हरारे: भारतीय अंडर-19 टीम ने एक बार फिर बड़े मंच पर अपने दमखम का परिचय देते हुए अंडर-19 वनडे वर्ल्ड कप के दूसरे सेमीफाइनल में अफगानिस्तान को सात विकेट से शिकस्त दी और लगातार छठी बार फाइनल में जगह बना ली।
इस जीत के साथ भारत ने न केवल खिताबी मुकाबले का टिकट कटाया, बल्कि नॉकआउट मैचों में अब तक का सबसे बड़ा रन चेज कर नया रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया।
हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले गए इस हाई-स्कोरिंग मुकाबले में अफगानिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 310 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया।
अंडर-19 वनडे वर्ल्ड कप : अफगानिस्तान के खिलाफ जीत के साथ लगातार छठी बार फाइनल में
फैजल शिनोजादा ने 110 रन की शानदार शतकीय पारी खेली, जबकि उजईरुल्लाह नियाजई 101 रन बनाकर नाबाद लौटे। तीसरे विकेट के लिए दोनों के बीच 208 रनों की लंबी साझेदारी ने भारत के सामने चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा।
हालांकि, लक्ष्य बड़ा था लेकिन भारतीय बल्लेबाज़ी ने इसे कभी डरावना नहीं बनने दिया। आक्रामक शुरुआत करते हुए ओपनर वैभव सूर्यवंशी ने 68 रन की तेज़ पारी खेली और पहले विकेट के लिए 90 रन जोड़कर टीम को मज़बूत प्लेटफॉर्म दिया। इसके बाद कप्तान आयुष म्हात्रे ने 62 रन बनाकर पारी को संतुलन प्रदान किया।
इस मुकाबले के सबसे बड़े नायक ओपनर एरॉन जॉर्ज रहे, जिन्होंने दबाव के क्षणों में शानदार संयम और आक्रामकता का मिश्रण दिखाते हुए शतक जड़ा। जॉर्ज ने 115 रन की बेहतरीन पारी खेलकर लक्ष्य का पीछा पूरी तरह भारत के पक्ष में मोड़ दिया। अंत में विहान मल्होत्रा ने उपयोगी योगदान देते हुए टीम को जीत की दहलीज़ पार कराई।
भारत ने 310 रन का लक्ष्य महज़ 41.1 ओवर में तीन विकेट खोकर हासिल कर लिया। यह उपलब्धि अंडर-19 वर्ल्ड कप के नॉकआउट मुकाबलों में अब तक की सबसे बड़ी सफल रन चेज बन गई।
इस जीत के साथ भारतीय टीम रिकॉर्ड 10वीं बार अंडर-19 वर्ल्ड कप के फाइनल में पहुंची है और उसकी निगाहें छठा खिताब जीतने पर टिकी होंगी।
खास बात यह भी है कि भारत लगातार छठी बार फाइनल खेलता हुआ नजर आएगा। अब खिताबी मुकाबले में 6 फरवरी को उसका सामना इंग्लैंड से होगा, जहां युवा टीम एक और इतिहास रचने के इरादे से उतरेगी।










