टी20 विश्व कप में मौजूदा चैंपियन भारत शनिवार को अपने अभियान की शुरुआत करेगा, लेकिन इस बार मुकाबला सिर्फ जीत से आगे जाकर दबदबे को कायम रखने की चुनौती भी लेकर आया है।
सितारों से सजी भारतीय टीम अमेरिका के खिलाफ मैदान पर उतरेगी, जहां एक ओर खिताब बचाने का लक्ष्य होगा तो दूसरी ओर तेजी से उभर रही अमेरिकी टीम की चुनौती भी सामने रहेगी।
रोहित शर्मा और विराट कोहली के टी20 प्रारूप से हटने के बाद भी भारतीय टीम का संतुलन कमजोर नहीं पड़ा है। उलटे टीम ने पिछले एक साल में शानदार निरंतरता दिखाई है और नौ अंतरराष्ट्रीय श्रृंखलाएं अपने नाम की हैं, जिनमें एशिया कप की जीत भी शामिल है। यही प्रदर्शन टीम को इस विश्व कप में सबसे मजबूत दावेदारों में शामिल करता है।
भारतीय टीम की बल्लेबाजी इस बार युवा जोश और अनुभव के मिश्रण पर टिकी है। कप्तान सूर्यकुमार यादव का बल्ला लंबे समय तक शांत रहने के बाद फिर लय में लौट आया है, जिससे टीम का मध्यक्रम काफी मजबूत नजर आ रहा है।
विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन ने दमदार वापसी करते हुए टीम में नई ऊर्जा भरी है, जबकि अभिषेक शर्मा से भी आक्रामक शुरुआत की उम्मीद रहेगी। तिलक वर्मा, हार्दिक पंड्या, शिवम दुबे और अक्षर पटेल जैसे खिलाड़ी भारतीय बल्लेबाजी को गहराई देते हैं, वहीं रिंकू सिंह फिनिशर की भूमिका में अहम साबित हो सकते हैं।
गेंदबाजी में जसप्रीत बुमराह टीम के सबसे बड़े हथियार हैं और उनके कार्यभार को विश्व कप को ध्यान में रखते हुए सावधानी से संभाला गया है।
नई गेंद के साथ अर्शदीप सिंह उनका साथ देंगे, जबकि हर्षित राणा अतिरिक्त विकल्प के रूप में मौजूद हैं। स्पिन विभाग में कुलदीप यादव और वरुण चक्रवर्ती की जोड़ी भारत को विविधता और नियंत्रण प्रदान करती है। हालांकि मैच के दौरान ओस की संभावित भूमिका टीमों की रणनीति तय करने में अहम हो सकती है।
भारतीय चयनकर्ताओं ने इस टूर्नामेंट के लिए परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए संतुलित टीम चुनी है। शुभमन गिल और यशस्वी जायसवाल जैसे बड़े नाम टीम में शामिल नहीं हैं, जबकि संजू सैमसन को अंतिम एकादश में जगह मिलना कठिन माना जा रहा है। इससे स्पष्ट है कि टीम प्रबंधन मौजूदा फॉर्म और संतुलन को प्राथमिकता दे रहा है।
दूसरी ओर अमेरिका की टीम को कमतर आंकना भारत के लिए जोखिम भरा साबित हो सकता है। सह-मेजबान रहते हुए पिछले टी20 विश्व कप में अमेरिका ने पाकिस्तान को हराकर सबको चौंकाया था और भारत को भी कड़ी टक्कर दी थी।
पिछले एक साल में टीम का प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली रहा है और उसने नौ में से आठ मुकाबले अपने नाम किए हैं। विश्व कप से पहले श्रीलंका में आयोजित तीन सप्ताह के प्रशिक्षण शिविर ने भी टीम की तैयारियों को मजबूत किया है।
अमेरिकी कप्तान मोनांक पटेल बल्लेबाजी में लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं और उन्हें साइतेजा मुक्कमल्ला तथा मिलिंद कुमार का अच्छा साथ मिल रहा है।
गेंदबाजी में सौरभ नेत्रवलकर, हरमीत सिंह और शुभम रंजने टीम के अहम स्तंभ हैं। अमेरिकी टीम की खासियत यह भी है कि कई खिलाड़ी भारतीय क्रिकेट संरचना से जुड़े रहे हैं, जिससे उन्हें भारतीय खिलाड़ियों की शैली और मानसिकता की बेहतर समझ है।
न्यूजीलैंड के खिलाफ अभ्यास मैच में अमेरिका ने सात रन से हार झेली थी, लेकिन उस मुकाबले में उसने मजबूत प्रदर्शन कर अपने इरादे साफ कर दिए थे। ऐसे में भारत के लिए यह मुकाबला आसान नहीं रहने वाला।
मौजूदा चैंपियन होने के नाते भारत पर अपेक्षाओं का दबाव जरूर रहेगा, लेकिन संतुलित टीम संयोजन और हालिया शानदार प्रदर्शन उसे मजबूत स्थिति में खड़ा करता है। वहीं अमेरिका इस मुकाबले को इतिहास रचने के अवसर के रूप में देखेगा, जिससे यह भिड़ंत रोमांचक होने की पूरी संभावना है।










