– निशांत सिंधु और रवि विश्नोई की फिरकी में फंसी मेहमान बल्लेबाजी
– बारिश के बाद श्रेयस, प्रियांश और रियान के बल्लों से खूब झमाझम रन बरसे, सूने ग्रीनपार्क में चौके, छक्कों का धूम-धड़ाका
– प्रभसिमरन सिंह और आयुष बदोनी ने भी जड़ा अर्धशतक, री-शेयड्यूल मैच में आस्ट्रेलिया ए के खिलाफ भारत ए ने बनाया रनों का पहाड़
कानपुर। ग्रीनपार्क स्टेडियम में री-शेड्यूल हुए पहले अनाधिकृत वन डे मुकाबले में भारत ए के सामने आस्ट्रेलिया ए ने 20 ओवर तक तेवर दिखाने बाद आत्मसमर्पण कर दिया। भारत के 414 रनों के जम्बो लक्ष्य का पीछा करते हुए मेहमान टीम 33.1 ओवर के खेल में सिर्फ 242 रनों पर सिमट गई। यह टीम जब 20 ओवरों में सिर्फ दो विकेट खोने के बाद 8 रन से ज्यादा के औसत के साथ लक्ष्य के पीछे लगी थी, तब मैच का रोमांच चरम पर था। लेकिन निशांत सिंधु (50/4) और रवि विश्नोई (49/2) के मोर्चा संभालते ही कंगारू बल्लेबाजी अचानक रेत के घर की तरह ढह गई। भारत ए ने यह मुकाबला 171 रनों जीत कर तीन मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त ले ली। दूसरा मुकाबला 3 अक्टूबर को इसी स्टेडियम में होगा।
आस्ट्रेलिया ए ने जम्बो लक्ष्य का पीछा करने के लिए टी -20 स्टाइल में विस्फोटक शुरुआत की और 5.3 ओवर में ही 50 रन बनाकर अच्छी शुरुआत की। हालांकि इस दौरान उसने जैक फ्रेजर (23) का विकेट 40 के स्कोर पर को दिया था। फ्रेजर को भारतीय सीमा युद्धवीर सिंह ने प्रियांश आर्या के हाथ कैच करवाया। लेकिन विकेट गंवाने के बावजूद आस्ट्रेलियाई बल्लेबाज रुके नहीं और 10 ओवरों में ही 101 रन ठोंक भारतीय टीम को अपने इरादे बता दिए। मैकेंजी हार्वे और कूपर कोनले ने हर दिशा में अपने स्ट्रोक्स खेले।
आस्ट्रेलिया को दूसरा झटका आयुष बदोनी ने दिया जब कोनले को उन्होंने प्रभसिमरन सिंह से कैच करवाया। लेकिन यह साझेदारी टूटने से पहले वह हार्वे के साथ दूसरे विकेट के लिए 76 रन जोड़ चुके थे। आस्ट्रेलिया ए का दूसरा विकेट 116 पर गिरा। इसके बावजूद आस्ट्रेलिया ने रनों की रफ्तार नहीं घटने दी। 20 ओवर के बाद भी उसके बल्लेबाज 8 रन प्रति ओवर से रन बटोर रहे थे। लेकिन जैसे ही श्रेयस अय्यर ने दोनों छोर से स्पिन आक्रमण लगाया, मेहमान बल्लेबाजी की कुंडली बिगड़ गई। भारत को 169 पर सलामी बल्लेबाज हार्वे का कीमती विकेट निशांत सिन्धु ने दिलवाया। हार्वे 68 शानदार रन बनाकर रियान पराग को कैच देकर लौटे। यही विकेट मैच का टर्निंग प्वाइंट भी रहा। इसके बाद तो बल्लेबाजों के लिए विकेट पर खड़े रहना मुश्किल हो गया।
दरअसल आस्ट्रेलियाई बल्लेबाज बड़े लक्ष्य के दवाब में रन गति बरकरार रखने के प्रयास में स्ट्रोक्स खेलते हुए आउट हो रहे थे। लिचलान शॉ (45) और हैरी डिक्सन ने स्कोर आगे बढ़ाने की कोशिश की लेकिन लेग स्पिनर रवि विश्नोई और स्लो लेफ्ट ऑर्म स्पिनर निशांत सिंधु ने सिर्फ 12 रनों के ही 5 विकेट बांटकर आस्ट्रेलियाई बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। एक समय 2 विकेट पर 169 के स्कोर पर काफी मजबूत नजर आ रही मेहमान टीम कुछ ही ओवरों बाद हार की कगार पर आ खड़ी हुई। उसके 4 विकेट तो 181 के स्कोर पर ही गिरे।
बचा हुआ संघर्ष तो बस मैच खत्म करने की औपचारिकता ही बन कर रह गया। कप्तान विल सदरलैंड (50) ने कुछ समय तक विकेट पर खड़े रहने में सफलता जरूर हासिल की लेकिन उनका संघर्ष तूफान में घिरी किसी गरीब की किश्ती के डूबने से पहले जैसा ही रहा। आस्ट्रेलिया ने जिस अंदाज में लक्ष्य का पीछा करना शुरू किया था, उसके ऐसे अंत की अपेक्षा नहीं थी। भारत के लिए निशांत सिंधु ने 4, विश्नोई ने 2 और युद्धवीर, गुरजनप्रीत, सिमरजीत सिंह ने एक-एक विकेट लिया।
