लखनऊ। खेल प्रतिभाओं को पहचानने से लेकर उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं और प्रशिक्षण उपलब्ध कराने की दिशा में केंद्र सरकार ने खेलो इंडिया योजना 2026-31 का व्यापक खाका तैयार किया है।
नई योजना के तहत पिछली योजना की तुलना में आउटले में आठ गुना बढ़ोतरी करते हुए 36,441 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही योजना के तहत सहायता पाने वाले खिलाड़ियों की संख्या को 10 गुना बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।
राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर भारतीय खेल प्राधिकरण (साई), नेताजी सुभाष क्षेत्रीय केंद्र (एनएसआरसी), लखनऊ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में साई एनएसआरसी लखनऊ के क्षेत्रीय निदेशक (प्रभारी) आत्म प्रकाश ने खेलो इंडिया योजना 2026-31 के प्रमुख प्रावधानों और उद्देश्यों की जानकारी दी।
नई योजना के तहत 30 खेल विधाओं में 30,000 खिलाड़ियों को समर्थन देने की रूपरेखा तैयार की गई है। इनमें 10,000 खेलो इंडिया एथलीट और 20,000 इमर्जिंग खेलो इंडिया एथलीट शामिल होंगे।
प्रतिभाओं की पहचान के लिए वैज्ञानिक और तकनीक आधारित राष्ट्रीय प्रणाली विकसित करने के साथ 10 खेलो इंडिया उत्कृष्ट विद्यालय, 500 फीडर स्कूल और 2,500 खेलो इंडिया सेंटर स्थापित करने की योजना है।
खेल बुनियादी ढांचे के विकास को भी योजना में प्रमुख स्थान दिया गया है। इसके तहत मेडल स्ट्रेटजी के अनुरूप खेल बुनियादी ढांचा, रणनीतिक खेल परिसंपत्तियों को मजबूत करना और राज्यों के लिए खेल बुनियादी ढांचा विकास की कार्ययोजना जैसे तीन प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान दिया जाएगा।

30 ओलंपिक, एशियाई खेल और राष्ट्रमंडल खेलों की विधाओं में मौजूदा खेल सुविधाओं का मानचित्रण कर उनकी कमियों का आकलन किया जाएगा। जरूरत के अनुसार मौजूदा सुविधाओं को अपग्रेड करने के साथ नई सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
राज्यों की भागीदारी बढ़ाने के लिए 60:40 के केंद्र-राज्य लागत साझेदारी मॉडल का प्रावधान किया गया है। इसमें वित्तीय सहायता को प्रतिभाओं की प्रगति, खिलाड़ियों को बनाए रखने, जमीनी स्तर से एलीट स्तर तक संक्रमण तथा सुधार आधारित लक्ष्यों से जोड़ा जाएगा।
खेलो इंडिया के तहत स्कूल, विश्वविद्यालय, क्षेत्रीय, जोनल और खेल विशेष लीग को भी मजबूत किया जाएगा। इसके साथ खेलो इंडिया यूथ, यूनिवर्सिटी, पैरा, विंटर, बीच, ट्राइबल और वाटर स्पोर्ट्स जैसे प्रमुख आयोजनों तथा अस्मिता महिला लीग को भी बढ़ावा दिया जाएगा।
योजना में कोच और सपोर्ट स्टाफ के विकास पर भी विशेष जोर है। योग्य कोच, खेल वैज्ञानिक और अन्य विशेषज्ञों की कमी दूर करने के लिए व्यवस्थित प्रशिक्षण, कौशल विकास और अंतरराष्ट्रीय अनुभव उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी। इसके साथ नेशनल कोच एक्रेडिटेशन बोर्ड (एनसीएबी) की स्थापना का भी प्रावधान है।
खेलो इंडिया एथलीटों को कोचिंग, डाइट और आवास, खेल किट, यात्रा, प्रतियोगिता अनुभव, चिकित्सा सुविधा और शिक्षा जैसी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। खिलाड़ियों के साथ पोषण विशेषज्ञों के अलावा डॉक्टर, फिजियोथेरेपिस्ट, मनोवैज्ञानिक और बायोमैकेनिस्ट जैसे खेल विज्ञान विशेषज्ञों की सेवाएं भी जोड़ी जाएंगी।
नई योजना में स्पोर्ट्स टेक्नोलॉजी को एक अलग प्रमुख कंपोनेंट के रूप में शामिल किया गया है। इसके तहत खिलाड़ी की यात्रा को डिजिटल माध्यम से ट्रैक करने के साथ एआई और वीडियो आधारित प्रतिभा पहचान, आईओटी वियरेबल्स, स्पोर्ट्स साइंस, एआई आधारित प्रदर्शन विश्लेषण, प्रतियोगिता प्रबंधन, खेल शिक्षा, करियर के बाद संक्रमण और आजीवन स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा।
योजना के तहत फिट इंडिया मूवमेंट को भी जमीनी स्तर पर व्यापक फिटनेस इकोसिस्टम के रूप में विकसित करने का लक्ष्य है। इसके लिए सामुदायिक फिटनेस केंद्र, बड़े स्तर पर जनभागीदारी, योग और भारतीय पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने के साथ महिलाओं और दिव्यांगजनों की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।
पूर्व भारतीय हॉकी खिलाड़ी, ओलंपियन एवं अर्जुन पुरस्कार प्राप्तकर्ता ललित उपाध्याय कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। उन्होंने अपने खेल जीवन के अनुभव साझा करते हुए कहा कि युवा खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण, बेहतर खेल सुविधाओं और संस्थागत सहयोग की आवश्यकता है।
राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर महान हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद को पुष्पांजलि अर्पित कर उनके योगदान को याद किया गया। इसके बाद साई एनसीओई के खिलाड़ियों ने हॉकी का प्रदर्शनी मैच खेला। कार्यक्रम में साई एनएसआरसी लखनऊ के निदेशक लेफ्टिनेंट कर्नल गौरव सिंह, सहायक निदेशक मनीष कुमार सहित अन्य अधिकारी और गणमान्य लोग मौजूद रहे।










