जोनाथन कैम्पबेल ने आयरलैंड के खिलाफ पहले ही टेस्ट में कप्तानी कर अनूठा डेब्यू कर अपना नाम रिकॉर्ड बुक में दर्ज करवा लिया है। जोनाथन कैम्पबेल के पिता एलिस्टेयर कैम्पबेल भी जिम्बाब्वे के कप्तान रह चुके हैं। टेस्ट में जिम्बाब्वे के लिए कप्तानी करने वाले पिता-पुत्र की ये पहली जोड़ी बन गई है। वहीं ओवरऑल ये पिता-पुत्र की चौथी जोड़ी है, जो टेस्ट क्रिकेट में अपने-अपने देश के लिए कप्तानी कर चुके हैं। बता दें कि टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में इंग्लैंड के फ्रैंक मान और जॉर्ज मान, कॉलिन काउड्रे और क्रिस काउड्रे और भारत के लाला अमरनाथ और मोहिंदर अमरनाथ की पिता-पुत्र की जोड़ी ऐसा कारनामा कर चुकी है।
आयरलैंड और जिम्बाब्वे के बीच एकमात्र टेस्ट मैच खेला जा रहा है। इस मैच में एक अनूठा नजारा तब देखने को मिला, जब 27 साल के जोनाथन कैम्पबेल ने टेस्ट में बतौर कप्तान अपना डेब्यू किया। दरसअल जिम्बाब्वे के नियमित कप्तान क्रेग इर्विन कुछ निजी कारणों के चलते इस मैच में नहीं खेल सके जिस कारण टॉस के लिए कैम्पबेल को मैदान में उतरने का मौका हाथ लग गया।
आयरलैंड के कप्तान एंड्रयू बालबर्नी ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। इसके बाद आयरलैंड की पूरी टीम सिर्फ 260 रन बना पाई। टीम के लिए एंडी मैकब्रीनी ने सबसे ज्यादा 90 रनों की पारी खेली। उनके अलावा मार्क एडेर ने 78 रनों का योगदान दिया। इन प्लेयर्स की वजह से ही आयरलैंड की टीम सम्मानजनक स्कोर तक पहुंच पाई। जिम्बाब्वे के लिए ब्लेसिंग मुजाराबानी ने सबसे ज्यादा 7 विकेट हासिल किए। जिम्बाब्वे ने अभी तक एक विकेट के नुकसान पर 72 रन बना लिए हैं और वह 188 रन पीछे है।
जोनाथन कैम्पबेल इससे पहले घरेलू क्रिकेट अपनी टीम का नेतृत्व कर चुके हैं। 34 फर्स्ट क्लास मैचों में उनके नाम पर 1913 रन दर्ज हैं, जिसमें उनके बल्ले से चार शतक निकले हैं। इसके अलावा 45 लिस्ट-ए मैचों में 1372 रन दर्ज हैं। लिस्ट-ए में उन्होंने 12 अर्धशतक भी लगाए हैं।
वहीं जोनाथन के पिता एलिस्टेयर कैम्पबेल ने जिम्बाब्वे के लिए 60 टेस्ट मैचों में 2858 रन बनाए। इसके अलावा उन्होंने 188 वनडे मैचों में 5158 रन बनाए, जिसमें 7 शतक और 30 अर्धशतक शामिल रहे। उनकी गिनती जिम्बाब्वे के धाकड़ बल्लेबाजों में होती है। एलिस्टर के बाद उनका पुत्र भी उनकी राह पर निकल चुका है।