– डिफेंडिंग चैम्पियन दक्षिण अफ्रीका ने भारत को दूसरी पारी में 93 रन पर समेट पहला टेस्ट 30 रन से जीता
-दक्षिण अफ्रीका ने डेढ़ दशक के बाद भारत को उसी के घर में टेस्ट मैच में हराया
कोलकाता के ईडन गार्डन्स टेस्ट में टीम इंडिया टर्नर विकेट बनवाकर खुद ही फंस गई और सिर्फ आठ सेशन तक चले पहले टेस्ट में दक्षिण अफ्रीका से पहली पारी में लीड लेने के बावजूद 30 रनों से हारकर दो टेस्ट मैचों की सीरीज में 0-1 से पिछड़ गई। भारत के दोनों पारियों में गिरे 18 में से 12 विकेट मेहमान टीम के स्पिनरों ने लिए। भारत के लिए पहली पारी में सिर्फ 3 गेंदें खेलने के बाद इंजरी का शिकार होने वाले शुभमन गिल दूसरी पारी में भी बल्लेबाजी नहीं कर पाए।
दक्षिण अफ्रीका ने डेढ़ दशक के बाद भारत को उसी के घर में टेस्ट मैच में हराया है। इससे पहले दक्षिण अफ्रीका ने भारत में आखिरी बार टेस्ट मैच साल 2010 में नागपुर में जीता था। उस मैच को दक्षिण अफ्रीका ने एक पारी और 6 रन से अपने नाम की थी। उस वक्त एमएस धोनी टीम इंडिया के कप्तान थे। इसके साथ ही साउथ अफ्रीका की टीम ने ईडन गार्डन्स पर सबसे छोटे स्कोर को डिफेंड कर इतिहास रच दिया। इससे पहले इस मैदान पर डिफेंड किया गया सबसे कम स्कोर 192 रन का था। यह स्कोर 1992 में भारत ने इंग्लैंड के खिलाफ डिफेंड किया था।
टेंबा बवुमा की अगुवाई वाली दक्षिण अफ्रीका की टीम ने भारत के सामने जीत के लिए 124 रनों का लक्ष्य रखा था लेकिन भारतीय टीम इस छोटे से स्कोर को भी न हासिल कर सकी और पूरी टीम सिर्फ 93 रनों पर ढेर हो गई। गर्दन में समस्या के चलते कप्तान शुभमन गिल के दूसरी पारी में भी बल्लेबाजी के लिए न उतरने की पहले ही घोषणा कर दी गई थी, इसलिए भारत के पास लक्ष्य प्राप्त करने के लिए नौ विकेट ही थे।
वॉशिंगटन सुंदर ने 92 गेंदों पर 31 रनों की पारी जरूर खेली, मगर दूसरे छोर से उन्हें किसी का साथ नहीं मिला। मैच के अंतिम क्षणों में अक्षर पटेल ने केशव महाराज के ओवर में दो छक्के और एक चौका लगाकर अचानक मैच को जिंदा कर दिया था लेकिन फिर इसी ओवर की पांचवीं और छठवीं गेंद पर केशव महाराज ने पहले अक्षर पटेल और फिर नए बल्लेबाज मोहम्मद सिराज के विकेट चटकाकर मैच खत्म कर दिया।
दक्षिण अफ्रीका के लिए जीत के हीरो रहे साइमन हार्मर रहे ने दोनों पारियों में कुल मिलाकर 8 विकेट हासिल किए। उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच घोषित किया गया। दक्षिण अफ्रीका ने पहली पारी में 159 रन बनाए थे, जिसके जवाब में टीम इंडिया ने 30 रनों की बढ़त हासिल करते हुए 189 रन बनाए थे। दक्षिण अफ्रीका की दूसरी पारी 153 पर सिमट गई थी।
तीसरे दिन का खेल दक्षिण अफ्रीका ने 93/7 के स्कोर से शुरू किया। टेंबा बावुमा ने 55 रनों की शानदार पारी खेली थी। इस मैच में बल्लेबाजी करना कितना कठिन था, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि अर्द्धशतकीय पारी खेलने वाले दक्षिण अफ्रीका के कप्तान टेम्बा बवूमा (नाबाद 55) इस मैच में 40 या उससे अधिक रनों का स्कोर बनाने वाले पहले बल्लेबाज रहे।
दरअसल आठवें विकेट के लिए बवूमा और कार्बिन बॉश (25) के बीच 44 रनों की साझेदारी टर्निंग प्वाइंट साबित हुई। इस साझेदारी ने दक्षिण अफ्रीका की बढ़त को 100 रनों के पार पहुंचा दिया। उन्होंने इस साझेदारी की बदौलत तीसरे दिन के पहले घंटे के खेल में ही वापसी कर ली थी। मेहमान टीम ने चौथी पारी में भारत को बल्लेबाजी कराने के लिए 124 रन का एक कठिन लक्ष्य तय कर दिया था। टीम इंडिया के बल्लेबाजी के लिए कठिन इस विकेट पर लक्ष्य हासिल करने से 30 रन दूर रह गए।
भारत को जीत के लिए 124 रनों की लक्ष्य मिला था। लेकिन उसकी दूसरी पारी की शुरुआत बहुत खराब रही। पहला विकेट शून्य पर गिरने के बाद दूसरा विकेट सिर्फ एक रन पर गिर चुका था। शुभमन गिल को बल्लेबाजी करने उतरना नहीं था तो एक तरह से स्कोर 1 रन पर 3 विकेट हो गया था। दोनों ओपनर आउट हो चुके थे। मार्को यानसन ने पहले ओवर में ही यशस्वी जायसवाल को पवेलियन का रास्ता दिखाया। अपने दूसरे ओवर में उन्होंने केएल राहुल को भी आउट कर दूसरा बड़ा झटका दिया।
वॉशिंगटन सुंदर और ध्रुव जुरेल ने तीसरे विकेट के लिए 32 रनों की साझेदारी कर हालात संभालने का प्रयास किया लेकिन लंच के बाद जुरेल एक कमजोर गेंद को उड़ाने के चक्कर में साइमन हार्मर का शिकार बने। इसके बाद साइमन हार्मर ने भारतीय बल्लेबाजों की कठिन परीक्षा ली। वाशिंगटन सुंदर एक छोर संभाले हुए थे लेकिन कप्तान टेम्बा बवूमा ने एक छोर से गेंद ऐडन मारक्रम को पकड़ा कर जो जुआ खेला वो उनके लिए सफल रहा।
मारक्रम ने सेट होकर बल्लेबाजी कर रहे वॉशिंगटन सुंदर (31) को पवेलियन का रास्ता दिखा दिया। इस विकेट के पतन ने दक्षिण अफ्रीका की जीत का रास्ता साफ कर दिया। अक्षर पटेल ने केशव महाराज को निशाना बनाते हुए दर्शकों में अभी उत्साह भरा ही था कि वे इसी ओवर की 5वीं गेंद पर बड़ा शॉट खेलने के प्रयास में मिडविकेट पर लपके गए। अगली ही गेंद पर मोहम्मद सिराज भी आउट हो गए और इसी के साथ टीम इंडिया 93 रन बनाकर आउट हो गई।










