दक्षिण अफ्रीका ने टी20 विश्व कप के ग्रुप चरण का समापन दमदार अंदाज़ में करते हुए संयुक्त अरब अमीरात को छह विकेट से हराया और सुपर-8 में अपनी जगह पक्की कर ली।
गेंदबाजों के अनुशासित प्रदर्शन और बल्लेबाजों की संतुलित साझेदारियों ने जीत आसान बना दी। अब 22 फरवरी को अहमदाबाद में दक्षिण अफ्रीका का सामना मौजूदा चैंपियन भारत से होगा। इसी के साथ यूएई का अभियान समाप्त हो गया।
अरुण जेटली स्टेडियम में हल्की बूंदाबांदी और ठंडे मौसम के बावजूद 12 हजार से अधिक दर्शक मौजूद थे। पहले गेंदबाजी करते हुए दक्षिण अफ्रीका ने शुरुआत से ही नियंत्रण बनाए रखा। कोर्बिन बॉश ने चार ओवर में तीन विकेट लेकर यूएई की कमर तोड़ दी। जॉर्ज लिंडे और एनरिच नॉर्किया ने भी सटीक लाइन-लेंथ से दबाव कायम रखा।
यूएई की शुरुआत सकारात्मक रही। आर्यांश शर्मा ने पारी की तीसरी गेंद पर रबाडा को छक्का जड़कर इरादे साफ कर दिए। हालांकि पावरप्ले के बाद विकेटों का सिलसिला शुरू हो गया।
वसीम और शर्मा ने कुछ आकर्षक शॉट खेले, लेकिन नियमित अंतराल पर विकेट गिरने से टीम बड़ी साझेदारी नहीं बना सकी। शोहेब खान और हैदर शाह भी ज्यादा देर टिक नहीं पाए। अलीशान शराफू ने 45 रन बनाकर संघर्ष जरूर किया, मगर पूरी टीम 122 रन पर सिमट गई।
लक्ष्य का पीछा करते हुए दक्षिण अफ्रीका ने संयम और आक्रामकता का संतुलन दिखाया। डेवाल्ड ब्रेविस, जिन्हें ‘जूनियर एबी डिविलियर्स’ कहा जाता है, ने 25 गेंदों में 36 रन बनाकर फॉर्म में वापसी के संकेत दिए। रियान रिकेलटन ने 16 गेंदों में 30 रन की तेज पारी खेली। दोनों की साझेदारी ने मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया।
यूएई की गेंदबाजी की शुरुआत सधी हुई रही। ध्रुव पाराशर ने पहला ओवर किफायती डाला, लेकिन कप्तान एडेन मार्करम ने अगले ओवर में दो चौके लगाकर दबाव कम कर दिया। मार्करम ने 28 रन का उपयोगी योगदान दिया और टीम को लक्ष्य की ओर मजबूती से बढ़ाया।
दक्षिण अफ्रीका की जीत में गेंदबाजी और फील्डिंग भी अहम रही। मफाका ने तीन कैच लपककर पारी को समेटने में अहम भूमिका निभाई। अनुभवी गेंदबाजों की रणनीतिक समझ और बल्लेबाजों की जिम्मेदार पारी ने यह स्पष्ट कर दिया कि टीम सुपर-8 में मजबूत दावेदार के रूप में उतरने जा रही है।










