एशेज सीरीज 2025 के पहले टेस्ट ने पर्थ के मैदान पर नशा तोड़ क्रिकेट दिखाया। इस मैच के पहले 5 सेशन तक गेंदबाजों की आंधी चली और उसके बाद छठा सत्र जो कि अंतिम भी साबित हुआ, सलामी बल्लेबाज ट्रैविस हेड के बल्ले से निकले आतिशी शतक ने आस्ट्रेलिया को इंग्लैंड पर 8 विकेट से जीत का तोहफा देते हुए सीरीज में 1-0 से बढ़त दिला दी। इस टेस्ट की खासियत यह रही कि अंतिम दिन टी ब्रेक से पहले तक मुकाबले में कौन जीत रहा है कहना मुश्किल था लेकिन एक सेशन के खेल ने पूरे टेस्ट का फैसला कर दिया।
आस्ट्रेलिया के सामने 5 मैचों की सीरीज के दूसरे दिन इंग्लैंड ने इस टेस्ट को जीतने के लिए 205 रनों का जो लक्ष्य रखा था उसे मेजबान टीम ने 2 विकेट खोकर हासिल कर लिया। इस मुकाबले का नतीजा दूसरे ही दिन आ गया। हेड ने 69 गेंदों में शतक जड़ा, जो एशेज इतिहास में दूसरा सबसे तेज शतक है। अपनी पारी में ट्रेविड हेड ने 83 गेंद में 123 रन बनाए। उनके बल्ले से 16 चौके और 4 छक्के आए। उनकी इस पारी के दम पर ऑस्ट्रेलिया ने 205 रनों के टोटल को आसानी से चेज कर लिया। हेड ने पहले वेदरलैंड के साथ 75 रनों की साझेदारी की। इसके बाद उन्होंने लाबुशेन के साथ 117 रनों का पार्टनरशिप की।
जब ऑस्ट्रेलिया की टीम 205 के लक्ष्य के लिए उतरी तो पहली पारी के आधार पर कहा जा रहा था कि ये लक्ष्य गेंदबाजों की आंधी वाले विकेट पर मुश्किल होने वाला है, लेकिन ट्रैविस हेड कुछ और ही तय करके आए थे पहली ही गेंद से उन्होंने आक्रामक रुख अख्तियार कर लिया। हेड और वेदरलैंड के बीच 75 रनों की साझेदारी हुई। इसके बाद लाबुशेन ने भी अच्छी पारी खेली। हेड बनाकर आउट हुए तो लाबुशेन ने मोर्चा संभाला। लाबुशेन ने 51 रनों की नाबाद पारी खेली और ऑस्ट्रेलिया को जीत दिला दी।
इससे पहले आस्ट्रेलिया की पहली पारी को सुबह 132 रन पर समेटने के बाद 40 रनों की बढ़त के साथ जब इंग्लैंड की दूसरी पारी का आगाज हुआ तो एक बार फिर शुरुआत अच्छी नहीं रही। क्रॉउली फिर खाता नहीं खोल सके। स्टार्क ने उनका विकेट लिया। लेकिन फिर भी इंग्लैंड ने बेन डकेट (28), ओली पोव (33) और गस एटकिंसन (37) की मदद से स्कोर 164 रन तक पहुंचा दिया। स्कॉट बोलैंड ने 4 और डकेट ने 3 विकेट लिए, जबकि स्टार्क को दूसरी पारी में भी 3 विकेट मिले, इस तरह इस मैच में उन्होंने कुल 10 विकेट लिए। उन्हें ही प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।










