मैनचेस्टर : पिछले मैच की हार और प्रमुख खिलाड़ियों की चोटों से जूझने के बावजूद भारतीय टीम बुधवार से इंग्लैंड के खिलाफ शुरू होने वाले चौथे टेस्ट में पूरी ताक़त झोंकने के इरादे से मैदान में उतरेगी।
इस मुकाबले में टीम के पास न सिर्फ़ सीरीज़ बराबर करने का मौका होगा, बल्कि ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान पर पहली बार जीत दर्ज करने का भी सुनहरा अवसर रहेगा।
हालांकि, मौसम ने भारत की रणनीतियों को लेकर चिंता बढ़ा दी है। लगातार हो रही बारिश और अगले पांच दिनों तक हल्की बूंदाबांदी के पूर्वानुमान ने पिच पर तेज गेंदबाज़ों की भूमिका को अहम बना दिया है।
भारत को अपनी अब तक की रणनीति में बदलाव करना पड़ सकता है, क्योंकि ऑलराउंडर नीतीश रेड्डी घुटने की चोट के चलते सीरीज़ से बाहर हो चुके हैं।
लॉर्ड्स टेस्ट में चोटिल हुए विकेटकीपर ऋषभ पंत की वापसी से टीम को राहत मिली है। कप्तान शुभमन गिल ने पुष्टि की है कि पंत इस टेस्ट में विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी संभालेंगे।
इंग्लैंड 2-1 से आगे, भारत के लिए हर हाल में जीत जरूरी, बारिश बनी चिंता का विषय
भारत की ओर से जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज तेज गेंदबाज़ी का नेतृत्व करेंगे, जबकि आकाश दीप की अनुपस्थिति में अंशुल कंबोज या प्रसिद्ध कृष्णा को मौका मिल सकता है।
भारत अब तक मैनचेस्टर में एक भी टेस्ट मैच नहीं जीत पाया है। इस मैदान पर उसने नौ टेस्ट खेले हैं, जिनमें चार में हार और पाँच ड्रॉ रहे हैं। टीम इंडिया ने आखिरी बार यहां 2014 में टेस्ट खेला था, जबकि इस मैदान पर भारत का आखिरी शतक 1990 में सचिन तेंदुलकर ने लगाया था।
अगर भारत को सीरीज़ में बने रहना है, तो बल्लेबाज़ी में निरंतरता बेहद ज़रूरी होगी। कप्तान शुभमन गिल अब तक 600 से अधिक रन बना चुके हैं, लेकिन तीसरे टेस्ट में विफल रहे।
केएल राहुल ने अब तक सबसे भरोसेमंद प्रदर्शन किया है और टीम को उनसे बड़ी पारी की उम्मीद होगी। यशस्वी जायसवाल को जोफ्रा आर्चर की गति से पार पाने के लिए बेहतर तैयारी के साथ उतरना होगा।
गेंदबाज़ी में जडेजा और सुंदर जैसे ऑलराउंडर्स के अनुभव पर टीम को भरोसा है, लेकिन उन्हें विकेट भी निकालने होंगे। वहीं करुण नायर को मौका मिलता है तो यह उनके लिए खुद को साबित करने का सुनहरा अवसर होगा।
इंग्लैंड की टीम में एक बदलाव हुआ है और कप्तान बेन स्टोक्स की अगुवाई में इंग्लैंड ने चोटिल शोएब बशीर की जगह लियाम डॉसन को शामिल किया है, जो 2017 के बाद पहली बार टेस्ट टीम का हिस्सा बनेंगे।
अब सबकी निगाहें ओल्ड ट्रैफर्ड के आसमान और मैदान पर टिकी हैं—जहां बादल बरस सकते हैं, लेकिन भारत को हर हाल में अपनी जीत की चमक बिखेरनी होगी।
संभावित भारतीय एकादश: शुभमन गिल (कप्तान), ऋषभ पंत (उपकप्तान और विकेटकीपर), यशस्वी जयसवाल, केएल राहुल, करुण नायर, साई सुदर्शन, रवींद्र जडेजा, वॉशिंगटन सुंदर, शार्दुल ठाकुर, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज / अंशुल कंबोज / प्रसिद्ध कृष्णा
संभावित इंग्लैंड एकादश : जैक क्रॉली, बेन डकेट, ओली पोप (उपकप्तान), जो रूट, हैरी ब्रुक, बेन स्टोक्स (कप्तान), जेमी स्मिथ (विकेटकीपर), लियाम डॉसन (शोएब बशीर की जगह), क्रिस वोक्स, ब्रायडन कार्स, जोफ्रा आर्चर










