-भारत और वेस्टइंडीज के बीच शुक्रवार से दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेला जाएगा दूसरा टेस्ट
नई दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में भारत और वेस्टइंडीज के बीच दो मैचों की टेस्ट सीरीज का दूसरा और आखिरी मुकाबला शुक्रवार 10 अक्टूबर से शुरू हो रहा है। शुभमन गिल अपनी कप्तानी में पहली बार टेस्ट सीरीज में क्लीन स्वीप के इरादे से उतरेंगे। भारत ने अहमदाबाद में खेला गया पहला टेस्ट पारी के अंतर से जीत सीरीज में 1-0 की बढ़त ली थी।
इस बार की पिच पहली टेस्ट की तुलना में बिल्कुल जुदा व्यवहार वाली होगी। दिल्ली की पिच पर घास के बीच सूखी सतह के पैच दिखेंगे, जबकि अहमदाबाद की पिच पर समान रूप से घास की परत बिछाई गई थी। दिल्ली की पिच काली मिट्टी के बेस पर तैयार की गई है, जो शुरूआती दिनों में बल्लेबाजों को मदद दे सकती है। जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ेगा और सतह सूखती जाएगी, वैसे-वैसे स्पिन गेंदबाजों की भूमिका अहम होती जाएगी।
भारत ने दिल्ली में नवंबर 1987 के बाद से कोई टेस्ट मैच नहीं हारा है। संयोग से वेस्टइंडीज ही थी, जिसने दिल्ली में भारत को हराया था। लेकिन वो टीम दिग्गजों से भरी हुई थी, जिसकी उस दौर में तूती बोलती थी। वेस्टइंडीज की मौजूदा टीम में उस टीम की 10 फीसदी क्षमता भी नहीं नजर आती। इसलिए उसका भारत को ड्रॉ पर भी रोकना दूर की बात नजर आती है। अगर हालिया फॉर्म की बात की जाए तो भारत ने अपने पिछले पांच में से तीन टेस्ट जीते हैं, जबकि एक ड्रॉ हुआ है। उन्होंने इस दौरान सिर्फ एक टेस्ट मैच गंवाया है। वहीं वेस्टइंडीज़ की टीम पिछले पांच में से चार हार के साथ ऊपर आ रही है।
सहायक कोच रायन टेन डेशकाटे के बाद भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने भी प्रेस कॉफे्रंस में कहा कि भारत विदेशी दौरों के लिए नीतीश कुमार रेड्डी को एक तेज गेंदबजी ऑलराउंडर के रूप में तैयार करना चाहता है। हालांकि अहमदाबाद में उनसे कप्तान ने सिर्फ चार ओवर गेंदबाजी ही करवाई थी, जबकि बल्लेबाजी का उन्हें अवसर ही नहीं मिला था। लेकिन दिल्ली टेस्ट से पहले गिल ने कहा है कि मैच और परिस्थितियों के अनुसार उन्हें बल्लेबाज क्रम में ऊपर लाया जा सकता है। इस मैच के लिए पहले टेस्ट में खेली अंतिम एकादश में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
इसके अलावा नंबर 3 बल्लेबाज़ साई सुदर्शन पर भी लगातार चर्चा हो रही है, जो इंग्लैंड और भारत में मिले मौक़ों का अब तक फ़ायदा नहीं उठा पाए हैं। हालांकि टेन डेशकाटे और गिल ने ऐसी चिंताओं को बेबुनियाद बताया है। उन्होंने कहा, “मुझे नहीं लगता कि वह ख़राब फ़ॉर्म से गुजर रहे हैं। उन्हें पिछले टेस्ट में सिर्फ़ एक पारी मिली थी, जबकि ओवल में मुश्किल पिच पर 40 रन बनाने के अलावा उन्होंने मैनचेस्टर टेस्ट में अर्धशतक लगाया था। हर मैच में कोई खिलाड़ी शतक नहीं बना सकता और एक युवा खिलाड़ी के रूप में उन्हें पर्याप्त मौक़े देने होंगे। वह भारत के लिए नंबर तीन पर लंबे समय तक खेल सकते हैं।”










