क्रिकेट जगत के लिए शुक्रवार का दिन एक बेहद दु:खद खबर लेकर आया। बढ़ती उम्र और बीमारी की वजह से दुनिया के सबसे महान ऑलराउंडर माने जाने वाले सर गारफील्ड सोबर्स का 89 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। वह इसी महीने 28 जुलाई को 90 साल के होने वाले थे, लेकिन अपने जन्मदिन से ठीक 11 दिन पहले, 17 जुलाई को उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया। उन्होंने बारबडोस स्थित अपने घर पर अंतिम सांस ली, उनके बेट डैनियल ने इसकी पुष्टि की है। ये खबर सुनकर क्रिकेट जगत में शोक की लहर है। उनके निधन पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी), भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) और क्रिकेट वेस्टइंडीज ने गहरा शोक व्यक्त किया है।
सोबर्स का जन्म 28 जुलाई 1936 को बारबाडोस में हुआ था। उन्होंने साल 1952 में फर्स्ट-क्लास क्रिकेट खेलना शुरू किया, इसके बाद साल 1954 में उन्हें वेस्टइंडीज की टेस्ट टीम में मौका मिला। डेब्यू के बाद अगले 20 सालों तक उन्होंने अपनी शानदार बल्लेबाजी और गेंदबाजी से पूरी दुनिया में धाक जमाई। वह लंबे समय तक वेस्टइंडीज टीम के कप्तान भी रहे।
गैरी सोबर्स की खासियत
गैरी सोबर्स मैदान पर हर वो काम कर सकते थे जो मैच जिताने के लिए जरूरी था। वो बाएं हाथ के एक बेहतरीन और विस्फोटक बल्लेबाज थे। गेंदबाजी में उनके पास कमाल का हुनर था, वह जरूरत पड़ने पर तेज गेंदबाजी भी कर लेते थे और स्पिन भी करा लेते थे। वह एक शानदार फील्डर भी थे, फील्ड पर उनकी फुर्ती देखने लायक होती थी। यही वजह है कि क्रिकेट की दुनिया में आज तक उनके जैसा दूसरा ऑलराउंडर नहीं आया।
जब पूरी टीम इंडिया फोटो खिंचाने के लिए लाइन में खड़ी हो गई थी
सोबर्स का कद क्रिकेट की दुनिया में इतना बड़ा था कि जब साल 2023 में टीम इंडिया वेस्टइंडीज के दौरे पर गई, तब रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे महान खिलाड़ी भी इस दिग्गज से मिलने पहुंचे थे। उस मुलाकात के दौरान सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीरों और वीडियो में साफ दिखा कि कैसे भारतीय टीम के ये बड़े-बड़े स्टार्स सोबर्स के सम्मान में सिर झुकाए बेहद सादगी से खड़े थे। हर कोई उनके साथ फोटो खिंचाने को बेताब था।
6 बॉल पर लगातार 6 छक्के लगाने वाले दुनिया के पहले क्रिकेटर
दिलचस्प बात ये है कि क्रिकेट इतिहास में एक ओवर में 6 छक्के जड़ने का सिलसिला सबसे पहले सर गारफील्ड सोबर्स ने ही शुरू किया था। उन्होंने इंग्लिश काउंटी के एक मैच में मैल्कम नैश की 6 गेंदों पर 6 छक्के मारकर यह जादुई रिकॉर्ड बनाया था, इसके बाद भारत के रवि शास्त्री ने रणजी ट्रॉफी में तिलक राज की गेंदों पर और फिर युवराज सिंह ने 2007 टी20 वर्ल्ड कप में स्टुअर्ट ब्रॉड के खिलाफ इस कारनामे को दोहराया। फिर ये सिलसिला चलता रहे और कई खिलाड़ी 6 बॉल पर 6 छक्के लगाने के क्लब में शामिल हुए।
