पूर्व महान खिलाड़ियों का नाम भारत-इंग्लैंड सीरीज से पूरी तरह नहीं हटाया जाएगा

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-भारत और इंग्लैंड सीरीज अब तेंदुलकर-एंडरसन ट्रॉफी के लिए खेली जाएगी

इंग्लैंड और भारत के बीच लाइव होने वाली आगामी टेस्ट सीरीज को “तेंदुलकर-एंडरसन ट्रॉफी” के नाम से रखे जाने के बाद अब यह खबर भी आ रही है कि भारत के पूर्व महान खिलाड़ियों मंसूर अली खान पटौदी और इफ्तिखार अली खान पटौदी का नाम सीरीज से हटाया नहीं जाएगा, बल्कि ट्रॉफी सचिन तेंदुलकर और जेम्स एंडरसन के नाम से होगी।

ट्रॉफी का अनावरण 11 जून को

गौरतलब है कि इंग्लैंड और भारत के बीच लाइव होने वाली आगामी टेस्ट सीरीज को “तेंदुलकर-एंडरसन ट्रॉफी” के नाम से खेला जाएगा, जो दोनों टीमों के दिग्गज-भारत के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर और इंग्लैंड के सबसे सफल तेज गेंदबाज जेम्स एंडरसन-को समर्पित है। इस ट्रॉफी का अनावरण नई वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप चक्र की शुरुआत से पहले लॉर्ड्स में 11 जून को दोनों खिलाड़ियों द्वारा संयुक्त रूप से किया जाएगा।

ट्रॉफी का इतिहास और महत्व

पहले इंग्लैंड में खेले जाने वाली टेस्ट सीरीज़ को पटौदी ट्रॉफी कहा जाता था, जो भारत-इंग्लैंड के पूर्व कप्तानों मंसूर अली खान पटौदी और उनके पिता इफ्तिखार अली खान पटौदी के सम्मान में थी। वही ट्रॉफी अब बदलकर तेंदुलकर-एंडरसन ट्रॉफी कर दी गई है, ताकि इन दोनों आधुनिक दौर के महान खिलाड़ियों को याद किया जा सके। इंडिया में खेली जाने वाली सीरीज अभी भी एंथनी डी मैलो ट्रॉफी कहलाएगी।

जेम्स एंडरसन की प्रतिक्रिया

जेम्स एंडरसन ने कहा कि अपने नाम की ट्रॉफी पाकर वह “काफी बड़ा सम्मान” महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सचिन तेंदुलकर शुरू से उनकी प्रेरणा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे बदलाव से आगामी टेस्ट सीरीज और भी खास बनेगी ।

20 जून से लीड्स में शुरू हो रही है सीरीज

बता दें कि 20 जून से लीड्स में शुरू होने वाली इस सीरीज के मैच बर्मिंघम, लन्दन, मैनचेस्टर, ओवल में कुल 5 टेस्ट खेले जाएंगे। इसी के साथ दोनों देशों के लिए विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के नए राउंड की शुरुआत भी होगी।

तेंदुलकर और एंडरसन के रिकॉर्ड

एंडरसन ने टेस्ट क्रिकेट में अब तक 180 से अधिक मैच खेले और 700+ विकेट लिए हैं, जबकि सचिन ने 200 टेस्ट में 15,921 रन बनाए हैं। दिलचस्प तथ्य यह है कि एंडरसन ने सचिन को सिर्फ एक बार ही आउट किया है।

क्यों है यह रिकॉर्ड महत्वपूर्ण

यह नामकरण इंग्लैंड-भारत टेस्ट भिड़ंत की विरासत को आधुनिक परिप्रेक्ष्य प्रदान करता है। सचिन और एंडरसन के बीच कई जबरदस्त ऑनफील्ड लड़ाइयां इस प्रतियोगिता को और यादगार बनाएंगी।

फैसला

नाम परिवर्तन: पटौदी ट्रॉफी अब तेंदुलकर-एंडरसन ट्रॉफी

ट्रॉफी का अनावरण : 11 जून 2025, लॉर्ड्स में सचिन तेंदुलकर और जेम्स एंडरसन करेंगे

वे चाहते थे पटौदी’ नाम सीरीज के साथ जुड़ा रहे

रेव स्पोर्ट्ज में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक बीसीसीआई और ईसीबी के अधिकारी निश्चित तौर पर चाहते थे कि ‘पटौदी’ नाम सीरीज के साथ जुड़ा रहे। वे साथ ही सीरीज को सचिन तेंदुलकर और जेम्स एंडरसन का नाम देकर सम्मानित करना चाहते थे। एक सूत्र का हवाला देकर बताया गया कि पटौदी लीगेसी का अपमान किया जा रहा है, ये बातें सच नहीं हैं।

पटौदी दोनों देशों से खेल चुके

इस रिपोर्ट में बताया गया, “इफ्तिखार अली खान पटौदी, दोनों देशों के लिए खेल चुके हैं। मंसूर (टाइगर पटौदी) भारत के सर्वश्रेष्ठ कप्तानों में से एक रहे और उनका कभी अपमान नहीं किया जा सकता। इस सीरीज को इतिहास और वर्तमान, दोनों के साथ जोड़ने का प्रयास किया गया है।”

नहीं हटेगा भारतीय दिग्गज का नाम?

इस रिपोर्ट में दावा किया गया कि यह अनाउंसमेंट की जा सकती है। यह अब लगभग तय है कि सीरीज के साथ ‘पटौदी’ नाम जुड़ा रहेगा, वहीं सचिन तेंदुलकर और जेम्स एंडरसन के नाम से ट्रॉफी को जाना जाएगा।

टाइगर पटौदी ने 46 टेस्ट खेले थे

इफ्तिखार अली खान पटौदी ने भारत और इंग्लैंड का भी प्रतिनिधित्व किया। अपने 6 टेस्ट मैचों के कॅरिअर में 199 रन बनाए थे। दूसरी ओर मंसूर अली खान पटौदी ने अपने कॅरिअर में कुल 46 टेस्ट मैच खेले, जिनमें उन्होंने 2,793 रन बनाए थे। मंसूर को टाइगर पटौदी के नाम से भी जाना जाता था, उन्होंने अपने कॅरिअर में 6 शतक और 16 अर्द्धशतक भी लगाए थे।

 

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