हरियाणा के गुरुग्राम में पिता ने अपने घर पर ही राज्य स्तरीय टेनिस खिलाड़ी की गोली मारकर हत्या कर दी। खिलाड़ी की पहचान राधिका यादव के रूप में हुई है। 23 मार्च, 2000 को जन्मी राधिका की डबल्स में आईटीएफ रेटिंग 113 थी। वह लंबे समय से इंटरनेशनल टेनिस फेडरेशन की रैंकिंग में टॉप-200 में बनी हुई थी। हालांकि अब तक यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि टेनिस खिलाड़ी की हत्या क्यों की गई।
मीडिया रिपोर्ट की मानें तो रील बनाने को लेकर राधिका यादव और उसके पिता के बीच विवाद हुआ था। इसके बाद पिता ने बेटी की हत्या कर दी। टेनिस खिलाड़ी के पिता ने सुशांत लोक फेस 2 के जी ब्लॉक के घर पर अपनी लाइसेंसी पिस्टल से तीन गोलियां मारकर इस घटना को अंजाम दिया। पुलिस ने हत्या के आरोपित पिता को गिरफ्तार कर मामला दर्ज करते हुए जांच शुरू कर दी है।
बताया जा रहा है कि गुरुवार सुबह 10.30 बजे के करीब 25 वर्षीय टेनिस खिलाड़ी के पिता ने अज्ञात कारणों से बेटी पर गोलियां चला दीं। गुरुग्राम के सेक्टर 57 में पहली मंजिल पर टेनिस खिलाड़ी अपने परिवार के साथ रहती थी। तीन गोलियां लगने के बाद राधिका को गंभीर हालत में एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
राधिका राज्य स्तर की जानी-मानी खिलाड़ी थीं। उन्होंने कई पदक जीते थे। वह एक टेनिस एकेडमी भी चलाती थीं, जहां वह दूसरे बच्चों को टेनिस सिखाती थीं। गुरुग्राम सेक्टर 56 के पुलिस अधिकारी के अनुसार गुरुवार सुबह उन्हें सूचना मिली कि एक 25 वर्षीय महिला की हत्या कर दी गई है। मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने युवती के चाचा से बात की, लेकिन उन्होंने कुछ नहीं बताया। घटनास्थल पर ही पुलिस को पता चला कि युवती के पिता ने ही उसे गोली मारी है। महिला को तीन गोलियां लगी थीं। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल हुई रिवाल्वर को जब्त कर लिया है।
राधिका यादव AITA गर्ल्स अंडर-19 कैटेगरी में 22 जनवरी 2018 में 75वें स्थान पर पहुंची थीं। इसके बाद अगले 11 हफ्ते तक उन्होंने टॉप-100 में अपना स्थान बरकरार रखा। इसके अलावा AITA वुमेंस सिंगल्स में वह 12 फरवरी 2018 में 35वें नंबर पर पहुंची थीं। महिला डबल्स में उनका सर्वश्रेष्ठ 53वां स्थान रहा था। वुमेंस डबल्स में वह टॉप-100 तक लंबे समय तक बनी रही थीं। इससे पता चलता था कि उन्होंने लगातार बेहतरीन प्रदर्शन किया था और मुकाबले जीते थे। राधिका AITA की महिला डबल्स में टॉप-100 में जगह बनाने वाले राज्य की केवल चार खिलाड़ियों में से एक थीं। वुमेंस डबल्स में उन्हें हरियाणा में पांचवां स्थान मिला था।










