दबाव से वापसी तक: इंडिया ए की जुझारू टीम स्पिरिट ने रचा नया इतिहास

0
69

लखनऊ । भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी इकाना क्रिकेट स्टेडियम शुक्रवार को उस वक्त गवाह बना, जब इंडिया ए ने अपने इतिहास का सबसे बड़ा लक्ष्य हासिल कर दिखाया।

ध्रुव जुरेल की कप्तानी में टीम ने ऑस्ट्रेलिया ए को 5 विकेट से हराकर 412 रन के कठिन लक्ष्य को चेज़ किया और साबित किया कि जुझारूपन और धैर्य से कोई भी चुनौती नामुमकिन नहीं।

मैच की शुरुआत में हालात भारत के खिलाफ थे। जुरेल ने टॉस जीतकर गेंदबाजी का फैसला किया, लेकिन ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों ने इसे गलत साबित कर दिया।

420 रन ठोककर मेहमान टीम ने भारतीय गेंदबाजों को ध्वस्त कर दिया। इसके बाद भारतीय बल्लेबाज भी पहली पारी में 194 रन पर ढेर हो गए। यानी ऑस्ट्रेलिया ए को 226 रनों की विशाल बढ़त मिल गई थी।

यहीं से मैच ने करवट ली। दूसरी पारी में भारतीय गेंदबाजों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया और ऑस्ट्रेलिया ए को 185 रन पर रोक दिया। हालांकि लक्ष्य अब भी 412 रन का था — ऐसा स्कोर जिसे चेज़ करना किसी भी टीम के लिए कठिन माना जाता है।

इस दबाव के बीच केएल राहुल और एन. जगदीशन ने भारत को मजबूत शुरुआत दिलाई। दोनों ने पहले विकेट के लिए 176 रन जोड़े। जगदीशन आउट हो गए, लेकिन राहुल ने हार न मानते हुए पारी को आगे बढ़ाया। चोटिल होकर मैदान से बाहर जाने के बावजूद वह लौटे और 176 रन की नाबाद ऐतिहासिक पारी खेली।

उनका साथ दिया साई सुदर्शन ने, जिन्होंने अपने दमदार शतक से टीम को स्थिरता दी। दोनों की साझेदारी ने भारतीय ड्रेसिंग रूम में जीत की उम्मीदें जगा दीं।

मध्यक्रम में विकेट गिरते रहे, लेकिन कप्तान ध्रुव जुरेल ने दबाव झेलते हुए 56 रन बनाए। उनकी यह पारी टीम के मनोबल को थामे रखने वाली रही। आखिर में नितीश कुमार रेड्डी ने राहुल के साथ नाबाद रहते हुए जीत के औपचारिक कदम पूरे किए।

यह जीत केवल एक आंकड़ा नहीं, बल्कि इंडिया ए के जज्बे और आत्मविश्वास का सबूत है। जिस टीम ने पहली पारी में 194 रन पर हार मान ली थी, वही टीम दूसरी पारी में 412 रन चेज़ करके विजेता बनी

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here