केंटरबरी। तनुष कोटियान को इंग्लैंड लॉयन्स के खिलाफ शतक बनाने का मौका नहीं मिल सका। भारत ए की दूसरी पारी में जब वह 90 रनों पर थे और कुल स्कोर 7 विकेट पर 417 रन था, तभी कप्तान ने पारी की घोषणा कर दी। भारत उस समय 438 रनों से आगे था और मैच खत्म होने में काफी कम समय बचा था। लेकिन कप्तान ने कोटियान के शतक का इंतजार न करके पारी की घोषणा कर मेजबान टीम को फिर से बल्लेबाजी के लिए बुला लिया। भारतीय गेंदबाजों ने इंग्लैंड लॉयन्स के तीन विकेट गिराकर थोड़ी हलचल जरूर मचाई लेकिन सोमवार को भारत ए और इंग्लैंड लॉयन्स के बीच खेली गई दो मैचों की अनौपचारिक टेस्ट सीरीज बिना किसी नतीजे के ही समाप्त हो गई।
दोनों टीमों के बीच केंटरबरी में खेला गया पहला मुकाबला भी ड्रॉ रहा था और अब दूसरा टेस्ट भी बिना किसी नतीजे के समाप्त हुआ। इसी के साथ पूरी सीरीज 0-0 की बराबरी पर समाप्त हुई। दूसरे अनौपचारिक टेस्ट में भारत ए ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 348 रन बनाए। जवाब में इंग्लैंड लॉयन्स की टीम 327 रन पर सिमट गई और भारत ए को पहली पारी के आधार पर 21 रन की मामूली बढ़त मिली।
इसके बाद दूसरी पारी में भारत ए ने शानदार प्रदर्शन किया। चौथे और अंतिम दिन ऑलराउंडर तनुष कोटियान और अंशुल कंबोज ने नाबाद अर्द्धशतक जमाकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। कोटियान ने बेहतरीन 90 रन की नाबाद पारी खेली जबकि कंबोज ने भी 51 रन बनाकर उनका अच्छा साथ दिया। भारत ए ने दूसरी पारी में 7 विकेट पर 417 रन बनाकर पारी घोषित कर दी और इंग्लैंड लॉयन्स को 439 रन का मुश्किल लक्ष्य दिया।
अंशुल कंबोज ने दो विकेट लेकर सनसनी मचाई
लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड लॉयन्स की टीम की शुरुआत बेहद खराब रही। पहले ही कुछ ओवरों में तुषार देशपांडे ने टॉम हेन्स को नितीश कुमार रेड्डी के हाथों कैच कराकर भारत को पहली सफलता दिलाई। इसके बाद अंशुल कंबोज ने गेंदबाजी में भी शानदार प्रदर्शन करते हुए 3 ओवर में सिर्फ 6 रन देकर 2 विकेट झटक सनसनी मचाई। उन्होंने एमिलियो गे और जोर्डन कॉक्स को आउट कर इंग्लैंड लॉयन्स के टॉप आर्डर को बैकफुट पर धकेल दिया। जब मैच ड्रॉ घोषित किया गया, उस समय इंग्लैंड लॉयन्स ने तीन विकेट पर 32 रन बना लिए थे। क्रीज पर बेन मैकिनी 16 रन बनाकर टिके हुए थे और कप्तान जेम्स रेव खाता खोले बिना उनका साथ निभा रहे थे।
इस मुकाबले में भारत ए के लिए तनुष कोटियान और अंशुल कंबोज का ऑलराउंड प्रदर्शन टीम के लिए बड़ी सकारात्मक बात रही। हालांकि दोनों मैच ड्रॉ रहने से कोई नतीजा नहीं निकला, लेकिन दोनों टीमों के युवा खिलाड़ी अपने प्रदर्शन से सभी का ध्यान अपनी ओर खींचने में सफल रहे। अब इंग्लैंड में भारतीय टेस्ट टीम 20 जून से 5 मैचों की टेस्ट सीरीज का आगाज करेगी।










