लखनऊ। ग्रामीण क्षेत्रों में खेला जाने वाला परंपरागत व लोकप्रिय खेल खो-खो को उत्तर प्रदेश में नया आयाम मिलेगा। दरअसल आईपीएल और प्रो कबड्डी लीग की तर्ज पर इस खेल के खिलाड़ी नई पहचान तलाशेंगे।
इस लीग की घोषणा रविवार को केडी सिंह बाबू स्टेडियम में आयोजित उत्तर प्रदेश खो-खो एसोसिएशन की बैठक के दौरान की गई।
इस बारे में उत्तर प्रदेश खो-खो एसोसिएशन के चेयरमैन धर्मेंद्र, अध्यक्ष डॉ. सुधा रानी और महासचिव चंद्र भानू सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि उत्तर प्रदेश प्रो खो-खो लीग के पहले संस्करण की मेजबानी नोएडा करेगा।
इस लीग का संचालन और आयोजन 100 स्पोर्ट्स मैनेजमेंट द्वारा किया जाएगा, जिसके प्रतिनिधि के तौर पर सुनील भाटी भी मौजूद रहे।
उत्तर प्रदेश प्रो खो-खो लीग की खास बात ये है कि इसमें पुरुषों के साथ महिलाओं की भी लीग होगी जिसका आयोजन अप्रैल में आयोजित होगा और खिलाड़ियों की नीलामी प्रक्रिया का आयोजन नवंबर में होगा।
लीग में पुरुषों में गाजियाबाद, मेरठ, वाराणसी, नोएडा, अयोध्या और लखनऊ की टीम होंगी जबकि महिलाओं में गोरखपुर, आगरा, बिजनौर, नोएडा, लखनऊ, गाजियाबाद की टीमें दम दिखाएंगी।
इस दौरान यूपी खो खो एसोसिएशन के कार्यकारिणी सदस्य विनोद कुमार सिंह ने बताया कि लीग से पारंपरिक खेल खेल को न सिर्फ नई पहचान मिलेगी बल्कि स्थानीय खिलाड़ियों को पर्याप्त एक्सपोजर भी मिलेगा।
लीग की हर टीम में यूपी के 12 खिलाड़ी होंगे जबकि तीन आइकान खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर के भी होंगे। हालांकि अगले साल अप्रैल में मुख्य तौर पर नोएडा में होगी लेकिन हमारी कोशिश होगी कि खो-खो के प्रमोशन के लिए कुछ मैच अयोध्या और लखनऊ में भी कराए जा सकते हैं।
लीग की खास बातें
- कुल 12 टीमें – 6 पुरुष और 6 महिला
- टूर्नामेंट की अवधि : 10 दिन
- दो चरणों में मैच : लीग स्टेज और नॉकआउट स्टेज।
टीमों की संरचना
- कुल 15 खिलाड़ी
- 10 खिलाड़ी उत्तर प्रदेश से
- 2 खिलाड़ी फ्रेंचाइज़ी से
- 3 आइकॉन खिलाड़ी (राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के)
खिलाड़ियों की नीलामी
- बेस प्राइस 11000, 25000 और 51,000 रुपए
- इनको ए, बी व सी श्रेणी में बांटा जाएगा,
- प्रति टीम लागत 20 से 25 लाख रुपए
- पूरे टूर्नामेंट का बजट 2 से 3 करोड़ रुपए










