– जीडी शर्मा ने कहा, यह पूरा फर्जी केस है जो गलत तथ्यों पर आधारित है
आगरा की माननीय सत्र अदालत ने यूपीसीए के पूर्व पदाधिकारी ज्ञानेंद्र दत्त शर्मा (जीडी शर्मा) की ओर से दायर अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। इस फैसले के बाद जीडी शर्मा पर गिरफ्तारी की तलवार लटक गई है। इस मामले में ज्ञानेंद्र दत्त शर्मा ने कहा कि यह पूरा फर्जी केस है जो गलत तथ्यों पर आधारित है, हम विधिक सलाह के बाद आगे की जरूरी कानूनी प्रक्रिया को अपनाएंगे।
यह मामला थाना नाई की मंडी, आगरा में दर्ज मुकदमा संख्या 123/2021 से संबंधित है, जिसमें श्री ज्ञानेंद्र दत्त शर्मा पर धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात एवं जालसाजी से जुड़े गंभीर आरोप हैं। प्रकरण में धन के दुरुपयोग, फर्जी बिलों और गैर-मौजूद फर्मों के माध्यम से भुगतान दर्शाने जैसे आरोप शामिल हैं। माननीय न्यायालय ने अपने आदेश में स्पष्ट रूप से कहा है कि प्रथम दृष्टया आरोप गंभीर प्रकृति के आर्थिक अपराध की श्रेणी में आते हैं तथा उपलब्ध साक्ष्यों को देखते हुए अग्रिम जमानत दिए जाने का कोई आधार नहीं बनता।
अदालत द्वारा अग्रिम जमानत याचिका खारिज किए जाने के पश्चात अब भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के प्रावधानों के अंतर्गत अभियुक्त के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जा सकती है और कानून के अनुसार गिरफ्तारी की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकती है।










