-50 रनों से दर्ज की बड़ी जीत, 2008 में आरसीबी ने सीएसके को 14 रनों से हराया था
– कप्तान रजत पाटीदार के अर्द्धशतक के बाद जॉश हेजलवुड और यश दयाल की गेंदबाजी से पस्त हुई सीएसके
– महेन्द्र सिंह धोनी ने 16 गेंदों पर खेली 30 रनों की नाबाद पारी, दो छक्के और तीन चौक्के जड़े
चेन्नई। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने चेन्नई सुपरकिंग्स को 17 साल बाद आईपीएल 2025 में उसी के घर पर 50 रनों से करारी शिकस्त दी। अंतिम बार आरसीबी ने सीएसके को 2008 में 14 रनों से हराया था। सीएसके की यह सबसे बड़ी हार है। शुक्रवार को मिली इस जीत के साथ आरसीबी दो मैचों से चार अंक लेकर प्वाइंट टेबल में टॉप पर पहुंच गई है। इस मैच में अर्द्धशतकीय पारी खेलने वाले आरसीबी के कप्तान रजत पाटीदार को प्लेयर ऑफ द मैच घोषित किया गया।
एम ए चिदंबरम स्टेडियम में आरसीबी ने टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 7 विकेट पर 196 रन बनाए, जिसके जवाब में सीएसके की टीम 8 विकेट पर 146 रन ही बना सकी। सीएसके की शुरुआत काफी खराब रही और पावर प्ले में उसने 30 रनों का सबसे छोटा स्कोर बनाया, जबकि इस दौरान उसने अपने 3 विकेट भी खो दिए। इसके बाद चेपॉक के अपने घरेलू मैदान में उसकी पारी संभल नहीं सकी। रचिन रवीन्द्र ने जरूर कुछ देर विकेट पर टिक कर संघर्ष को आगे बढ़ाया लेकिन उनके आउट होने के बाद नियमित अंतराल में विकेट गिरते रहे।
ैआरसीबी के लिए मैच बनाने का काम तेज गेंदबाज जॉश हेजलवुड ने किया, जिन्होंने एक ही ओवर में सलामी बल्लेबाज राहुल त्रिपाठी (5) और कप्तान ऋतुराज गायकवाड़(शून्य) के विकेट चटकाकर सीएसके को बैक फुट पर ढकेल दिया। दीपक हुड्डा (4) को भुवनेश्वर कुमार ने अपना शिकार बनाते हुए सीएसके को तीसरा झटका दिया। इस समय तक स्कोर बोर्ड पर कुल 26 रन ही लगे थे। सैम करन (8) को लिविंगस्टोन ने अपने जाल में फंसाया। इसके बाद तेज गेंदबाज यश दयाल की बारी थी। जिन्होंने पहले रचिन रविन्द्र (41) और फिर उसी ओवर में शिविम दुबे (19) को आउट कर सीएचके को डबल झटका देते हुए जीत से काफी दूर कर दिया।
रवि चन्द्रन अश्विन (11) और रविन्द्र जडेजा (25) भी कुछ खास नहीं कर पाए। सीएसके के फैन्स जब हार नजदीक देख निराश थे उस समय महेन्द्र सिंह धोनी ने 30 रनों की तेज तर्रार नाबाद पारी खेल स्टेडियम को चार्ज कर दिया। धोनी ने सिर्फ 16 गेंदों पर 2 छक्कों और 3 चौक्के लगाकर स्टेडियम को शोर से गुंजा दिया। आरसीबी के लिए जॉश हेजलवुड ने तीन और यश दयाल व लिविंगस्टोन ने दो-दो विकेट लिए, जबकि भुवनेश्वर कुमार को एक विकेट मिला।
इससे पहले आरसीबी को इंग्लिश बल्लेबाज फिल साल्ट ने अपने चिर पिरिचित अंदाज में तेज शुरुआत दिलाई। साल्ट ने अभी विराट कोहली के साथ मिलकर पहले विकेट के लिए 45 रन ही जोड़े थे कि वे माही की फुर्ती के सामने ढीले पड़ स्टम्प आउट हो गए। साल्ट का विकेट नूर अहमद ने लिया। धोनी ने एक बार फिर दिखाया कि उन्हें क्यों महान खिलाड़ी कहा जाता है। साल्ट को उन्होंने बिजली की गति से सेकेंड्स से भी कम समय में स्टम्प कर पवेलियन का रास्ता दिखाया। साल्ट ने 5 चौके और एक छक्के की मदद से 16 गेंदों पर 32 रन बनाए।
देवदत्त पडिक्कल (27) ने भी कुछ शानदार शॉट्स खेले, लेकिन आर. अश्विन ने उनको जल्द ही पवेलियन का रास्ता दिखा दिया। विराट कोहली भी ज्यादा कुछ नहीं कर सके। तेज गेंदबाज मथीशा पथिराना की एक गेंद उनके हैलमेट पर भी लगी। लेकिन इसी ओवर की अगली गेंद को उन्होंने हुक करके छक्का और फिर चौक्का जड़कर इस श्रीलंकाई गेंदबाज की चुनौती का करारा जवाब भी दिया। कोहली ने 30 गेंदों पर 31 रन बनाए। कोहली को नूर अहमद ने रचिन रवींद्र के हाथों कैच आउट कराया।
कोहली के बाद लियाम लिविंगस्टोन (10) भी सस्ते में आउट हो गए। विकेटों के लगातार पतन के बीच कप्तान रजत पाटीदार ने 30 गेंदों पर अपना अर्द्धशतक जड़ दिया। पाटीदार 51 रन बनाकर आउट हुए। उन्होंने 4 चौके और तीन छक्के लगाए। हालांकि पाटीदार की यह पारी साफ सुथरी नहीं थी। इस दौरान उन्हें कम से कम तीन जीवनदान भी मिले थे। लेकिन उनके रन आरसीबी के लिए बड़ा स्कोर खड़ा करने में मददगार साबित हुए।
पाटीदार को मथीशा पथिराना ने आउट किया। आखिरी ओवर में टिम डेविड (नाबाद 22) ने सैम करन की गेंदों पर तीन छक्के लगाकर आरसीबी को 200 के करीब पहुंचाया। सीएसके की ओर से नूर अहमद ने सबसे ज्यादा तीन विकेट लिए। वहीं मथीशा पथिराना को दो सफलताएं हासिल हुईं, जो उन्होंने 19वें ओवर में शानदार गेंदबाजी करते हुए हासिल कीं। इस ओवर में उन्होंने सिर्फ एक रन दिया था। आर. अश्विन और खलील अहमद को भी एक-एक विकेट हासिल हुआ।