– रिंकू सिंह ने खेली 165 रनों की नाबाद पारी, विप्रज निगम और शिवम शर्मा के साथ शतकीय साझेदारी कर मैच पलटा
– आन्ध्र प्रदेश के 470 रनों के जवाब में यूपी ने पहली पारी में 8 विकेट 471 रन बनाकर पारी घोषित की
कानपुर। टीम इंडिया के स्टार रिंकू सिंह ने ग्रीनपार्क स्टेडियम में मुश्किल वक्त में गजब की बल्लेबाजी करते हुए यूपी टीम की इज्जत बचा ली। यूपी ने रणजी एलीट ग्रुप ए के मुकाबले में रिंकू सिंह की जुझारू शतकीय पारी से आन्ध्र प्रदेश के खिलाफ पहली पारी में बढ़त लेकर 3 महत्वपूर्ण अंक जुटा लिए। शनिवार को यह मुकाबला ड्रॉ समाप्त हुआ। प्लेयर ऑफ द मैच रिंकू सिंह ने विप्रज निगम और शिवम शर्मा के साथ शतकीय साझेदारियां कर यूपी को संकट से निकाल लीड दिलाई।
आन्ध्र प्रदेश की पहली पारी के 470 रनों के जवाब में यूपी ने चौथे व अंतिम दिन अपनी पहली पारी में 8 विकेट पर 471 रन बनाकर पारी घोषित कर दी। रिंकू सिंह 2 छक्कों व 13 चौकों की मदद से 273 गेंदों पर 165 रन बनाकर नाबाद लौटे। उनके साथ शिवम मावी (20) भी नाबाद लौटे। लीड मिलने के बाद कोई नतीजा आने की संभावना न देख मैच को ड्रॉ घोषित कर दिया गया। इस मैच से आन्ध्र प्रदेश की टीम को एक अंक से संतोष करना पड़ा।
सीजन के अपने पहले रणजी मुकाबले में तीसरे दिन यूपी की हालत काफी खराब थी। उसके 6 विकेट 294 रनों पर ही गिर चुके थे और पहली पारी की बढ़त के लिए 177 रनों की और जरूरत थी। अच्छी बात यह थी कि रिंकू सिंह और विप्रज निगम ने मोर्चा संभाल रखा था। अंतिम दिन सारा दारोमदार इन्हीं दोनों बल्लेबाजों के कंधों पर था। इन्होंने अपनी भूमिका बखूबी निभाई भी और सातवें विकेट के लिए 112 रनों की साझेदारी कर मैच को यूपी के पक्ष में मोड़ना शुरू किया। विप्रज निगम 42 रन बनाकर आउट हुए। लेकिन अभी भी काफी सफर बाकी था।
इसके बाद रिंकू सिंह ने शिवम शर्मा के साथ भी शतकीय साझेदारी कर यूपी को आन्ध्र प्रदेश के स्कोर के काफी करीब पहुंचा दिया। रिंकू सिंह और शिवम शर्मा (38) के बीच आठवें विकेट लिए हुई शतकीय साझेदारी ने यूपी का काम और आसान कर दिया। दोनों ने मिलकर 101 रन जोड़े। शिवम शर्मा की जब वापसी हुई तब यूपी को पहली पारी की बढ़त के लिए सिर्फ 38 रनों की और दरकार थी। ये रन रिंकू सिंह ने शिवम मावी के साथ मिलकर बना डाले।
रिंकू सिंह जब बल्लेबाजी करने उतरे थे तब यूपी का स्कोर तीन विकेट पर 146 रन ही था। अभी इस स्कोर में 6 रन ही और जुड़े थे कि आर्यन जुयाल का भी बड़ा विकेट गिर जाने से मेजबान टीम की पारी बुरी तरह लड़खड़ाने लगी थी। ऐसे हालात में रिंकू सिंह ने धैर्य नहीं खोया और अपना नैसर्गिक खेल छोड़ टीम हित में विकेट पर ज्यादा से ज्यादा खड़े रहने पर फोकस किया।
रिंकू सिंह जानते थे कि अब पूरी टीम का बोझ उनके ही कंधों पर है। समय की मांग के अनुसार वह न सिर्फ खुद विकेट पर टिके रहे, बल्कि दूसरे छोर से खेलने वाले निचले क्रम के बल्लेबाजों को भी खिलाते रहे और अंतत: तूफान से घिरी यूपी टीम की नैय्या को पार लगाकर ही लौटे। उन्होंने टीम को जरूरी 3 अंक दिलवाकर सीजन की शुरुआत बिगड़ने से भी बचा लिया। रिंकू सिंह ने इस मैच में परिपक्वता भरी पारी खेलते हुए दिखा दिया कि वे सिर्फ टी-20 या वन डे के खिलाड़ी ही नहीं हैं, बल्कि पारी क्रिकेट में विकेट पर खड़े होने का हुनर भी रखते हैं। आन्ध्र प्रदेश की गेंदबाजी अंतिम दिन प्रभावहीन रही। पूरे दिन में उसके गेंदबाज सिर्फ दो विकेट ही निकाल सके।










