सचिन तेंदुलकर को यूं ही नहीं कहा जाता क्रिकेट का भगवान, वे महान इंसान भी हैं

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अपनी बल्लेबाजी से भारतीय क्रिकेट को फलक पर बैठाने वाले मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर को यूं ही नहीं कहा जाता है महान खिलाड़ी। टीम इंडिया के इस पूर्व महान बल्लेबाज ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) और इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) के अधिकारियों से बात करके कहा है कि नवाब मंसूर अली खान पटौदी और उनके पिता इफ्तिखार अली खान पटौदी का नाम इंग्लैंड-भारत टेस्ट सीरीज से हटाना ठीक नहीं है।

संभवत: उनकी बात से दोनों देशों के क्रिकेट बोर्ड सहमत हो गए हैं और अब वे पूर्व कप्तान नवाब पटौदी और उनके पिता के नाम को सीरीज में बरकरार रखने के लिए कोई न कोई रास्ता निकालेंगे। अभी तक यह तय नहीं हुआ है कि यह कैसे होगा, लेकिन ऐसा हो सकता है कि सीरीज के बेस्ट खिलाड़ी को पटौदी मेडल दिया जाए या विजेता टीम के कप्तान को पटौदी सम्मान मिले।

टीम इंडिया और इंग्लैंड के बीच 20 जून से पांच मैचों की टेस्ट सीरीज खेली जानी है। इस सीरीज के लिए शुभमन गिल के नेतृत्व में भारतीय टीम इंग्लैंड में अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देने में लगी है। इंग्लैंड दौरे से ही गिल बतौर भारतीय कप्तान टेस्ट क्रिकेट में अपनी नई पारी की शुरुआत करेंगे। भारत-इंग्लैंड के बीच टेस्ट सीरीज से पहले ईसीबी ने ऐलान कर दिया था कि इस बार दोनों देशों के बीच टेस्ट सीरीज ‘तेंदुलकर-एंडरसन ट्रॉफी’ के लिए खेली जाएगी। क्रिकेट जगत के दो महान खिलाड़ियों सचिन तेंदुलकर और जेम्स एंडरसन के नाम पर इस ट्रॉफी का नाम रखा गया है।

गौरतलब है कि पहले यह सीरीज ‘पटौदी ट्रॉफी’ के नाम से आयोजित होती थी। ‘पटौदी ट्रॉफी” को पहली बार 2007 में भारत और इंग्लैंड के बीच टेस्ट क्रिकेट के 75 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में शुरू किया गया था। यह ट्रॉफी पटौदी परिवार के नाम पर रखी गई थी, जिसने भारतीय क्रिकेट को दो कप्तान- इफ्तिखार अली खान पटौदी और मंसूर अली खान पटौदी दिए। भारत-इंग्लैंड टेस्ट सीरीज का नाम बदले जाने से फैन्स तो नाराज हुए ही, खुद पटौदी फैमिली भी नाराज हो गई। विवाद बढ़ता देख अब सचिन तेंदुलकर इस मामले में आगे आए हैं।

सचिन तेंदुलकर ने बीसीसीआई से गुजारिश की है कि वे पटौदी की विरासत को सीरीज में बनाए रखने का कोई न कोई तरीका खोजें। क्रिकबज की रिपोर्ट के मुताबिक सचिन तेंदुलकर ने बीसीसीआई के अलावा ईसीबी के अधिकारियों से भी व्यक्तिगत रूप से बात की। तेंदुलकर का मानना है कि एक ऐसे व्यक्ति (इफ्तिखार अली पटौदी) के योगदान को मिटाना सही नहीं है, जिसने भारत और इंग्लैंड दोनों के लिए क्रिकेट खेला हो। माना जा रहा है कि सचिन तेंदुलकर के अनुरोध को स्वीकार कर लिया गया है। बीसीसीआई और ईसीबी इस बात पर सहमत हो गए हैं कि पटौदी की विरासत को किसी न किसी रूप में इस टेस्ट सीरीज में बरकरार रखा जाएगा।

बता दें कि तेंदुलकर-एंडरसन ट्रॉफी को वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप (डब्ल्यूटीसी) 2023-25 फाइनल के दौरान लॉन्च किया जाना था, लेकिन अहमदाबाद में हुए दुखद विमान दुर्घटना के चलते 14 जून को होने वाला यह कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया। ईसीबी के एक अधिकारी ने बताया ‘भारत में हुई इस त्रासदी के कारण हम ट्रॉफी का अनावरण कुछ समय के लिए टाल रहे हैं। यह पीड़ित परिवारों के प्रति सम्मान का संकेत है।’ अनावरण से जुड़ी नई तारीख की घोषणा अब उपयुक्त समय पर की जाएगी।

 

 

 

 

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