मुंबई। दक्षिण कोरिया में आयोजित वर्ल्ड ओलंपिक ताइक्वांडो चैंपियनशिप-2026 में कोरियन कॉम्बैट मार्शल आर्ट्स एकेडमी, मुंबई के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत के लिए दो स्वर्ण, दो रजत और एक कांस्य सहित कुल पांच पदक जीते। प्रतियोगिता 25 और 26 जुलाई को दक्षिण कोरिया के इंचियोन सिटी, सियोल में आयोजित हुई।
दक्षिण कोरिया को ताइक्वांडो की जन्मभूमि माना जाता है और ऐसे में वहां भारतीय खिलाड़ियों का पदक जीतना उनके लिए विशेष उपलब्धि रही। खिलाड़ियों ने विभिन्न आयु वर्गों में हिस्सा लेते हुए अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
जूनियर वर्ग में तोशिको काजी ने सात वर्ष से कम आयु वर्ग में एक स्वर्ण और एक रजत पदक हासिल किया। वहीं सीनियर वर्ग में कनिका ने स्वर्ण पदक जीता। सात वर्ष से कम आयु वर्ग में अवियांश दीप्ति दीपक चौधरी ने एक रजत और एक कांस्य पदक अपने नाम किया।
भारतीय टीम के मुख्य कोच ग्रैंड मास्टर परवेज खान रहे, जो कोरियन कॉम्बैट मार्शल आर्ट्स एकेडमी ट्रस्ट के मैनेजिंग डायरेक्टर भी हैं। उन्होंने खिलाड़ियों की सफलता का श्रेय एकेडमी के प्रशिक्षकों राज कुमार साहनी, विशाल कुमार, ललित कुमार, पंकज मंडल और तृप्ति मेहता की मेहनत को दिया।
इस उपलब्धि के उपलक्ष्य में ओईएस इंटरनेशनल स्कूल की ओर से प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर पदक विजेता खिलाड़ियों और मुख्य कोच ग्रैंड मास्टर परवेज खान को सम्मानित किया गया। स्कूल की इंचार्ज डॉ. संजना मिश्रा और चीफ कोऑर्डिनेटर महवश आसिफ ने खिलाड़ियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
खिलाड़ियों की इस अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि पर आईपीएस कैशर खालिद, एडीजी मुंबई पुलिस सहित ओईएस इंटरनेशनल स्कूल की इंचार्ज डॉ. संजना मिश्रा और कोऑर्डिनेटर महवश आसिफ ने बधाई दी। बॉलीवुड कलाकार रजा मुराद, अमर उपाध्याय, मुश्ताक खान और मुकेश खन्ना ने भी खिलाड़ियों की सफलता की सराहना करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं।
ग्रैंड मास्टर परवेज खान ने कहा कि दक्षिण कोरिया में भारत का प्रतिनिधित्व करना और वहां पदक जीतना खिलाड़ियों के लिए गर्व का क्षण है। उन्होंने कहा कि यह सफलता खिलाड़ियों की मेहनत, प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन और निरंतर अभ्यास का परिणाम है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इन उपलब्धियों से अन्य युवा खिलाड़ी भी मार्शल आर्ट्स और ताइक्वांडो के प्रति प्रेरित होंगे।








