रणजी ट्रॉफी : यूपी-बड़ौदा मुकाबला बिना खेल हुए रद्द, दोनों टीमों को मिला एक-एक अंक

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बीसीए के कोटांबी इंटरनेशनल स्टेडियम में यूपी और बड़ौदा के बीच रणजी ट्रॉफी एलीट ग्रुप ए का मुकाबला बारिश और गीली आउटफील्ड और खराब ग्राउंड मैनेजमेंट के चलते एक भी गेंद का खेल हुए बिना रद्द हो गया। इस मैच से दोनों टीमों को एक-एक अंक ही मिल पाए। इस मैच के बाद अंक तालिका में यूपी की टीम चौथे स्थान से फिसल कर पांचवें स्थान पर पहुंच गई, जबकि आन्ध्र प्रदेश की टीम चौथे स्थान पर प्रमोट हो गई। यूपी का अगला मुकाबला अब ग्रीनपार्क स्टेडियम में 8 नवम्बर से नागालैंड से होगा।

यहां बता दें कि पिछले कुछ सीजन से कोहरे और खराब मौसम से खेल बहुत ज्यादा प्रभावित होने के कारण ही बीसीसीआई को 2024-25 से रणजी ट्रॉफी दो भागों (अक्टूबर-नवंबर और जनवरी-फरवरी) में कराने का निर्णय लेना पड़ा था। पिछले सत्र में भी रणजी ट्रॉफी के मैच दो सत्रों में हुए और इस सत्र में भी यही शेड्यूल रखा गया है। हालांकि देश के अलग-अलग हिस्सों में मानसून की विदाई का समय अलग होने की वजह से अब भी शुरुआती राउंड के मैच मौसम की चपेट में आ जाते हैं।

1934-35 से अब तक रणजी ट्रॉफी में कई ऐसे मुकाबले हुए हैं, जिनमें खेलने योग्य परिस्थितियां न होने की वजह से खासकर बारिश या कोहरे के कारण एक भी गेंद का खेल हुए बिना रद्द हो चुके हैं। हाल के वषार्ें की बात करें तो 2024-25 के सीजन में ही कई मैच पूरी तरह से रद्द कर दिए गए थे। अक्टूबर 2025 से अब तक रणजी ट्रॉफी के कम-से-कम तीन चार दिन के मुकाबले ऐसे रहे हैं जो बिना एक भी गेंद फेंके रद्द हो गए हैं। इनमें कल्याणी में बंगाल और बिहार के बीच मैच लगातार खराब मौसम और मैदान की खराब स्थिति के कारण रद्द हो गया था। मेघालय और मिजोरम का मैच, शिलांग के मैदान में बारिश के बाद जलभराव के कारण बिना एक भी गेंद फेंके रद्द करना पड़ा था।

थोड़ा और पीछे चलें तो 2013-14 में प्रदूषण, धुंध, दिल्ली में भारी स्मॉग के कारण दो मैच रद्द हुए थे। झारखंड बनाम दिल्ली, 2013 अक्टूबर को मैदान की खराब स्थिति के कारण मैच बिना गेंद फेंके रद्द हुआ। ऐसे ही दिल्ली और बंगाल समेत 2016-17 के सत्र में दिल्ली में भारी धुंध (स्मॉग) के कारण दो रणजी मैच रद्द हुए थे। 2017-18 सत्र में हैदराबाद और महाराष्ट्र केबीच मैच भी बिना एक भी गेंद फेंके रद्द कर दिया गया था। 2000 के बाद रणजी ट्रॉफी में सबसे अधिक रद्द (जिनमें बिना गेंद फेंके या बारिश या मौसम की वजह से खेल प्रभावित) हुए।

2020-21 का सीजन तो कोविड-19 महामारी के कारण पूरी तरह रद्द कर देना पड़ा था। यह रणजी ट्रॉफी के 87 वर्षों के इतिहास में पहली बार था जब पूरा सीजन ही रद्द करना पड़ा था। 2019-20 और 2024-25 सीजन में कुछ मुकाबले बारिश और खराब मौसम के कारण प्रभावित हुए और कई मैच बिना पूर्ण रूप से खेले समाप्त हुए। खासकर 2024-25 में कई मैच बारिश या मैदान की स्थिति खराब होने से प्रभावित रहे।

उत्तर भारत और पूर्वोत्तर के मौसम की वजह से भी सीज़न में कई मैच प्रभावित या रद्द हो चुके हैं। 2013-16 के बीच दिल्ली जैसे स्थानों पर धुंध या प्रदूषण के कारण मैच रद्द हो गया था। सबसे अधिक सीजन 2020-21 में मैच रद्द या बिना खेल के समाप्त हुए हैं। इसके बाद मौसम और स्थानीय परिस्थितियों के चलते 2019-20 और 2024-25 के सीजन थे, जब कई मैच, बारिश, खराब मैदान, मौसम, कई मैच बारिश/बदली मौसम के चलते बिना खेल हुए ही रद्द हो गए थे। (नोट : ये आंकड़े विभिन्न स्रोतों से लिए गए हैं, इसमें संशोधन की गुंजाइश हो सकती है)

 

 

 

 

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