इंग्लैंड ने टी20 विश्व कप में सुपर आठ के अहम मुकाबले में श्रीलंका को 51 रन से हराकर टूर्नामेंट में दमदार वापसी की। पहले बल्लेबाजी में लड़खड़ाने के बाद मध्यक्रम की सूझबूझ और फिर गेंदबाजों के सटीक प्रहार ने मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया। 146 रन के लक्ष्य का बचाव करते हुए इंग्लैंड ने श्रीलंका को 16.4 ओवर में 95 रन पर समेट दिया।
इंग्लैंड की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही और शीर्ष क्रम दबाव में दिखा। ऐसे में फिल सॉल्ट ने जिम्मेदारी संभाली। उन्होंने 40 गेंदों में 62 रन (6 चौके, 2 छक्के) की तेजतर्रार पारी खेलकर टीम को प्रतिस्पर्धी स्कोर तक पहुंचाया। एक्स्ट्रा कवर और फाइन लेग पर लगाए गए उनके शॉट्स ने रनगति बनाए रखी।
श्रीलंका की ओर से बाएं हाथ के स्पिनर दुनिथ वेलालगे ने 26 रन देकर तीन विकेट झटके और इंग्लैंड को 146 रन पर रोकने में अहम भूमिका निभाई। पावरप्ले में श्रीलंका ने दबाव बनाते हुए प्रमुख बल्लेबाजों को जल्दी पवेलियन भेजा।
लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंका की टीम को इंग्लैंड के तेज और स्पिन आक्रमण ने शुरुआती झटके दिए। जोफ्रा आर्चर और विल जैक्स ने पहले छह ओवर में पांच विकेट झटककर मुकाबले को एकतरफा बना दिया।
आर्चर ने पथुम निसांका और कमिल मिशारा को आउट कर शुरुआती बढ़त दिलाई, जबकि जैक्स ने कुसल मेंडिस, पवन रत्नायके और कप्तान हैरी ब्रूक के विकेट लेकर श्रीलंका की कमर तोड़ दी। जैक्स ने चार ओवर में 22 रन देकर तीन विकेट लिए और ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ बने।
स्पिन विभाग में लियाम डॉसन और आदिल रशीद (दो-दो विकेट) ने भी शानदार सहयोग दिया। वहीं कप्तान दासुन शनाका ने 24 गेंदों में 30 रन (1 चौका, 2 छक्के) बनाकर संघर्ष जरूर किया, लेकिन रशीद की गेंद पर उनके आउट होते ही श्रीलंका की उम्मीदें खत्म हो गईं। पूरी टीम 95 रन पर ढेर हो गई।
इस जीत ने इंग्लैंड को सुपर आठ में नई ऊर्जा दी है। हालांकि जोस बटलर का फॉर्म अभी चिंता का विषय बना हुआ है और टीम प्रबंधन अगले मैच में बेन डकेट जैसे बल्लेबाजों को मौका देने पर विचार कर सकता है।










