नई कमेटियों में प्रेम मनोहर और संजय कपूर सबसे आकर्षित चेहरे, सब गुडी-गुडी रहा यूपीसीए एजीएम में

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संजीव मिश्र/स्पोर्ट्स लीक

कानपुर। उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (यूपीसीए) की होटल लैंडमार्क में हुई वर्षिक आम सभा एजीएम में नई कार्यकारणी घोषित कर दी गई। एजीएम काफी गुडी-गुडी रही।

यूपीसीए की आम सभा में नई कार्यकारिणी घोषित, डॉ. निधिपति अध्यक्ष और प्रेम मनोहर बने सचिव

बीसीसीआई उपाध्यक्ष और पूर्व सचिव राजीव शुक्ला की मौजूदगी में हुई बैठक में यूपीसीए कार्यकारिणी के गठन के दौरान इस बार अगरकर-गंभीर की तरह ही युवाओं पर भरोसा करने का फैसला किया गया लेकिन यहां राजीव शुक्ला ने अनुभवी प्रशासक की तरह सीनियर्स को दरकिनार न कर उनकी मौजूदगी में जूनियर्स को ग्रूम करने का तरीका अपनाया।

मुख्य और एपेक्स के अलावा 24 अन्य कमेटियों की भी घोषणा कर दी गई

संघ में कुछ एकदम फ्रेश चेहरों के साथ अनुभवी पदाधिकारियों की मौजूदगी से यह संकेत मिले कि आने वाले कुछ सालों के लिए राजीव शुक्ला अपना उत्तराधिकारी भी तैयार कर रहे हैं। जो नए चेहरेे आए हैं उनमें ही भविष्य के यूपीसीए को देखा जा रहा है।

डॉ. संजय कपूर के 18 वर्षों के संघर्ष का रिजल्ट आया

कमेटियों के गठन में जैसा तय था वैसा ही हुआ। अरविन्द श्रीवास्तव के स्थान पर प्रेम मनोहर गुप्ता की नए सचिव के रूप में ताजपोशी हुई। डॉ. संजय कपूर की यूपीसीए में सम्मान जनक जगह बनाने की लगभग 18 वर्ष की हसरत भी पूरी हुई। हालांकि इसके लिए राजीव शुक्ला ने उनकी हर तरह से परीक्षा ली।कड़ी मेहनत के बाद आखिरकार वे ठीक-ठाक पास हुए और रिजल्ट के रूप में यूपी टी-20 लीग के नए चेयरमैन के पद पर उनका नाम लिख दिया गया। डॉ संजय कपूर पर विस्तार से फिर कभी लिखेंगे।

देखा जाए तो यूपी टी-20 लीग यूपीसीए की क्रिकेट विकास योजना की नब्ज है। नये चेयरमैन का पेट घर से ही भरा हुआ है, इसलिए थोड़े बाहरी और ऊपरी दबाव को छोड़ दें तो उनके पास निस्वार्थ काम करने को काफी कुछ होगा।

जो नाराज थे उन्हें नई कमेटियां बनाकर एडजस्ट किया गया

अध्यक्ष पद पर डॉ. निधिपत सिंघानिया बरकरार हैं, जबकि राकेश मिश्रा को उपाध्यक्ष बनाया गया है। एपेक्स कमेटी पूरी तरह से नई है। यही कमेटी संघ में लिए जाने वाले बड़े फैसलों पर मुहर लगाती है, इसलिए इसमें उन्हीं सदस्यों को जगह मिली है जिनसे महत्वपूर्ण फैसलों के समय किसी विरोध की कोई गुंजाइश न हो।

इस बार फोकस विरोध शांत रखने पर भी रखा गया। कुछ नई कमेटियों को तो सिर्फ विरोधियों को शांत रखने के लिए ही बनाया गया है। इन कमेटिों में कोई खास काम ही नहीं है, बस संघ के फूफाओं को यह कह झुनझुना पकड़ बैठा दिया गया है ‘तुम भी तो हो न एक कमेटी में।’ दरअसल बड़े जहाज के कैप्टन के लिए ऐसा करना मजबूरी भी है।

मनोज पुंडीर को नहीं मिला महत्वपूर्ण पद

इस बार मनोज पुंडीर के किसी महत्वपूर्ण पद पर दिखने की उम्मीद थी लेकिन ऐसा हुआ नहीं। उन्हें सिर्फ डॉ. डीएस चौहान के नेतृत्व वाली इंटरनेशनल मैच ऑर्गनाइजेशन कमेटी में रखा गया है।