ऐसा रहा गैरी सोबर्स का क्रिकेट करियर
महानतम ऑलराउंडर सर गैरी सोबर्स ने साल 1954 से 1974 के बीच करीब दो दशकों तक वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम के लिए मैदान पर अपनी जादुई चमक बिखेरी। उन्होंने वेस्टइंडीज के लिए 93 टेस्ट मैचों में 57.78 की बेमिसाल औसत से 8032 रन बनाए, जिसमें 26 शतक और 30 अर्धशतक शामिल थे, उनका सर्वोच्च स्कोर नाबाद 365 रन रहा, जो लंबे समय तक टेस्ट क्रिकेट का विश्व रिकॉर्ड था, जबकि गेंदबाजी में 235 विकेट चटकाए। चीते जैसी फुर्ती से 109 कैच लेकर उन्होंने ये साबित किया कि वो एक महान ऑलराउंडर थे।
आईसीसी ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने अपने आधिकारिक एक्स पोस्ट में लिखा, “खेल को गौरवान्वित करने वाले सबसे महान क्रिकेटरों में से एक सर गारफील्ड सोबर्स का दुखद निधन हो गया है। हमारी संवेदनाएं उनके परिवार, दोस्तों और वेस्टइंडीज क्रिकेट के साथ हैं। हम एक कउउ हॉल ऑफ फेम क्रिकेटर को अलविदा कह रहे हैं.”
बीसीसीआई ने बताया क्रिकेट का सच्चा आइकॉन
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने भी सर गैरी सोबर्स के निधन पर शोक जताया. बीसीसीआई ने अपने संदेश में कहा, “सर गारफील्ड सोबर्स खेल के एक सच्चे आइकॉन और क्रिकेट इतिहास के सबसे महान ऑलराउंडरों में से एक थे। उनकी उपलब्धियों, कैरेबियाई क्रिकेट पर उनके प्रभाव और खेल में उनके योगदान ने ऐसी विरासत छोड़ी है जो आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।”
टीम इंडिया से भी था खास जुड़ाव
भारतीय टीम जब आखिरी बार टेस्ट सीरीज के लिए वेस्टइंडीज दौरे पर गई थी, तब सर गैरी सोबर्स खिलाड़ियों से मिले थे। भारतीय क्रिकेट के कई दिग्गज खिलाड़ी उन्हें अपनी प्रेरणा मानते रहे हैं।
क्रिकेट वेस्टइंडीज ने कहा- एक शानदार पारी खत्म हुई
क्रिकेट वेस्टइंडीज ने भी सोशल मीडिया पर उनके निधन की पुष्टि करते हुए लिखा, “एक शानदार पारी खत्म हो गई है। हमारे दिलों में, अभी और हमेशा के लिए, सर गारफील्ड सोबर्स.”
20 साल तक वेस्टइंडीज क्रिकेट के स्तंभ रहे
28 जुलाई 1936 को ब्रिजटाउन (बारबडोस) में जन्मे गैरी सोबर्स ने 1954 में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया था। अगले दो दशकों तक वह वेस्टइंडीज क्रिकेट के सबसे बड़े सितारों में शामिल रहे।
बल्ले और गेंद दोनों से रचा इतिहास
सोबर्स ने 93 टेस्ट मैचों की 160 पारियों में 8032 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने 26 शतक और 30 अर्धशतक लगाए। उनका सर्वोच्च स्कोर नाबाद 365 रन रहा, जो लंबे समय तक टेस्ट क्रिकेट का विश्व रिकॉर्ड था। गेंदबाजी में भी उन्होंने 235 विकेट हासिल किए. बाएं हाथ के बल्लेबाज होने के साथ-साथ वह बाएं हाथ के तेज-मध्यम, ऑर्थोडॉक्स स्पिन और कलाई के स्पिन गेंदबाज भी थे, जो उन्हें क्रिकेट इतिहास का सबसे संपूर्ण ऑलराउंडर बनाता है।










