किया सपोर्ट

नेपाल में सोशल मीडिया साइट्स पर लगे बैन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान राजधानी काठमांडू में फिर हिंसा भड़क उठी। गुस्साए प्रदर्शनकारी एक-एक कर नेताओं के आवासों पर हमला कर रहे हैं और राष्ट्रपति भवन को भी आग के हवाले कर दिया है। नेपाल के पूर्व पीएम झालानाथ के घर को भी प्रदर्शनकारियों ने आग के हवाले कर दिया, जिसमें उनकी पत्नी की मौत हो गई। बॉलीवुड अभिनेत्री मनीषा कोइराला भी नेपाल की रहने वाली हैं। उनके दादा बीपी कोइराला नेपाल के पहले प्रधानमंत्री थे। नेपाल में जेन जी क्रांति अब विकराल रूप ले चुकी है, ऐसे में अभिनेत्री ने भी एक पोस्ट के जरिए नेपाल हिंसा पर दुख जाहिर किया है। उन्होंने काठमांडू सहित अन्य इलाकों में आगजनी, तोड़फोड़ और पथराव की घटनाओं को लेकर दुख जताया और जेन ेजेड क्रांति को लेकर समर्थन जाहिर किया है।

मनीषा कोइराला नेपाल की रहने वाली हैं। उनके दादा बीपी कोइराला नेपाल के पहले प्रधानमंत्री थे। नेपाल में जेन जेड क्रांति अब विकराल रूप ले चुकी है, ऐसे में अभिनेत्री ने भी एक पोस्ट के जरिए नेपाल हिंसा पर दुख जाहिर किया है। उन्होंने काठमांडू सहित अन्य इलाकों में आगजनी, तोड़फोड़ और पथराव की घटनाओं को लेकर दुख जताया और जेन जी क्रांति को लेकर समर्थन जाहिर किया है। मनीषा कोइराला ने एक खून से लथपथ जूते की तस्वीर पोस्ट करते हुए कैप्शन में लिखा- ‘आज का दिन नेपाल के लिए काला दिन है। जब जनता को आवाज, भ्रष्टाचार के विरुद्ध आक्रोश और न्याय की मांग का जवाब गोलियों के जरिए दिया जा रहा है।

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