संजीव मिश्र। कानपुर। भारत-बांग्लादेश ग्रीनपार्क टेस्ट में मौसम की खलनायकी का असर विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप के फाइनल के सफर को कांटों भरा बना सकता है। पहले दिन सिर्फ 35 ओवर का ही खेल हो सका। मौसम विभाग से दूसरे दिन को लेकर भी अच्छी खबर नहीं आ रही है। मैदान कर्मियों का काम और बढ़ने वाला है, क्योंकि मौसम विभाग पहले ही 30 सितम्बर तक कभी हल्की तो कभी भारी बारिश की भविष्यवाणी कर चुका है।
शुक्रवार रात से ही बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है। इससे शहरियों को गर्मी से जरूर थोड़ी राहत मिल जाएगी लेकिन टेस्ट मैच के परिणाम पर इसका असर पड़ सकता है। शुक्रवार को रुक-रुक कर हुई तेज बारिश से मैदान पर पड़े कवर्स पर काफी पानी जमा हो गया है। ग्राउंड्स मैन देर रात तक कवर से पानी हटाने के काम में लगे रहे। सीमा रेखा के पार भी पानी जमा हो गया है, जिसे निकालने का काम चल रहा था।
यदि रात में और बारिश नहीं होती है तो कल लंच से पहले भी खेल शुरू हो सकता है। हालांकि आसमान पर छाए घने बरसाती बादलों को देखते हुए लगता नहीं कि ग्रीनपार्क के लिए रात सुकून भरी गुजरेगी। भारत को डब्ल्यूटीसी फाइनल खेलने के लिए घरेलू सीरीज के मौजूदा टेस्ट सहित न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाले बाकी सभी तीन टेस्ट मैच भी जीतने होंगे।
इतना ही नहीं आस्ट्रेलिया के खिलाफ उसी के मैदानों पर होने वाली पांच टेस्ट मैचों की सीरीज का भी कम से कम एक मैच जीतना होगा। लेकिन यदि घरेलू टेस्ट मैचों में कोई भी टेस्ट ड्रा रहता है या भारत हारता है तो फिर फाइनल की राह काफी मुश्किल हो सकती है।
भारत को जब भी मैदान पर उतरने का मौका मिलता है तो कप्तान रोहित शर्मा के गेंदबाज मेहमान टीम को जितनी जल्दी पवेलियन लौटाएंगे भारत के लिए उतना ही ज्यादा फायदेमंद होगा, क्योंकि इस मैच में टुकड़ों में खेलने का मौका मिलेगा। इससे किसी भी बल्लेबाज के लिए एकाग्रता कायम रखना काफी कठिन होगा।