रविवार को खेले गए ग्रुप-सी मुकाबले में वेस्टइंडीज ने नेपाल को नौ विकेट से हराकर न सिर्फ एकतरफा जीत दर्ज की, बल्कि सुपर आठ में पहुंचने वाली पहली टीम भी बन गई। यह जीत टीम के संतुलित प्रदर्शन की मिसाल रही, जहां गेंदबाजों ने नींव रखी और बल्लेबाजों ने उसे मजबूती से अंजाम तक पहुंचाया।
अनुभवी ऑलराउंडर जेसन होल्डर की कप्तानी में वेस्टइंडीज के गेंदबाजों ने शुरुआत से ही शिकंजा कस दिया। होल्डर ने चार ओवर में 27 रन देकर चार विकेट झटके और नेपाल की पारी को कभी संभलने नहीं दिया।
मैथ्यू फोर्ड ने भी किफायती गेंदबाजी करते हुए चार ओवर में सिर्फ 10 रन दिए और एक अहम विकेट लिया। नेपाल की टीम 20 ओवर में आठ विकेट पर 133 रन ही बना सकी।
नेपाल के लिए एकमात्र बड़ी पारी दीपेंद्र सिंह ने खेली। उन्होंने 47 गेंदों में 58 रन बनाए, जिसमें तीन चौके और तीन छक्के शामिल थे। आखिरी ओवरों में सोमपाल कर्मी ने 15 गेंदों पर नाबाद 26 रन जोड़कर स्कोर को सम्मानजनक बनाया।
हालांकि, 11वें ओवर तक 46 रन पर पांच विकेट गिर जाने से नेपाल पहले ही बैकफुट पर आ चुका था।
134 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए वेस्टइंडीज ने आक्रामक शुरुआत की। हालांकि ब्रैंडन किंग जल्दी आउट हो गए, लेकिन इसके बाद कप्तान शाई होप और शिमरोन हेटमायर ने दूसरे विकेट के लिए 91 रन की अटूट साझेदारी कर मैच पूरी तरह अपने पक्ष में कर लिया।
होप ने 44 गेंदों में नाबाद 61 रन बनाए, जिसमें पांच चौके और तीन छक्के शामिल थे। यह उनका टी20 अंतरराष्ट्रीय करियर का 10वां अर्धशतक रहा।
हेटमायर ने 32 गेंदों में नाबाद 46 रन ठोके और नेपाल के गेंदबाजों को वापसी का कोई मौका नहीं दिया। वेस्टइंडीज ने 28 गेंद शेष रहते लक्ष्य हासिल कर लिया।
यह वेस्टइंडीज की लगातार तीसरी जीत है और टीम छह अंकों के साथ ग्रुप-सी में शीर्ष पर बनी हुई है। वहीं इंग्लैंड चार अंकों के साथ दूसरे स्थान पर है। नेपाल की लगातार तीसरी हार के साथ उसका सुपर आठ का सफर यहीं समाप्त हो गया।










