दिल्ली टेस्ट : जॉन कैम्पबेल और शाई होप के शतक के बावजूद भारत क्लीन स्वीप से सिर्फ 58 रन दूर

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-कैम्पबेल ने अपने टेस्ट करियर का पहला तो होप ने 8 साल बाद टेस्ट क्रिकेट में शतक लगाया।
-वेस्टइंडीज ने अपनी दूसरी पारी में 390 रन बना भारत को 121 रन बनाकर मैच जीतने का लक्ष्य दिया

भारत को दिल्ली टेस्ट जीतने के साथ ही सीरीज में 2-0 से क्लीन स्वीप करने के लिए अब 58 रनों की और जरूरत है। भारत को अरुण जेटली स्टेडियम में खेले जा रहे इस टेस्ट मैच को जीतने के लिए 121 रनों का लक्ष्य मिला है। भारत ने सोमवार को स्टंप्स तक अपनी दूसरी पारी में सलामी बल्लेबाज यशस्वी जयसवाल (8) का विकेट खोकर 63 रन बना लिए थे। केएल राहुल 25 और साई सुदर्शन 30 रन बनाकर क्रीज पर हैं।

खास बात यह कि कमजोर वेस्टइंडीज की टीम इस मैच को पांचवें और अंतिम दिन तक खींचने में कामयाब रही। इस मैच का नतीजा मंगलवार पहले ही सत्र में निकलने की संभावना है। भारत ने इस मैच में पहले बैटिंग करते हुए 518 रनों पर पारी घोषित कर दी थी, जिसके जवाब में वेस्टइंडीज ने पहली पारी में 248 रन बनाए। मेहमान टीम के लिए दूसरी पारी में जॉन कैम्पबेल और शाई होप ने शतकीय पारियां खेलकर स्कोर को 400 के करीब पहुंचाने में कामयाबी हासिल की।

इससे पहले फॉलोऑन के बाद वेस्टइंडीज ने दूसरी पारी में काफी सुधरा हुआ प्रदर्शन किया और जॉन कैम्पबेल और शाई होप के शतक की बदौलत 390 रन बनाए। कैम्पबेल ने अपने टेस्ट करियर का पहला तो होप ने 8 साल बाद टेस्ट क्रिकेट में शतक लगाया। जॉन कैंपबेल ने छक्के से अपने करियर का पहला टेस्ट शतक पूरा किया। उन्होंने अपने पहले शतक के दौरान 174 गेंदों का सामना किया। इस दौरान उनके बल्ले से 9 चौके और 3 छक्के आए। इस तरह वह 7 साल बाद भारत के खिलाफ सेंचुरी लगाने वाले वेस्टइंडीज के पहले बल्लेबाज बन गए हैं। इससे पहले रोस्टन चेज ने यह कारनामा किया था। वहीं शाई होप (103) ने अपनी शतकीय पारी के दौरान 214 गेंदें खेलीं और इस दौरान 2 छक्के व 12 चौके जड़े।

भारत को वेस्टइंडीज की अंतिम जोड़ी जस्टिन ग्रीव्स और जेडन सील्स ने काफी परेशान किया। दोनों ने मिलकर दसवें विकेट के लिए 79 रनों की साझेदारी की। ग्रीव्स 85 गेंदों में 50 रन बनाकर नाबाद रहे। सील्स ने 67 गेंदों में 32 रनों का योगदान किया। जसप्रीत बुमराह ने सील्स को 119वें ओवर की पांचवीं गेंद पर आउट कर वेस्टइंडीज की पारी को खत्म किया। बुमराह और कुलदीप यादव सबसे कामयाब गेंदबाज रहे। दोनों ने तीन-तीन विकेट लिए, जबकि मोहम्मद सिराज ने दो और वॉशिंगटन सुंदर व रवींद्र जडेजा ने एक-एक विकेट लिया।

वेस्टइंडीज की टीम ने कर दिया बड़ा कारनामा, टीम इंडिया के लिए 12 साल बाद आया ये श​र्मिंदगी वाला दिन
वेस्टइंडीज की टीम ने कर दिया बड़ा कारनामा, टीम इंडिया के लिए 12 साल बाद आया ये श​र्मिंदगी वाला दिन
वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम ने दल्लिी के अरुण जेटली स्टेडियम पर वो काम ​दिया है, जो इससे पहले साल 2013 में इंग्लैंड की टीम ने हैदराबाद में किया था।

