नई दिल्ली में विश्व मुक्केबाजी प्रतियोगिता के फाइनल्स में भारतीय स्टार महिला बॉक्सर निकहत जरीन ने 51 किलोग्राम भारवर्ग में चीनी ताइपे की खिलाड़ी को शिकस्त देकर स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। दो बार की विश्व चैम्पियन निकहत जरीन ने चीनी ताइपे की खिलाड़ी झुआन यी गुओ को एकतरफा साबित हुए फाइनल में 5-0 से धो डाला।
अब तक भारत की झोली में कुल 7 गोल्ड मेडल
इस टूर्नामेंट में अब तक भारत की झोली में कुल 7 गोल्ड मेडल आ चुके हैं। इसमें निकहत के अलावा, मीनाक्षी हुड्डा, प्रीति पवार, जैस्मिन लेंबोरिया, परवीन हुड्डा, अरुंधति और नूपुर श्योराण अलग-अलग कैटेगिरी में गोल्ड मेडल जीतने में सफल रहीं, जबकि पुरुष मुक्केबाजों में हितेश गुलिया और सचिन सिवाच ने भी खिताब जीता। मेजबान देश के मुक्केबाजों ने सभी 20 वजन वर्ग में पदक जीता जिसमें नौ स्वर्ण, छह रजत और पांच कांस्य शामिल रहे।
गुरुवार को भारत के 15 मुक्केबाज रिंग में उतरे जिसमें से महिला वर्ग में मौजूदा विश्व चैंपियन जैस्मीन लंबोरिया (57 किग्रा) और मीनाक्षी हुड्डा (48 किग्रा), एशियाई खेलों की कांस्य पदक विजेता प्रीति पवार (54 किग्रा), विश्व चैंपियनशिप की कांस्य पदक विजेता परवीन हुड्डा (60 किग्रा), पूर्व युवा विश्व चैंपियन अरुंधति चौधरी (70 किग्रा) और नुपुर श्योराण (80 किग्रा से अधिक) ने भी स्वर्ण पदक जीते।
परवीन ने जापान की अयाका तागुची पर 3-2 से जीत दर्ज की जबकि अरुंधति ने उज्बेकिस्तान की अजीजा जोकिरोवा को 5-0 से हराया। मीनाक्षी हुड्डा ने मौजूदा एशियाई चैंपियन फरजोना फोजिलोवा पर 5-0 से जीत हासिल की। जैस्मीन ने प्रतियोगिता में भारत की सबसे बड़ी जीत में से एक हासिल की। उन्होंने पेरिस ओलंपिक्स की पदक विजेता वू शिह यी को रोमांचक फाइनल में 4-1 से हराया। टूर्नामेंट में पहले ही मौजूदा विश्व चैंपियन को हरा चुकी प्रीति ने इटली की विश्व चैंपियनशिप की पदक विजेता सिरीन चर्राबी के खिलाफ एक और शानदार प्रदर्शन करते हुए जीत दर्ज की।
सचिन और हितेश ने जीता गोल्ड मेडल
विश्व मुक्केबाजी कप में भारतीय महिलाओं ने जहां 7 गोल्ड मेडल जीतने में सफलता हासिल की तो वहीं पुरुष भी 2 गोल्ड मेडल जीतने में कामयाब रहे। सचिन सिवाच ने 60 किलोग्राम भार वर्ग में किर्गिस्तान के मुनारबेक उलु सेइतबेक को 5-0 से हराने के साथ जहां गोल्ड मेडल जीता तो वहीं दूसरा गोल्ड मेडल हितेश गूलिया जीतने में कामयाब रहे। हितेश ने 70 किलोग्राम कैटेगिरी में कजाखस्तान के नुर्बेक मुरसाल के खिलाफ रोमांचक मैच में 3-2 से मात दी और गोल्ड मेडल को अपने नाम किया।
इसके अलावा जदुमणि सिंह,पवन बर्तवाल, अभिनाश जामवाल और अंकुश फंगल सिल्वर मेडल जीतने में कामयाब रहे। जादुमणि सिंह (50 किग्रा), अभिनाश जामवाल (65 किग्रा), पवन बर्तवाल (55 किग्रा), अंकुश फंगल (80 किग्रा), नरेंद्र बेरवाल (90 किग्रा) और पूजा रानी (80 किग्रा) ने रजत पदक हासिल किए। नीरज फोगाट (65 किग्रा), स्वीटी (75 किग्रा), सुमित कुंडू (75 किग्रा), जुगनू (85 किग्रा) और नवीन (90 किग्रा) ने कांस्य पदक जीते।
बीएफआई अध्यक्ष अजय सिंह के खिलाफ ‘अविश्वास प्रस्ताव’ का दावा
टूर्नामेंट के दौरान भारतीय मुक्केबाजी महासंघ की विशेष आम बैठक (एसजीएम) के दौरान महासंघ में नए टकराव के संकेत मिले जिसमें राज्य इकाइयों के कुछ सदस्यों ने इसके काम करने के तरीके पर असहमति जताई और अध्यक्ष अजय सिंह के खिलाफ ‘अविश्वास प्रस्ताव’लाने का दावा किया। हालांकि अजय सिंह ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि उन्हीं सदस्यों में से कई ने उन पर भरोसा जताते हुए एक दस्तावेज पर हस्ताक्षर भी किए।
अजय सिंह ने कहा, “आज एक एसजीएम थी और दुर्भाग्य से 28 हस्ताक्षर के साथ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया। लेकिन यह दावा कि यह तीन-चौथाई सदस्यों की तरफ से आया, बिल्कुल गलत है।” उन्होंने कहा, “कई हस्ताक्षर करने वाले सदस्य भी नहीं हैं और उन्हीं सदस्यों ने मुझ पर भरोसा जताते हुए एक और याचिका पर भी हस्ताक्षर किए हैं और वह भी काफी बड़ी संख्या में।” बीएफआई संविधान में बदलाव जैसे मुद्दों का जिक्र करते हुए 28 सदस्यों ने एक दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए हैं। इसमें दावा किया गया है कि अजय सिंह “बार-बार अपने अधिकार का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं।”










