यूपी टी-20 लीग का ‘स्पीड हंट’: बिना ट्रायल फीस तलाशे गए पेसर्स, ₹2.50 लाख की बेस प्राइस से ₹21.50 लाख तक पहुंची बोली

0
6

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के छोटे शहरों और कस्बों से तेज गेंदबाजी की प्रतिभाओं को खोजकर उन्हें बड़े मंच तक पहुंचाने की यूपी टी-20 लीग की पहल ‘स्पीड हंट’ ने युवा क्रिकेटरों के लिए नई उम्मीद जगाई है।

बिना किसी ट्रायल फीस के आयोजित इस अभियान में सामने आए एक अनकैप्ड युवा तेज गेंदबाज ने 144-145 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी कर सबका ध्यान खींचा। नीलामी में ₹2.50 लाख की बेस प्राइस से शुरू हुई उसकी बोली ₹21.50 लाख तक पहुंच गई।

यूपी टी-20 लीग सीजन-4 की कैप्टन्स मीट में गवर्निंग काउंसिल के चेयरमैन डॉ. संजय कपूर ने ‘स्पीड हंट’ के जरिए सामने आई प्रतिभाओं का जिक्र करते हुए बताया कि इस पहल का उद्देश्य प्रदेश के उन तेज गेंदबाजों को तलाशना था, जिन्हें संसाधनों या उचित मंच के अभाव में अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका नहीं मिल पाता।

डॉ. संजय कपूर ने कहा कि राजीव शुक्ला के मार्गदर्शन में शुरू किए गए इस अभियान के तहत पूरे प्रदेश में बिना किसी ट्रायल फीस के खिलाड़ियों की तलाश की गई। उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले तक गुमनाम रहे युवा ने ट्रायल में लगातार 144 से 145 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी कर अपनी क्षमता साबित की और ऑक्शन में 2.50 लाख रुपये की बेस प्राइस से बढ़कर 21.50 लाख रुपये में बिकना इस पहल की सफलता को दर्शाता है।

कप्तानों ने भी सराहा

‘स्पीड हंट’ से सामने आए युवा तेज गेंदबाजों को लेकर टीमों के कप्तानों ने भी उत्साह जताया। लखनऊ फाल्कन्स के कप्तान भुवनेश्वर कुमार ने कहा कि एक तेज गेंदबाज के तौर पर वह समझते हैं कि 140 से अधिक किमी प्रति घंटे की रफ्तार से लगातार गेंदबाजी करना कितनी खास उपलब्धि है। उनके मुताबिक ऐसे प्लेटफॉर्म युवा खिलाड़ियों को बड़े स्तर पर आने का अवसर देते हैं और फ्रेंचाइजी टीमों के साथ-साथ भारतीय क्रिकेट के भविष्य के लिए भी फायदेमंद हैं।

मेरठ मावेरिक्स के कप्तान रिंकू सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में प्रतिभाओं की कमी नहीं है, जरूरत उन्हें सही अवसर देने की है। उन्होंने कहा कि ‘स्पीड हंट’ से चुने गए युवा गेंदबाजों में पेस के साथ आगे बढ़ने की भूख भी है और उनका सामना करना बल्लेबाजों के लिए अच्छी चुनौती होगा।

वहीं कानपुर सुपरस्टार्स के समीर रिजवी, नोएडा किंग्स के माधव कौशिक और गोरखपुर लायंस के आर्यन जुयाल ने भी इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि बिना ट्रायल फीस के आयोजित इस तरह के अभियान से दूर-दराज के खिलाड़ियों को सीधे बड़े मंच तक पहुंचने का मौका मिला है। ऑक्शन में इन खिलाड़ियों पर लगी बोलियां टीमों के भरोसे को भी दर्शाती हैं।

गुमनामी से बड़े मंच तक

‘स्पीड हंट’ से चुने गए युवा अब यूपी टी-20 लीग सीजन-4 में अनुभवी खिलाड़ियों के साथ ड्रेसिंग रूम साझा करेंगे। लीग गवर्निंग काउंसिल के अनुसार, इस पहल की अहमियत सिर्फ किसी खिलाड़ी के 21.50 लाख रुपये में बिकने तक सीमित नहीं है। यह उन तमाम युवा तेज गेंदबाजों के लिए भी संदेश है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद क्रिकेट में आगे बढ़ने का सपना देखते हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here