– प्लेयर ऑफ द सीरीज दीप्ति शर्मा ने अर्द्धशतक के साथ गेंदबाजी में भी पंजा खोला, प्लेयर ऑफ द मैच शेफाली वर्मा ने भी ऑलराउंड प्रदर्शन ने भारत को चैम्पियन बनवाया
– फाइनल में भारत ने दक्षिण अफ्रीका को 52 रन से हराकर 52 साल के इतिहास में पहली बार वर्ल्ड कप उठाया
– सलामी बल्लेबाज कप्तान लॉरा वुल्फार्ट के शतक पर फिरा पानी
भारतीय महिला क्रिकेट टीम के लिए यह पल कुछ वैसा ही है, जैसा 25 जून 1983 में कपिलदेव की टीम के लिए था। भारत ने तीन बार फाइनल में पहुंचने के बाद अंतत: विश्व कप का खिताब जीत लिया। नवी मुंबई के डीवाई पाटिल स्टेडियम में भारत ने फाइनल में दक्षिण अफ्रीका को 52 रनों से हराकर धमाकेदार अंदाज में वर्ल्ड कप पर कब्जा जमाया। इस टूर्नामेंट में 20 विकेट लेने वाली प्लेयर ऑफ द सीरीज दीप्ति शर्मा ने न सिर्फ 58 रन बनाए बल्कि एक रन आउट करने के अलावा 39 रन देकर 5 विकेट भी लिए। प्लेयर ऑफ द मैच शेफाली वर्मा ने शानदार 87 रनों की पारी खेली और फिर दो विकेट झटक भारत की जीत में मुख्य भूमिका निभाई। भारतीय महिला टीम ने 2005 और 2017 में फाइनल में प्रवेश किया था लेकिन खिताब उससे दूर रहा था लेकिन 2 नवम्बर 2025 को उसने तीसरे प्रयास में हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में वह कर दिखाया जिसका हर खिलाड़ी का सपना होता है।
फाइनल मुकाबले में बारिश के चलते टॉस में देरी हुई जिसमें दक्षिण अफ्रीकी टीम की कप्तान ने टॉस जीतने के बाद पहले गेंदबाजी करने का फैसला लिया है। भारतीय महिला टीम ने फाइनल मुकाबले में पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर्स में 7 विकेट के नुकसान पर 298 रनों का स्कोर बनाया है। जवाब में दक्षिण अफ्रीका की टीम 246 रनों पर आउट हो गई। इंडिया की तरफ से शैफाली वर्मा ने जहां 87 रनों की पारी खेली तो वहीं दीप्ति शर्मा के बल्ले से 58 रनों की पारी देखने को मिली। साउथ अफ्रीका की तरफ से गेंदबाजी में अयाबोंगा खाका ने सबसे ज्यादा तीन विकेट हासिल किए।
299 रनों का टारगेट पकड़ने निकलीं दक्षिण अफ्रीका के लिए सलामी बल्लेबाज और कप्तान वुल्फार्ट ने अकेले दम टीम को जीत दिलाने के लिए संघर्ष किया। इस दौरान उनको 86 रनों पर मिड विकेट पर दीप्ति शर्मा ने जीवन दान भी दिया। कुछ पल ऐसे भी आए जब लगा कि दक्षिण अफ्रीका मैच का रुख बदल सकती है, खास कर तब जब वुल्फार्ट और डर्कसन के बीच अर्द्धशतकीय साझेदारी खतरनाक होती जा रही थी। लेकिन दीप्ति शर्मा की यॉर्कर ने डर्कसन (35) की पारी का अंत कर दिया। यह पारी का 40वां ओवर था।
पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने शेफाली और दीप्ति की फिफ्टी के दम पर साउथ अफ्रीका के सामने 299 रनों का लक्ष्य रखा। जवाब में लॉरा वोलवार्ट (कप्तान), और ताजमिन ब्रिट्स की जोड़ी मैदान में पहुंची, दोनों ने सधी हुई शुरुआत की। 9वें ओवर में साउथ अफ्रीका का स्कोर 50 के पार पहुंच गया। लेकिन 10वें ओवर में साउथ अफ्रीका को पहला झटका लगा, जब अमनजोत कौर ने ब्रिट्स को रन आउट किया। ब्रिट्स के बल्ले से 23 रन आए। 12वें ओवर में श्री चरणी ने साउथ अफ्रीका को दूसरा झटका दिया, जब बॉश बिना खाता खोले आउट हो गईं।
