भारत ने फाइनल में दक्षिण कोरिया को 4-1 से करारी शिकस्त दी
भारत ने एकतरफा साबित हुए फाइनल में दक्षिण कोरिया को 4-1 से करारी शिकस्त देने के साथ ही तीसरी बार एशिया कप हॉकी का खिताब अपने नाम कर लिया। यही नहीं, भारत ने इस खिताबी जीत के साथ वर्ल्ड कप के लिए भी क्वालीफाई कर लिया। कोरियाई टीम भारतीय टीम के सामने कहीं भी टिक नहीं पाई। पूरे टूर्नामेंट में भारतीय टीम ने एक भी मैच नहीं हारा।
भारतीय टीम की मुकाबले में धमाकेदार शुरुआत हुई, जब मैच शुरू होने के चंद सेकेंड के अंदर ही सुखजीत सिंह ने गोल कर दिया और भारतीय टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी। इसके बाद भारतीय प्लेयर्स ने आक्रामक रुख अपनाया और ज्यादातर समय गेंद को अपने पास रखा। साउथ कोरिया की अनुभवी टीम भी भारत के आगे दबाव में दिखी। जुगराज सिंह के पास पेनाल्टी कॉर्नर से गोल करने का मौका था, लेकिन वह चूक गए।
दूसरे क्वार्टर में दिलप्रीत सिंह ने 27वें मिनट में गोल किया। इससे भारतीय टीम में नई ऊर्जा का संचार हुआ और उसकी लीड दोगुनी हो गई। इस गोल के बाद भी भारत ने अटैक करना जारी रखा। दूसरी तरफ साउथ कोरिया के प्लेयर्स ने गोल करने के मौके बनाए, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली।
भारतीय खिलाड़ी संजय को ग्रीन कार्ड मिला था। इसी वजह से तीसरे क्वार्टर में भारतीय हॉकी टीम 10 प्लेयर्स के साथ उतरी। फिर इसी क्वार्टर के आखिरी में भारत के लिए दिलप्रीत सिंह ने गोल किया, जो मैच में उनका दूसरा गोल था। फिर चौथे क्वार्टर में भारत के लिए अमित रोहिदास ने 49वें मिनट में गोल दागा और भारत की बढ़त 4-0 की कर दी।
कोरियाई प्लेयर्स मैच में बिल्कुल थके हुए नजर आए और अच्छा नहीं कर सके। 50वें मिनट में उनके लिए सोन दियान ने एकमात्र गोल किया। अंत में भारत ने 4-1 से मैच अपने नाम कर लिया और वर्ल्ड कप का टिकट भी कटा लिया।










