घर में फिर हारी एलएसजी, अय्यर की कप्तानी पारी से पंजाब की शानदार जीत

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© Associated Press

लखनऊ। घरेलू मैदान पर जीत के साथ लीग चरण का अंत करने का सपना संजोए लखनऊ सुपर जायंट्स को आखिरकार एक और निराशा हाथ लगी।

इकाना स्टेडियम में खेले गए आईपीएल केहाईस्कोरिंग मुकाबले में कप्तान श्रेयस अय्यर की कप्तानी पारी, प्रभसिमरन सिंह के विस्फोटक अर्धशतक और दोनों के बीच हुई मैच जिताऊ शतकीय साझेदारी के दम पर पंजाब किंग्स ने एलएसजी को उसके घर में सात विकेट से हराकर प्लेऑफ की दौड़ में अपनी स्थिति और मजबूत कर ली।

लखनऊ सुपर जायंट्स ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में छह विकेट पर 196 रन बनाए थे, लेकिन पंजाब किंग्स ने इस लक्ष्य को सिर्फ 18 ओवर में तीन विकेट खोकर हासिल कर लिया।

मैच का अंत भी बेहद खास अंदाज में हुआ जब श्रेयस अय्यर ने छक्का जड़कर न सिर्फ टीम को जीत दिलाई बल्कि अपना शानदार शतक भी पूरा किया। इससे पहले पंजाब किंग्स ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया और शुरुआती ओवरों में उसके गेंदबाजों ने कप्तान श्रेयस अय्यर के फैसले को सही साबित भी किया।

एक समय एलएसजी का स्कोर महज 20 रन पर दो विकेट था और टीम मुश्किल में दिखाई दे रही थी। हालांकि इसके बाद जोश इंग्लिस ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए पारी को संभाला और पंजाब के गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा।

इंग्लिस ने शुरुआत से ही अपने तेवर दिखा दिए थे। उन्होंने पहले ही ओवर में अर्शदीप सिंह पर हमला बोलते हुए चार चौकों की मदद से 16 रन बटोरे। ओवर की आखिरी तीन गेंदों पर लगातार चौके जड़कर उन्होंने एलएसजी को तूफानी शुरुआत दिलाई।

हालांकि दूसरे ओवर में पंजाब को पहली सफलता मिल गई। अजमतुल्लाह ओमरजई ने ओवर की पहली ही गेंद पर अर्शिन कुलकर्णी को गोल्डन डक पर चलता कर दिया। ऑफ स्टंप के बाहर जाती गेंद पर बड़ा शॉट खेलने के प्रयास में कुलकर्णी बल्ले का किनारा दे बैठे और विकेटकीपर प्रभसिमरन सिंह ने आसान कैच लपक लिया।

एलएसजी इस झटके से उबर भी नहीं पाई थी कि तीसरे ओवर की पांचवीं गेंद पर निकोलस पूरन भी सिर्फ दो रन बनाकर पवेलियन लौट गए। मार्को यानसन की शॉर्ट गेंद पर पूरन पुल शॉट खेलने गए, लेकिन गेंद बल्ले से लगकर सीधे स्टंप्स पर जा लगी।

दो विकेट जल्दी गिरने के बावजूद लखनऊ ने पावरप्ले में आक्रामक बल्लेबाजी जारी रखी और छह ओवर में दो विकेट पर 66 रन बना डाले। इंग्लिस लगातार रनगति बढ़ाते रहे, जबकि दूसरी ओर आयुष बदोनी ने भी आते ही बड़े शॉट लगाने शुरू कर दिए।

बदोनी ने बेहद साहसिक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए पंजाब के स्पिन और पेस अटैक पर दबाव बनाया। उन्होंने सिर्फ 18 गेंदों में पांच चौकों और तीन छक्कों की मदद से 43 रन की तेज पारी खेली। हालांकि युजवेंद्र चहल ने उनकी इस खतरनाक पारी का अंत किया। ऑफ स्टंप के बाहर जाती गेंद पर बदोनी कट शॉट खेलने गए, लेकिन उनका पैर हवा में उठ गया और विकेटकीपर प्रभसिमरन सिंह ने शानदार फुर्ती दिखाते हुए स्टंपिंग कर दी।

10 ओवर के बाद एलएसजी का स्कोर तीन विकेट पर 100 रन पहुंच चुका था। इसके बाद इंग्लिस और कप्तान ऋषभ पंत ने चौथे विकेट के लिए 65 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। इंग्लिस ने अर्शदीप सिंह की गेंद पर डीप पॉइंट की ओर दो रन लेकर सिर्फ 28 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया।

दूसरी ओर पंत ने भी उपयोगी योगदान दिया। उन्होंने 22 गेंदों में 26 रन बनाए, लेकिन 14वें ओवर की पांचवीं गेंद पर चहल ने उन्हें आउट कर पंजाब को बड़ी सफलता दिलाई। पंत बड़ा शॉट खेलने के प्रयास में डीप में खड़े मार्को यानसन को कैच थमा बैठे।

