कथिका में कभी घर घर के हीरो रहे ‘नन्हे ‘ ने बताया ‘मौसम यही है’

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-… ताकि हम अपनी संस्कृति और जड़ों से जुड़े रह सकें, कविता को नई पीढ़ी तक पहुँचाना बहुत जरूरी

– कविता को इस तरह ज़िंदा रखने की कोशिश वाकई काबिले-तारीफ

नई दिल्ली | ‘मौसम यही है’ सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि यह एक एहसास था—यह याद दिलाने वाला कि जब शब्द दिल से निकलते हैं, तो वे सीधे दिल तक पहुँचते हैं।
दिल्ली शनिवार की शाम पूरी तरह हिंदी कविता के नाम रही, जब प्रख्यात अभिनेता, एंकर और सांस्कृतिक संवाहक धारावाहिक ‘हम लोग’ में ‘नन्हे’ के रूप में देशभर में लोकप्रिय हुए अभिनव चतुर्वेदी विशेष काव्य प्रस्तुति ‘मौसम यही है’ ने शब्दों को पुनः उनकी गरिमा, गहराई और संवेदना के साथ प्रतिष्ठित किया। डिजिटल युग के शोर, तात्कालिकता और सतही संवाद के बीच इस प्रस्तुति ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि हिंदी कविता आज भी समाज की चेतना, विचार और आत्मा को दिशा देने की सामर्थ्य रखती है। कविताओं की सशक्त प्रस्तुति ने दर्शकों को केवल कविता सुनने का अनुभव ही नहीं दिया, बल्कि शब्दों के माध्यम से समय, समाज और संवेदना से गहरे स्तर पर जोड़ दिया।

यह कार्यक्रम पुरानी दिल्ली के प्रसिद्ध कल्चरल सेंटर ‘कथिका’ में आयोजित किया गया। आयोजन को टीडीआई के रविन्द्र तनेजा और धारावाहिक ‘साई’ में मशहूर साई बाबा की भूमिका निभाने वाले, साई पर कई किताबें लिख चुके औशिम खेत्रपाल के सहयोग से संभव बनाया गया। कविता पाठ के साथ सजीव संगीत की प्रस्तुति ने माहौल को और भी भावुक और प्रभावशाली बना दिया। शब्द, सुर और संगीत ने मिलकर दर्शकों को एक अलग ही अनुभव दिया, जिसे लोग देर तक याद रखेंगे।

कविता सुनहरे दौर को जिंदा करने की जरूरत
कार्यक्रम में बीजेपी कल्चरल सेल की हेड और राष्ट्रीय प्रवक्ता रोचिका अग्रवाल सहित देश के कई जाने-माने लोग मौजूद रहे। टीडीआई के हेड रविन्द्र तनेजा ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम लगातार होते रहने चाहिए, ताकि हम अपनी संस्कृति और जड़ों से जुड़े रह सकें। उन्होंने कहा कि कविता को नई पीढ़ी तक पहुँचाना आज बहुत जरूरी है और ‘मौसम यही है’ जैसे कार्यक्रम इस दिशा में एक अच्छी शुरुआत हैं।

साई पर कई किताब लिख चुके और हाल ही मे साई सतचरित्र किताब लिखने वाले मशहूर अभिनेता और लेखक औशिम खेत्रपाल ने कहा कि आज के दौर में कविता को इस तरह ज़िंदा रखने की कोशिश वाकई काबिले-तारीफ है। उन्होंने कहा कि अभिनव चतुर्वेदी एक बेहतरीन कलाकार हैं और ‘हम लोग’ में निभाया गया उनका किरदार ‘नन्हे’ आज भी लोगों के दिलों में बसा हुआ है। औशिम ने यह भी कहा कि अभिनव को ऐसे और कार्यक्रम करने चाहिए, ताकि कविता आम लोगों तक पहुँचती रहे।

कार्यक्रम की सूत्रधार नंदिनी चतुर्वेदी ने बताया कि ‘मौसम यही है’ की कामयाबी ने उन्हें और आगे बढ़ने की ताकत दी है। उन्होंने कहा कि बदलते समय में जो कविता पीछे छूटती जा रही है, उसे फिर से उसका सही सम्मान दिलाना उनका उद्देश्य है और आने वाले समय में ऐसे और कार्यक्रम किए जाएंगे। कलाकारों और कॉर्पोरेट जगत से जुड़े लोगों की मौजूदगी ने यह साफ कर दिया कि आज भी समाज में साहित्य और संस्कृति के लिए जगह है।

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