इससे पहले बुधवार को बारिश रुकने के कुछ घंटों बाद ही मेजबान बल्लेबाजों के बल्ले खूब गरजे और रनों की ताबड़तोड़ बारिश हुई। आस्ट्रेलिया के लिए टॉस जीतकर भारत को पहले बल्लेबाजी के लिए बुलाने का दांव पूरी तरह से उल्टा पड़ चुका था भारत ने कप्तान श्रेयस अय्यर (110), प्रियांश आर्या (101) के शतकों और रियान पराग, प्रभसिमरन सिंह और आयुष बदोनी (50) के अर्धशतकों की मदद से 50 ओवरों में 6 विकेट पर 413 रन बनाकर आस्ट्रेलिया के सामने मुश्किल लक्ष्य रख दिया।
भारतीय बल्लेबाजों ने गजब की बल्लेबाजी की लेकिन बदकिस्मत रहे वे दर्शक जो पहले दिन बारिश में पूरी तरह धुल चुके इस री-शेड्यूल मैच में रनों की इस आतिशबाजी को देखने के लिए मौजूद नहीं थे। दरअसल बुधवार को फिर से खेले गए इस मुकाबले के लिए दर्शकों की इन्ट्री नहीं थी, क्योंकि बड़ी संख्या में दर्शकों के लिए कुछ घंटों के भीतर स्टेडियम को फिर से उनके बैठने लायक बना पाना आयोजकों के लिए संभव नहीं था। हालांकि उनके लिए राहत की बात यह है कि वे पहले दिन के मैच के टिकट पर ही 3 अक्टूबर को होने वाला दूसरा वन डे देख सकेंगे।
आस्ट्रेलिया ए ने मंगलवार को पूरे दिन हुई बारिश से विकेट पर मौजूद नमी का फायदा उठाने के मकसद से टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। लेकिन उसके सीमर्स टॉस का फायदा नहीं उठा सके। प्रियांश आर्या और प्रभसिमरन सिंह ने मेहमान गेंदबाजी की जमकर कुटाई करते हुए भारत ए के लिए शतकीय साझेदारी कर डाली। आस्ट्रेलिया को जब पहली सफलता मिली, तब तक स्कोर बोर्ड पर 135 रन लग चुके थे। इस स्कोर पर प्रभसिमरन (56) अर्धशतक लगाने के बाद तेज गेंदबाज टॉम स्ट्राकर की गेंद पर आउट हो गए।
पहला विकेट गिरने के बाद कप्तान श्रेयस अय्यर ने मैदान संभाला। श्रेयस इस मैदान में पहले भी काफी रन बना चुके हैं, इसलिए विकेट पढ़ने में उन्हें ज्यादा समय नहीं लगा। लेकिन उनको आए थोड़ा ही समय हुआ था कि तभी प्रियांश आर्या (101) को तनवीर सांघा की गेंद पर आउट होकर पवेलियन लौटना पड़ा। प्रियांश शानदार शतकीय पारी खेलने के बाद पवेलियन लौटे। भारत ए का दूसरा विकेट 175 रनों पर गिरा। प्रियांश ने 84 गेंदों की अपनी पारी के दौरान 5 छक्के और 11 चौके लगाए।
भारतीय बल्लेबाजों ने शुरू से ही आस्ट्रेलियाई गेंदबाजों की लय बिगाड़ दी थी। परिणाम यह रहा कि सलामी विकेट पर 135 रनों की साझेदारी के लिए दोनों बल्लेबाजों ने 20.3 ओवर ही खेले। भारतीय बल्लेबाजों ने मेहमान गेंदबाजी को पूरी तरह काबू कर रखा था। आलम यह था कि तीसरे विकेट पर शतकीय साझेदारी करने के साथ श्रेयस अय्यर और रियान पराग अपने-अपने अर्धशतक करने के बाद 7.62 के औसत के साथ 302 रन बोर्ड पर लगवा चुके थे।
308 रनों के कुल स्कोर पर भारत का तीसरा विकेट रियान पराग के रूप में गिरा। रियान 67 रनों की तूफानी पारी खेलने के बाद टॉड मर्फी का शिकार बने। उन्होंने अपने ये रन 42 गेंदों पर 5 छक्के और इतने ही चौके लगाते हुए बनाए। रियान पराग ने अपने कप्तान के साथ मिलकर तीसरे विकेट के लिए सिर्फ 15.1 ओवर में 133 रन भी जोड़े।
रियान पराग के आउट होने के बाद श्रेयस अय्यर ने अचानक गेयर बदला और सिर्फ 75 गेंदों पर 4 छक्कों और 11 चौके जड़ सैम इलियट की गेंद पर अपना शतक पूरा किया। यह ग्रीन पार्क में उनकी एक और बड़ी पारी थी। अय्यर 110 रन बनाने के बाद लियम स्कॉट की गेंद पर आउट हुए। उन्होंने 4 छक्के, 12 चौकों की मदद से ये रन 84 गेंदों पर बनाए। श्रेयस के बाद आयुष बदोनी ने चार्ज संभाला और सिर्फ 27 गेंद पर 3 छक्के व 4 चौकों की मदद से अर्धशतकीय पारी खेल डाली। आस्ट्रेलिया ए को भारतीय बल्लेबाजों के खिलाफ सात गेंदबाज इस्तेमाल करने पड़े। विल सदरलैंड ने दो और टॉम स्ट्राकर, लियम स्कॉट, टॉड मर्फी व तनवीर सांगा ने 1-1 विकेट लिया।










