कानपुर। दो बार की ओलंपियन और ग्वांनझु 2010 एशियन गेम्स में स्टीपलचेज की में स्वर्ण और 2011 जापान में हुई एशियन चैम्पियनशिप में रजत पदक जीतने वाली एथलीट सुधा सिंह ने शनिवार को यूथ ओलंपिक 2025 सीजन 3 का शुभारंभ डी स्पोर्ट्स हब में किया। 2021 में पद्मश्री से सम्मानित सुधा सिंह ने बच्चों को शपथ दिला कानपुर ओलंपिक संघ द्वारा आयोजित इन खेलों के आरंभ होने की घोषणा की। सुधा सिंह, कानपुर ओलंपिक संघ के सचिव रजत आदित्य दीक्षित, रणवीर मलिक, डॉ प्रीति पांडे, कौशलेंद्र सिंह व स्कूलों के प्रधानाचार्य ने दीप प्रज्वलित किया।
बच्चों ने योग के द्वारा अद्भुत कला पेश की और नानचाकू, ताइक्वांडो, कराटे मार्शल आर्ट का भी प्रदर्शन किया गया। इस मौके पर पद्मश्री सुधा सिंह ने अपने खेल जीवन की शुरुआत और संघर्ष के दौर को याद किया और खिलाड़ियों को ओलंपिक के लिए मेडल लाने की कोशिश करने को प्रेरित किया।
गौरतलब है कि रायबरेली में जन्मी और लखनऊ स्पोर्ट्स हॉस्टल से निकलीं सुधा सिंह ने भोपाल और कोच्चि में 2008 में हुई सीनियर फेडरेशन कप और ओपन नेशनल में स्वर्ण पदक जीतकर धमाकेदार शुरुआत की थी। इसके बाद चीन में 2009 में एशियन ट्रैक एंड फील्ड में उन्होंने रजत पदक जीता। ग्वांनझु और जापान की सफलता के बाद सुधा सिंह ने पुणे में 2013 में हुई एशियन चैम्पियनशिप में भी रजत पदक जीता। इसके बाद जकार्ता में 2018 के एशियन गेम्स में उन्होंने रजत पदक जीतकर देश का मान बढ़ाया।
2012 लंदन ओलंपिक और 2016 के रिओ ओलंपिक में भाग लेने वाली सुधा सिंह के साथ उनके पति अमित सिंह भी थे। स्टीपलचेज और मैराधन धावक सुधा सिंह ने कहा कि यूथ ओलंपिक द्वारा विभिन्न खेलों में भाग लेने का जो अवसर मिल रहा है उसे बेकार मत जाने दीजिएगा। उन्होंने चीन का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां पर बचपन में ही बच्चों को खेलने के लिए प्रेरित किया जाता है, तभी बच्चा बड़ा होकर देश के लिए मेडल लाता है। इस प्रतियोगिता का उद्देश्य स्कूल स्तर पर खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करना है, जिससे वे नेशनल गेम्स और ओलंपिक गेम्स में भी अपने शहर का परचम फैला सकें।
समस्त खेल का आयोजन कोऑर्डिनेटर और ऑब्जर्वर की देखरेख में किया जा रहा है। इस आयोजन में शामिल प्रमुख लोगों में वैभव गौर, सुनील शुक्ला, सौरभ गौर, बाबुल वर्मा, सतीश कुमार, शैलेश कुमार, विपिन सोनकर, साधना जी, अभ्युदय शुक्ला की भूमिका भी अहम होगी।