18 ओवर में साउथ अफ्रीका का स्कोर 100 के पार पहुंचा। लेकिन 21वें ओवर में शेफाली ने बड़ी साझेदारी तोड़ी और लुस को चलता किया। लुस के बल्ले से 25 रन आए। 23वें ओवर में शेफाली ने फिर कमाल किया और मारिजाने कैप को चलता किया। कैप के बल्ले से केवल 4 रन आए। 30 वें ओवर में दीप्ति शर्मा ने साउथ अफ्रीका को 5वां झटका दिया। जाफ्टा केवल 16 रन बनाकर आउट हो गईं।
इसके बाद 40वें ओवर में साउथ अफ्रीका को दीप्ति शर्मा ने बड़ा झटका दिया। एनेरी डर्कसन 35 रन बनाकर आउट हो गईं। 42वें ओवर में दीप्ति शर्मा ने भारत को सबसे बड़ी सफलता दिलाई जब उन्होंने साउथ अफ्रीकी कप्तान लॉरा का विकेट झटका। लॉरा शतक लगाकर आउट हुईं। वह 98 गेंदों में 11 चौके और एक सिक्स की मदद से 101 रन बनाकर आउट हुईं। अमनजोत कौर ने उनका शानदार कैच लपका। इसी ओवर में दीप्ति ने ट्रायोन का भी विकेट झटका और जीत भारत के पाले में ला दी।
इससे पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत बेहद शानदार रही। पारी का आगाज शेफाली वर्मा और स्मृति मंधाना ने किया। दोनों की जोड़ी साउथ अफ्रीकी गेंदबाजों पर भारी दिखी। 7वें ओवर में ही भारत ने 50 के आंकड़े को पार कर लिया। 17.2 ओवरों में 100 रन पूरे हुए। मंधाना 45 रन बनाकर आउट हुई। भारत को पहला झटका लगा। इसके बाद जेमिमा और शेफाली ने मोर्चा संभाला और दोनों ने 25वें ओवर में भारत का स्कोर 150 के पार पहुंचा दिया। 28वें ओवर में भारत को दूसरा झटका लगा जब शेफाली वर्मा 87 रनों की पारी खेलकर आउट हुईं। इसके बाद जेमिमा भी 30वें ओवर में आउट हो गईं। जेमिमा ने 24 रनों की पारी खेली।
35 ओवर के बाद भारत का स्कोर 200 के पार पहुंचा। लेकिन 40वें ओवर में भारत को चौथा झटका लगा जब कप्तान हरमनप्रीत 20 रन बनाकर आउट हो गईं। 44वें ओवर में भारत को 5वां झटका लगा जब अमनजोत कौर का विकेट गिरा. कौर ने 12 रन बनाए। लेकिन इसके बाद दीप्ति शर्मा और ऋचा घोष ने शानदार बल्लेबाजी की। दीप्ति ने फिफ्टी भी लगाई। लेकिन 49वें ओवर में ऋचा घोष का विकेट गिरा। घोष ने 34 रन बनाए। भारत ने साउथ अफ्रीका के सामेन 299 रनों का लक्ष्य रखा। दीप्ति ने 58 रन बनाए।
वैसे इस महिला वर्ल्ड कप को ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बाद एक नया चैम्पयिन मिलने वाला है। भारतीय टीम 2005 और 2017 के बाद फाइनल में पहुंची वहीं साउथ अफ्रीकी टीम का यह पहला फाइनल है। 1998 के फाइनल में भारत को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 98 रनों से हार का सामना करना पड़ा था, जबकि 2017 के फाइनल में इंग्लैंड ने भारत को नौ रनों से हराया था। 1997 से 2025 के बीच दोनों टीमों के बीच 35 मैच खेले गए हैं। भारत ने 21, साउथ अफ्रीका ने 13 जीते, जबकि 1 मैच बेनतीजा रहा।










