भारतीय टीम को घरेलू टेस्ट सीरीज में मिली 0-2 की शर्मनाक हार पर पूर्व दिग्गजों का फूटा गुस्सा

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भारतीय टीम को घरेलू टेस्ट सीरीज में मिली 0-2 की शर्मनाक हार कई पूर्व दिग्गजों को बर्दाश्त नहीं हो रही। भारत ही नहीं बल्कि विदेश के पूर्व दिग्गजों ने इस हार पर अपनी गुस्सा का इजहार किया है। आर अश्विन, वेंकटेश प्रसाद और इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटर ने केविन पीटरसन ने इतने घटिया प्रदर्शन पर टीम इंडिया की खुलकर आलोचना की है। इन सभी खिलाड़ियों ने क्या कहा आइए हम आपको बताते हैं।

आर अश्विन ने सोशल मीडिया में दक्षिण अफ्रीकी टीम के प्रदर्शन की जमकर तारीफ की। उन्होंने अपने कमेंट में एक भी बार टीम इंडिया का जिक्र नहीं किया। उन्होंने लिखा कि अफ्रीकी टीम के लिए यह बहुत बड़ी कामयाबी है, उन्होंने अपनी अथॉरिटी की छाप छोड़ी है और दिखाया है कि वे डब्लूटीसी टाइटल के हकदार क्यों हैं।

इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटर केविन पीटरसन ने कहा कि इंडिया अपने घर में कभी नहीं हारता, जब तक कि कुछ बहुत अच्छे प्लेयर्स आकर कुछ खास पारियां न खेलें। टेस्ट क्रिकेट में पिछले कुछ सालों में इंडिया को क्या हो गया है? इस ट्वीट के जरिए उन्होंने भी हाल के दिनों में टीम इंडिया के टेस्ट परफॉर्मेंस पर हैरानी जताई है।

टीम इंडिया के पूर्व क्रिकेटर इरफान पठान ने इस हार के बाद कहा कि भारतीय बल्लेबाजों का धैर्य और तकनीक का निराशाजनक प्रदर्शन। टेस्ट टीम में ऐसे खिलाड़ियों की ज़रूरत है जो स्पिन को बेहतर तरीके से खेल सकें।

टीम इंडिया के इस हार पर सबसे बड़ा ट्वीट पूर्व तेज गेंदबाज वेंकटेश प्रसाद ने किया है। टेस्ट क्रिकेट में इंडिया जिस तरह से खेल रहा है, उससे सच में बहुत निराश हूं। ऑल-राउंडर का ये कैसा जुनून है वो समझ से परे है। खासकर तब जब आप उन्हें बॉलिंग नहीं कराते। खराब टैक्टिक्स, खराब स्किल्स, खराब बॉडी लैंग्वेज और घर पर 2 सीरीज में पहले कभी नहीं हारे। उम्मीद है कि टेस्ट मैच कई महीने दूर होने पर यह सब खत्म न हो जाए और यह निगेटिव सोच बदल जाए।

उन्होंने आगे कहा कि टेस्ट में स्पेशलिस्ट खिलाड़ियों को खिलाने की जरूरत है और घरेलू क्रिकेट में रणजी, दिलीप ट्रॉफी के आधार पर खिलाड़ियों को चुना जाना चाहिए। आईपीएल के प्रदर्शन के आधार पर 50 ओवर में चुना जा सकता है, लेकिन टेस्ट क्रिकेट के लिए रणजी और दिलीप ट्रॉफी को पैमाना होना चाहिए। यश राठौड़, शुभम शर्मा, बाबा इंद्रजीत, स्मरण रविचंद्रन ऐसे नाम हैं जिनके बारे में ज्यादातर लोगों ने नहीं सुना होगा क्योंकि वे आईपीएल नहीं खेलते हैं लेकिन घरेलू क्रिकेट में लगातार रन बना रहे हैं।

उन्होंने ये भी लिखा कि आईपीएल परफॉर्मेंस के आधार पर टेस्ट टीम में 40 से कम फर्स्ट क्लास एवरेज वाले खिलाड़ियों को नहीं खिला सकते। इंडियन कंडीशन में ऑलराउंडर को सिर्फ इसलिए खिलाना क्योंकि वह बैटिंग कर सकता है, यह टेस्ट क्रिकेट खेलने का सही तरीका नहीं है। टेस्ट क्रिकेट को स्पेशलिस्ट की जरूरत है। हम सभी इंडियन क्रिकेट से प्यार करते हैं और यह देखकर दुख होता है कि पिछले डेढ़ साल में जो कुछ हो रहा है, वह सिर्फ इस गलत स्ट्रैटेजी को सही साबित करने के लिए किया जा रहा है। इंडियन क्रिकेट के हित में ऐसे ईगो पर काम नहीं किया जा सकता, सच में निराशाजनक।

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