गुवाहाटी : टीम इंडिया पर सीरीज में लगातार दूसरी हार का संकट, फिर नहीं चली बल्लेबाजी

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-दूसरा टेस्ट और सीरीज बचाने को करना होगा कड़ा संघर्ष, दक्षिण अफ्रीका ने नहीं दिया फॉलोऑन

– मार्को जानसेन और साइमन हार्मर ने निकाला भारतीय बल्लेबाजी का जनाजा, भारत पहली पारी में 201 पर ढेर

– यशस्वी जयसवाल, वाशिंगटन सुंदर और कुलदीप यादव के अलावा बाकी बल्लेबाज विकेट पर समय नहीं बिता सके

भारतीय बल्लेबाज अपने ही विकेट पर नौसिखियों सा प्रदर्शन कर रहे हैं, लिहाजा गुवाहाटी में खेले जा रहे सीरीज के दूसरे और अंतिम टेस्ट में भी उसके सिर पर हार का खतरा मंडराने लगा है। दक्षिण अफ्रीका की पहली पारी के 489 रनों के जवाब में भारतीय टीम दूसरे दिन सिर्फ 201 रन बनाकर आउट हो गई। 288 रनों से पिछड़ने के बावजूद दक्षिण अफ्रीका के कप्तान ने भारत को फॉलोऑन नहीं दिया और खुद दूसरी पारी खेलने का फैसला लिया।
दूसरे दिन स्टम्प तक दक्षिण अफ्रीका ने बिना विकेट खोए 26 रन बना लिए थे। दिन का खेल खत्म होने पर रेयान रिकेल्टन 13 जबकि ऐडन मारक्रम 12 रन बनाकर खेल रहे थे।

दक्षिण अफ्रीका के पास अब तक 314 रन की बढ़त

दक्षिण अफ्रीका ने 314 रन की बढ़त हासिल कर ली है। इससे पहले भारत की ओर से पहली पारी में यशस्वी जायसवाल ने सर्वाधिक 58 रन बनाए। टीम इंडिया को फॉलोऑन बचाने के लिए कम से कम 290 की जरूरत थी। लेकिन पूरी टीम पहले ही सिमट गई। दक्षिण अफ्रीका की टीम ने दूसरी पारी में बिना विकेट गंवाए 26 रन बना 314 रन की बढ़त हासिल कर ली है। दिन का खेल खत्म होने पर रेयान रिकेल्टन 13, जबकि ऐडन मारक्रम 12 रन बनाकर खेल रहे थे।

एक समय भारत का स्कोर 1 विकेट पर 95 रन था

भारतीय टीम एक समय पर केएल राहुल का विकेट खोकर 95 रन पर मजबूत दिख रही थी लेकिन इसके बाद लगातार विकेट गिरे और स्कोर 7 विकेट पर 122 रन हो गया। हालांकि वाशिंगटन सुंदर और कुलदीप यादव ने दिखाया कि इस विकेट पर आराम से खड़ा रहा जा सकता है। दोनों ने आठवें विकेट के लिए 208 गेंद में 72 रन जोड़े। वॉशिंगटन सुंदर ने 92 गेंद में 48 रन बनाए। साउथ अफ्रीका के लिए मार्को जानसेन सबसे सफल गेंदबाज रहे, जिन्होंने 48 रन देकर 6 लेते हुए टीम इंडिया को सबसे ज्यादा चोट दी। इसके अलावा साइमन हार्मर ने 3 और केशव महाराज ने 1 विकेट लिया।

बल्लेबाजी क्रम को लेकर टीम इंडिया में प्रयोग जारी

पिछली हार से सबक न सीखते हुए टीम प्रबंधन का अब भी बल्लेबाजी क्रम में प्रयोग जारी है। ध्रुव जुरेल ने अब तक भारत के लिए 8 टेस्ट की 13 पारियों में 457 रन बनाए हैं, जिसमें एक शतक और एक अर्द्ध शतक शामिल है। शतक और अर्धशतक नीचे के क्रम में बल्लेबाजी करते हुए आए हैं। लेकिन इसके बावजूद टीम इंडिया उन्हें टॉप 4 में बल्लेबाजी के लिए मजबूर कर रही है। इस मैच में खाता खोले बिना आउट हुए ध्रुव जुरेल को यहां भी नंबर चार पर बल्लेबाजी के लिए भेज दिया गया। वे सिर्फ 11 गेंदें खेलकर आउट हो गए।

नीचे के क्रम में उतरकर दोनों पारियों में लगाया था शतक

बता दें कि ध्रुव जुरेल ने इस सीरीज से पहले कभी भी अपने प्रथम श्रेणी करियर में नंबर चार पर बल्लेबाजी नहीं की है। इसके बाद भी टीम इंडिया का मैनेजमेंट उन्हें इसी नंबर पर खिला रहा है। ध्रुव जुरेल अभी हाल ही में साउथ अफ्रीका ए खिलाफ दोनों पारियों में शतक लगाने में कामयाब हुए थे, लेकिन तब वे नीचे के क्रम में आए थे। अब देखना है कि टीम इंडिया के लिए वे इसी नंबर पर बल्लेबाजी करते हैं या फिर नीचे आकर कुछ रन बना सकते हैं।

बिना फॉलोऑन दिए भारत में ये दूसरा सबसे बड़ा स्कोर

भारतीय पारी का जब अंत हुआ, तब तक साउथ अफ्रीका के पास 288 रनों की लीड थी। टेम्बा बावुमा के पास मौका था कि वे भारत को फॉलोऑन दे सकते थे, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। खास बात ये है कि बिना फॉलोऑन दिए भारत में ये दूसरा सबसे बड़ा स्कोर है। 2017 में भारत बनाम बांग्लादेश मैच में ये पहली पारी के आधार पर 299 रनों की लीड सबसे बड़ी है।

टेम्बा बावुमा ने इसलिए नहीं दिया भारत को फॉलोऑन?

टेम्बा बावुमा ने जब भारत की पारी समाप्त हुई तो तुरंत अपने कोच से बात की और फिर खुद बल्लेबाजी का फैसला किया। इससे न सिर्फ उन्होंने अपने गेंदबाजों को तुरंत मैदान में उतरने से बचा लिया, बल्कि चौथी पारी में बल्लेबाजी की संभावना को भी खत्म कर दिया। साफ है कि यदि मेजाबन टीम को फॉलोऑन दिया जाता और वह कुछ लीड हासिल कर लेती तो दक्षिण अफ्रीका को चौथी पारी में बल्लेबाजी के लिए उतरना पड़ता। कोलकाता टेस्ट में भारतीय टीम सवा सौ रनों का भी लक्ष्य हासिल नहीं कर पाई थी।

 

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