भारत की महिला हॉकी टीम ने एशिया कप 2025 के फाइनल में प्रवेश कर लिया है, जहां उसका मुकाबला मेजबान चीन की टीम से होगा। फाइनल 14 सितम्बर को खेला जाएगा। भारतीय टीम शनिवार को अपने अंतिम सुपर-4 मैच में जापान पर बढ़त लेने के बावजूद 1-1 से ड्रॉ खेलने पर मजबूर हो गई। लेकिन इसके बाद चीन ने सुपर-4 राउंड में दक्षिण कोरिया को कड़े संघर्ष के बाद 1-0 से हराकर न सिर्फ खुद फाइनल में जगह बना ली, बल्कि भारतीय टीम के फाइनल में पहुंचने का रास्ता भी साफ कर दिया।
चीन ने सुपर-4 स्टेज में भारत को हराकर पहले ही फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली थी। इसके बाद भारत ने जापान से ड्रॉ खेला, जिससे उसके फाइनल में जाने की उम्मीदें चीन और कोरिया के बीच होने वाले मैच के नतीजे पर टिक गईं। चीन और कोरिया के बीच हुए मुकाबले में कड़ी टक्कर हुई, लेकिन अंत मैच का नतीजा मेजबान टीम के पक्ष में रहा और इसके साथ ही भारतीय टीम को भी फाइनल का टिकट मिल गया।
जापान के खिलाफ मैच में भारत ने शानदार शुरुआत की। ब्यूटी डुंग डुंग ने सातवें मिनट में मैदानी गोल करके टीम को बढ़त दिला दी। लेकिन जापान ने वापसी की और शेहो कोबायाकावा (58वें मिनट) ने हूटर बजने से दो मिनट पहले ही बराबरी का गोल दाग दिया। यह इस टूर्नामेंट में दोनों टीमों के बीच दूसरा ड्रॉ था। इससे पहले पूल चरण का मुकाबला भी 2-2 से बराबरी पर छूटा था। जापान के खिलाफ जीत से भारत सीधे मेजबान चीन के खिलाफ फाइनल में पहुंच जाता, लेकिन ड्रॉ ने फाइनल में जाने का इंतजार बढ़ा दिया। इसके बाद भारत को फाइनल में जगह बनाने के लिए चीन और कोरिया के बीच होने वाले मैच के नतीजे का इंतजार करना पड़ा।
सुपर-4 स्टेज में चीन 3 जीत से 9 अंक के साथ सुपर-4 पॉइंट्स टेबल में शीर्ष पर रहा। भारत एक जीत, एक हार और एक ड्रॉ से चार पॉइंट बटोरने में सफल रहा और दूसरे स्थान पर फिनिश किया। जापान ने तीसरे जबकि साउथ कोरिया चौथे स्थान पर फिनिश किया।