16 ओवर के बाद लखनऊ का स्कोर चार विकेट पर 157 रन था और टीम 200 के पार जाती दिखाई दे रही थी। हालांकि 17वें ओवर की आखिरी गेंद पर पंजाब को सबसे बड़ी सफलता मिली जब जोश इंग्लिस 72 रन बनाकर आउट हो गए। इंग्लिस ने 44 गेंदों की अपनी विस्फोटक पारी में नौ चौके और दो छक्के लगाए। शशांक सिंह की गेंद पर बड़ा शॉट खेलने के प्रयास में वह गेंद सीधे कप्तान श्रेयस अय्यर के हाथों में खेल बैठे।

इसके बाद 18वें ओवर की आखिरी गेंद पर मुकुल चौधरी भी सिर्फ एक रन बनाकर पवेलियन लौट गए। मार्को यानसन की गेंद पर उन्होंने बड़ा शॉट खेलने का प्रयास किया, लेकिन लॉन्ग ऑन पर सब्स्टीट्यूट फील्डर प्रवीण दुबे ने शानदार डाइव लगाकर बेहतरीन कैच पकड़ लिया। अंत में लखनऊ सुपर जायंट्स ने निर्धारित 20 ओवर में छह विकेट पर 196 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया। पंजाब किंग्स की ओर से मार्को यानसन और युजवेंद्र चहल ने दो-दो विकेट हासिल किए, जबकि अजमतुल्लाह ओमरजई और शशांक सिंह को एक-एक विकेट मिला।

मैच में 197 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी पंजाब किंग्स की शुरुआत भी अच्छी नहीं रही। टीम ने सिर्फ 22 रन पर दो विकेट गंवा दिए थे। मोहम्मद शमी ने पारी की पहली ही गेंद पर प्रियांश आर्या को आउट कर लखनऊ को शानदार शुरुआत दिलाई। प्रियांश पुल शॉट खेलने की कोशिश में गेंद को मिडविकेट पर खड़े अर्जुन तेंदुलकर के हाथों में खेल बैठे। इसके बाद कूपर कॉनली का विकेट भी शमी ने झटका। तीसरे ओवर की दूसरी गेंद पर कॉनली बड़ा शॉट खेलने गए, लेकिन फुल लेंथ गेंद सीधे ऑफ स्टंप उखाड़ गई। कॉनली ने 18 रन बनाए।

हालांकि शुरुआती झटकों के बाद प्रभसिमरन सिंह और कप्तान श्रेयस अय्यर ने मैच का पूरा रुख बदल दिया। दोनों ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए एलएसजी के गेंदबाजों पर दबाव बनाना शुरू किया। पांच ओवर के बाद पंजाब का स्कोर दो विकेट पर 55 रन था। दिग्वेश राठी के ओवर में पंजाब ने 14 रन जुटाए, जिसमें प्रभसिमरन ने दो शानदार चौके लगाए।

प्रभसिमरन को सातवें ओवर की चौथी गेंद पर जीवनदान भी मिला। अर्जुन तेंदुलकर की शॉर्ट गेंद पर पुल शॉट खेलते समय गेंद उनके ग्लव्स का किनारा लेकर विकेटकीपर ऋषभ पंत की ओर गई, लेकिन डाइव लगाने के बावजूद पंत कैच नहीं पकड़ सके।

10 ओवर के बाद पंजाब का स्कोर दो विकेट पर 105 रन पहुंच चुका था और मैच पूरी तरह संतुलन में आ गया था। जीवनदान का फायदा उठाते हुए प्रभसिमरन ने 28 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया। यह इस सीजन में उनका छठा अर्धशतक रहा।

इसके बाद उन्होंने कप्तान श्रेयस अय्यर के साथ मिलकर सिर्फ 76 गेंदों में 140 रन की मैच जिताऊ साझेदारी कर पंजाब को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। दूसरी ओर श्रेयस अय्यर ने भी शानदार बल्लेबाजी करते हुए 33 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया। यह इस सीजन में उनकी छठी हॉफ सेंचुरी रही।

प्रभसिमरन को 13.1 ओवर में दूसरा जीवनदान भी मिला। प्रिंस यादव की गेंद पर उन्होंने कवर की दिशा में शॉट खेला, जहां आयुष बदोनी ने कैच पकड़ा, लेकिन थर्ड अंपायर ने रिप्ले देखने के बाद पाया कि गेंद घास को छू रही थी और उन्हें नॉट आउट करार दिया गया।

हालांकि प्रभसिमरन की शानदार पारी का अंत 15वें ओवर की आखिरी गेंद पर हुआ। अर्जुन तेंदुलकर की लो फुलटॉस गेंद पर वह शॉट खेलने से चूक गए और गेंद सीधे पैड पर जा लगी। अंपायर ने उन्हें एलबीडब्ल्यू आउट दिया। प्रभसिमरन ने 39 गेंदों में सात चौकों और दो छक्कों की मदद से 69 रन बनाए।

लेकिन तब तक मैच लगभग पंजाब की पकड़ में आ चुका था। अंत में कप्तान श्रेयस अय्यर ने 18वें ओवर की आखिरी गेंद पर छक्का जड़कर पंजाब को शानदार जीत दिलाई और इसी के साथ अपना शतक भी पूरा किया। श्रेयस ने 51 गेंदों पर 11 चौकों और पांच छक्कों की मदद से नाबाद 101 रन की कप्तानी पारी खेली, जो इस सीजन में उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर भी रहा।

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