शानदार संघर्ष के बावजूद लक्ष्य सेन आल इंग्लैंड खिताब से चूके

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भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी लक्ष्य सेन ने शानदार संघर्ष किया, लेकिन वह प्रतिष्ठित ऑल इंग्लैंड बैडमिंटन चैंपियनशिप में भारत का 25 वर्ष का इंतजार समाप्त नहीं कर सके। रविवार को खेले गए पुरुष एकल के फाइनल में उन्हें चीनी ताइपे के लिन चुन यी के हाथों सीधे खेलों में हार का सामना करना पड़ा।

चार वर्ष पहले भी उपविजेता रह चुके लक्ष्य दूसरी बार इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता के फाइनल में पहुंचे थे। अल्मोड़ा के 24 वर्षीय खिलाड़ी को 57 मिनट तक चले मुकाबले में 15-21, 20-22 से पराजय झेलनी पड़ी। इस जीत के साथ लिन चुन यी ऑल इंग्लैंड पुरुष एकल का खिताब जीतने वाले चीनी ताइपे के पहले खिलाड़ी बन गए।

भारत के लिए इससे पहले केवल प्रकाश पादुकोण (1980) और पुलेला गोपीचंद (2001) ही पुरुष एकल में ऑल इंग्लैंड का खिताब जीत सके हैं। वहीं प्रकाश नाथ (1947) और साइना नेहवाल (2015) फाइनल तक पहुंचने के बावजूद उपविजेता ही रहे थे।

लक्ष्य सेन ने फाइनल तक पहुंचने के रास्ते में दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी शि यू की और छठे नंबर के खिलाड़ी ली शि फेंग को हराकर शानदार प्रदर्शन किया था। सेमीफाइनल में कनाडा के विक्टर लेइ के खिलाफ 97 मिनट तक चले मुकाबले में उन्हें ऐंठन और पैरों में पड़े छालों से भी जूझना पड़ा था।

रविवार को फाइनल खेलने से पहले तक लक्ष्य इस प्रतियोगिता में कुल पांच घंटे 16 मिनट कोर्ट पर बिता चुके थे, जो लिन से लगभग डेढ़ घंटा अधिक था। इस अतिरिक्त थकान का असर उनके खेल पर भी दिखाई दिया।

दोनों जांघों पर पट्टी बांधकर कोर्ट पर उतरे लक्ष्य ने मुकाबले की शुरुआत धीमी की और 0-3 से पिछड़ गए। लिन ने आक्रामक खेल दिखाते हुए दमदार स्मैश लगाए और जल्दी ही 6-2 की बढ़त बना ली। लक्ष्य ने स्कोर 7-8 तक पहुंचाकर वापसी की कोशिश की, लेकिन लिन ने अपनी बढ़त बनाए रखी।

सीधे और तिरछे स्मैश में माहिर लिन ने स्कोर 18-13 कर लिया। लक्ष्य ने लंबी रैलियों के जरिए वापसी की कोशिश की, लेकिन लिन ने 24 मिनट में पहला गेम अपने नाम कर लिया।

दूसरे गेम में मुकाबला काफी रोमांचक रहा। लिन की कुछ गलतियों का फायदा उठाते हुए लक्ष्य ने 7-4 की बढ़त बनाई, जो आगे चलकर 9-4 हो गई। हालांकि लिन ने वापसी करते हुए स्कोर 14-14 से बराबर कर लिया।

इसके बाद दोनों खिलाड़ियों के बीच 46 शॉट की लंबी रैली देखने को मिली। लक्ष्य ने 18-16 की बढ़त बना ली थी, लेकिन लिन ने 18-18 से जोरदार वापसी की और इसके बाद लक्ष्य को कोई मौका नहीं दिया तथा मुकाबला अपने नाम कर लिया।

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