मुंबई: शुरुआती झटकों से उबरते हुए कप्तान सूर्यकुमार यादव की बेहतरीन नेतृत्व पारी और गेंदबाज़ों के अनुशासित प्रदर्शन के दम पर भारत ने टी-20 विश्व कप में विजयी शुरुआत की। वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए अपने पहले मुकाबले में टीम इंडिया ने अमेरिका को 29 रनों से मात देकर टूर्नामेंट में मजबूत इरादों का संकेत दिया।
टॉस हारकर पहले बल्लेबाज़ी करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत बेहद खराब रही और महज़ 46 रन पर उसके चार शीर्ष बल्लेबाज़ पवेलियन लौट गए। एक समय भारत बड़े संकट में नजर आ रहा था,
लेकिन ऐसे दबाव भरे हालात में कप्तान सूर्यकुमार यादव ने जिम्मेदारी संभाली और आक्रामक अंदाज़ में 84 रनों की शानदार पारी खेली। उनकी इस पारी ने भारत को मुश्किल हालात से निकालते हुए 161 रनों के सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया।
सूर्यकुमार के अलावा भारतीय बल्लेबाज़ों का योगदान सीमित रहा। छह बल्लेबाज़ दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू सके, जबकि वरुण चक्रवर्ती बिना खाता खोले रन आउट हो गए। इसके बावजूद कप्तान की पारी ने भारत को मुकाबले में बनाए रखा।
लक्ष्य का पीछा करने उतरी अमेरिकी टीम भारतीय गेंदबाज़ों के सामने पूरी तरह दबाव में दिखी। 162 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए अमेरिका 18 ओवर में सात विकेट गंवाकर सिर्फ 111 रन ही बना सकी।
भारतीय गेंदबाज़ों ने नियमित अंतराल पर विकेट झटके। अर्शदीप सिंह ने मोहम्मद मोहसिन को तिलक वर्मा के हाथों कैच कराकर अमेरिका को बड़ा झटका दिया। इसके बाद अक्षर पटेल ने लगातार दो गेंदों पर हरमीत सिंह और संजय कृष्णमूर्ति को पवेलियन भेजते हुए मैच को पूरी तरह भारत के पक्ष में मोड़ दिया।
वरुण चक्रवर्ती ने भी शानदार गेंदबाज़ी करते हुए मिलिंद कुमार को ईशान किशन के हाथों स्टंप आउट कराकर अमेरिकी टीम की रही-सही उम्मीदें भी खत्म कर दीं। गेंदबाज़ों के सामूहिक प्रयास के चलते भारत ने मुकाबले को आसानी से अपने नाम कर लिया।
इस मैच में भारत की ओर से अभिषेक शर्मा, ईशान किशन, तिलक वर्मा, सूर्यकुमार यादव (कप्तान), रिंकू सिंह, हार्दिक पंड्या, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, अर्शदीप सिंह, मोहम्मद सिराज और वरुण चक्रवर्ती मैदान पर उतरे।
वहीं, अमेरिकी टीम की कप्तानी मोनांक पटेल ने की। टीम में साईतेजा मुक्कामाला, एंड्रीज गौस, मिलिंद कुमार, संजय कृष्णमूर्ति, शुभम रंजने, हरमीत सिंह, मोहम्मद मोहसिन, शैडली वान शल्कविक, अली खान और सौरभ नेत्रवलकर शामिल थे।
29 रनों की इस जीत के साथ टीम इंडिया ने टूर्नामेंट में आत्मविश्वास भरी शुरुआत की और अपने अभियान को मजबूत आधार दिया।