भारत बनाम वेस्टइंडीज दूसरे टेस्ट का परिणाम कुछ भी रहे, लेकिन वेस्टइंडीज की टीम ने ये जरूर साबित कर दिया कि कोई भी उन्हें हल्के में लेने की भूल ना कर दे। भारतीय कप्तान शुभमन गिल की चूक कहा जाए या फिर वेस्टइंडीज की चालाकी, लेकिन इतना तो तय है कि भारतीय टीम आने वाले कुछ साल तक कम से कम वो गलतियां नहीं करेगी, जो इस मैच में हुई हैं। मैच के चौथे दिन टीम इंडिया को उस वक्त शर्मिंदगी का भी सामना करना पड़ा, जब विरोधी टीम ने 350 से अधिक का स्कोर अपनी चौथी पारी में टांग दिया।

12 साल बाद भारत में विरोधी टीम ने अपनी दूसरी पारी में बना दिए 350 से अधिक रन
कमजोर समझी जाने वाली वेस्टइंडीज ने टीम इंडिया को खूब परेशान किया। फैंस तो ये उम्मीद लगाए बैठे कि तीन ही दिन में मुकाबला खत्म हो जाएगा, लेकिन वेस्टइंडीज ने ऐसा कमबैक किया कि मैच खत्म होने की बात तो दूर की है, नए नए रिकॉर्ड बनते चले गए। भारतीय टीम के साथ पिछले करीब 12 साल से जो काम नहीं हुआ था, वो भी दल्लिी टेस्ट में हो गया। भारत के सामने फॉलोआन का सामना करने वाली वेस्टइंडीज की टीम ने अपनी दूसरी पारी में 350 से अधिक रन बना दिए।

जनवरी 2013 के बाद पहली बार देखना पड़ा ऐसा दिन

साल 2013 के बाद से अब तक यानी इस मैच के पहले तक कभी ऐसा नहीं हुआ कि किसी टीम ने अपनी दूसरी पारी में भारत के सामने 350 से अधिक रन बना दिए हों। यहां हम दूसरी पारी की बात कर रहे हैं, वेस्टइंडीज ने तो फॉलोआन के बाद ये करश्मिा कर दिया। इससे पहले आखिरी बार साल जनवरी 2013 में इंग्लैंड की टीम ने अपनी दूसरी पारी में 420 रन बना दिए थे। ये मुकाबला हैदराबाद में खेला गया था। एक वक्त ऐसा नहीं लग रहा था कि टीम तीसरी पारी में इतना बड़ा स्कोर कर पाएगी, लेकिन आखिरी जोड़ी ने 50 से अधिक रन की साझेदारी कर टीम को एक ऐसी स्थिति में पहुंचा दिया, जिसे सम्मानजनक कहा जा सकता है।

वेस्टइंडीज के 2 बल्लेबाज भारतीय सरजमीं पर टेस्ट मैच की एक पारी में 51 साल बाद शतक जड़ने का कमाल कर दिया। 51 साल के बाद पहली बार है जब वेस्टइंडीज के 2 बल्लेबाजों ने भारत में एक ही पारी में शतक लगाया है। आखिरी बार यह कारनामा साल 1974 में 22 से 27 नवंबर के बीच बेंगलुरु में खेले गए टेस्ट मैच में देखने को मिला था, जब दग्गिज बल्लेबाज गॉर्डन ग्रीनिज और क्लाइव लॉयड ने भारत के खिलाफ सैकड़े ठोके थे। उस वक्त वेस्टइंडीज की टीम में कई महान खिलाड़ी मौजूद थे और अब आधी सदी बाद कैंपबेल-होप की जोड़ी ने उसी इतिहास को फिर से दोहरा दिया है।

जॉन कैंपबेल ने धैर्य और आक्रामकता का शानदार मश्रिण दिखाते हुए अपने टेस्ट करियर का बेहतरीन शतक पूरा किया। वहीं कप्तान शे होप ने एक छोर संभालकर शानदार अंदाज में पारी को आगे बढ़ाया और भारत के गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा। दोनों के बीच शतकीय साझेदारी ने वेस्टइंडीज को मजबूत स्कोर की ओर बढ़ाया। दोनों बल्लेबाजों के बीच तीसरे विकेट के लिए 177 रनों की कमाल की साझेदारी हुई।

वेस्टइंडीज के लिए दो टेस्ट शतकों के बीच सबसे ज्यादा पारियां खेलने वाले बल्लेबाज:
शे होप (2017-25) – 58 पारियां
जर्मेन ब्लैकवुड (2015-20) – 47 पारियां
क्रिस गेल (2005-08) – 46 पारियां
ड्वेन ब्रावो (2005-09) – 44 पारियां
शिवनारायण चंद्रपॉल (1998-02) – 41 पारियां
शे होप ने वेस्टइंडीज के खिलाफ साल 2015 में टेस्ट में डेब्यू किया था। इसके बाद से ही उन्होंने 43 टेस्ट मैचों में 2000 रन बनाए हैं, जिसमें तीन शतक और पांच अर्धशतक शामिल रहे हैं। उनकी तकनीक कमाल की है और एक बार वह क्रीज पर टिक गए, तो बड़ी पारी खेलते हैं।

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