हालांकि उनको संयुक्त सचिव बनाए जाने की उम्मीद थी लेकिन यहां एक लॉबी अपना व्यक्ति बैठाना चाहती थी। इसके लिए अहमद अली तालिब, सैफुद्दीन को लेने का दबाव भी बनाया गया लेकिन अंतत: इस लड़ाई में ये दोनों ही पीछे छूट गए और डॉ. ओमर मुस्तफा हसन को संयुक्त सचिव बना दिया गया।

दीपक शर्मा, हेमलता काला, अर्चना मिश्रा को कहीं नहीं रखा

यूपीसीए अपने असंतुष्टों और पूर्व पदाधिकारियों को किसी न किसी कमेटी में जरूर डाल देता है लेकिन इस बार दीपक शर्मा, हेमलता काला और अर्चना मिश्रा को किसी कमेटी में जगह नहीं दी।

हालांकि सूत्र बताते हैं कि इसके पीछे तमाम वजहे हैं। पूर्व सीइओ दीपक शर्मा इस बार कहीं सीन में नहीं होंगे। उनको 26 में से किसी कमेटी में जगह नहीं मिली है। इसी तरह हेमलता काला और अर्चना मिश्रा को भी कमेटियों से बाहर ही रखा गया है। संभव है कि इन्हें बाद में कहीं एडजस्ट किया जाए।

सचिन शुक्ला को आते ही मिला कोषाध्यक्ष का महत्वपूर्ण पद

यूपीसीए की नई टीम में डॉ. संजय कपूर के अलावा कोषाध्यक्ष के पद पर सचिन आनंद शुक्ला के रूप में एक और नए खिलाड़ी की इन्ट्री हुई है। यह पद अभी तक प्रेम मनोहर गुप्ता के पास था। सचिन शुक्ला आस्ट्रेलिया ए के खिलाफ तीन वन डे मैचों की मेजबानी के दौरान काफी सक्रिय दिखे थे।

उनको आते ही कोषाध्यक्ष जैसा महत्वपूर्ण पद सौंपने का कुछ विरोध था लेकिन इस विरोध में दम नहीं था। राजीव शुक्ला का भतीजा होने की वजह से उनको व्यापक अनुभव की बैकिंग का लाभ मिलेगा। सचिन को भविष्य का यूपीसीए सचिव माना जाए तो शायद गलत नहीं होगा।

सालों बाद कमला क्लब से बाहर निकली यूपीसीए एजीएम

यूपीसीए के लिए आज इस मायने में भी एक महत्वपूर्ण दिन रहा कि उसकी वार्षिक आमसभा कई सालों बाद कमला क्लब से बाहर आयोजित हुई। बता दें कि इस बार होटल लैंडमार्क में इसका आयोजन किया गया। कमला क्लब में आयोजन के दौरान हॉल में आवाज ईको होने की शिकायत की जाती थी लेकिन उसका कभी निराकरण नहीं हो सका। कमला क्लब से पहले मर्चेन्ट चैम्बर हाल में भी एजीएम हो चुकी है लेकिन लैंडमार्क होटल में पहली बार इसका आयोजन रखा गया जो शहर के बीच में होने की वजह से भी हर मायने में सफल और सुविधाजनक भी बताया जा रहा है।

यूपीसीए की नई कार्यकारिणी
  • अध्यक्ष: डॉ. निधिपत सिंहानिया
  • उपाध्यक्ष: राकेश मिश्रा
  • सचिव: प्रेम मनोहर गुप्ता
  • संयुक्त सचिव: ओमर मुस्तफा हसन
  • कोषाध्यक्ष: सचिन आनंद शुक्ला
  • गवर्निंग काउंसिल के सदस्य: डॉ. संजय कपूर, संजीव कुमार सिंह
  • एपेक्स कमेटी सदस्य: सिद्धार्थ सिंह, सुनील जोशन, करन पाल सिंह, लक्ष्य राज त्यागी, सिद्धार्थ प्रसाद, मनीष चौहान, सैफुद्दीन, सुरेंद्र पाल सिंह, लतीफ उर रहमान, सक्षम मिश्रा, उमर अहमद।

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