लखनऊ। सहारनपुर से एक दु:खद खबर आ रही है जहां सहारनपुर क्रिकेट एसोसिएशन पर वेतन न देने और गलत फैसले लेने का दबाव डालने का आरोप लगाकर एक अंपायर ने जहरीला पदार्थ खाकर जान देने का प्रयास किया है। फिलहाल
युवा अंपायर मौत से संघर्ष कर रहा है। आत्मघाती कदम उठाने वाले लतीफपुर गांव निवासी विकास सैनी नाम के इस अंपायर की जेब से पुलिस को सुसाइड नोट भी मिला है। पुलिस ने सीएचसी से रेफर किए गए विकास सैनी को मेडिकल कॉलेज में भर्ती करवाया है, जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
बुधवार सुबह दस बजे लतीफपुर में सड़क के किनारे विकास को अचेत पड़ा पाया गया। राहगीरों ने उसको पहचान लेने के बाद उसके परिजनों और पुलिस को इसकी सूचना दी गई। पुलिस के पहुंचने से पहले उसका छोटा भाई सचिन भी मौके पर पहुंच गया।
पुलिस को विकास की जेब सोसाइड नोट मिला, जिसमें विकास ने लिखा था कि वह 12 सालों से एसडीसीए के लिए अंपायरिंग कर रहा है। उसके वेतन का लगभग 90 हजार रुपए एसोसिएशन पर बकाया है। एसोसिएशन से जुड़े लोग उस पर गलत फैसले देने का दबाव बनाते हैं, जिसका विरोध करने पर उसे प्रताणित किया जाता है। पिछले दिनों जब उसने सोशल मीडिया पर एसोसिएशन के खिलाफ पोस्ट डाली तो उसके खिलाफ मंडी थाने में रिपोर्ट दर्ज करवा दी गई।
उधर एसोसिएशन सचिव यशपाल ने बताया कि एसोसिएशन के “लोगो” का गलत इस्तेमाल करने पर मंडी थाने तक मामला पहुंचा था, जिसमें समझौता हो गया था। सीओ जितेन्द्र कुमार सिंह ने कहा कि जांच जारी है। अभी तक इस मामले में कोई तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सूत्रों की मानें तो विकास सैनी को काफी समय से मैच के दौरान गलत फैसले देने के लिए न मानने पर शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताणित किया जा रहा था। इसके बाद जब सोशल मीडिया पर विकास ने सहारनपुर ड्ट्रिरक्टि क्रिकेट एसोसिएशन से जुड़े लोगों का कच्चा-चट्ठिा खोलने की पोस्ट डालनी शुरू की तो उसके खिलाफ एसोसिएशन के “लोगो” का गलत इस्तेमाल करने का आरोप लगा रिपोर्ट दर्ज करवा दी गई। उसके बाद बुधवार को यह घटना सामने आई। अब विकास के बयान के बाद सारी असलियत सामने आने की संभावना है।










