लखनऊ। रणजी सीजन 2026-27 शुरू होने में सिर्फ 10 दिन और बचे हैं लेकिन 21 साल से ट्रॉफी को तरसने वाले उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (यूपीसीए) का इस बार भी तैयारी को लेकर डिब्बा गोल नजर आ रहा है। गुरुवार को यूपीसीए ने आनन-फानन शुक्रवार से 6 दिन के कैंप के लिए खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ को ग्रीनपार्क स्टेडियम में रिपोर्ट करने को कहा है। उम्मीद है कि शाम तक अधिकांश खिलाड़ी कानपुर पहुंच जाएंगे। शुक्रवार का आधा दिन भी जोड़ लिया जाए तो बिहार के खिलाफ ग्रुप स्टेज में पहला मैच खेलने के लिए यूपी टीम को सिर्फ साढ़े पांच दिन की तैयारी का समय ही मिलेगा। एलीट ग्रुप ए में यूपी का पहला मुकाबला बिहार से 11 अक्तूबर से राजगिर इंटरनेशनल स्टेडियम में है, जिसके लिए टीम को 8 अक्तूबर को रवाना होना पड़ेगा।
30 सितम्बर को हुई यूपीसीए की एजीएम में कतिपय कारणों से सपोर्ट स्टाफ का ऐलान नहीं किया गया था लेकिन 24 घंटे बाद ही क्रिकेट एडवाइजरी कमेटी (सीएसी) द्वारा फाइनल की गई सूची के मुताबिक सपोर्ट स्टाफ को कैंप के लिए रिपोर्ट करने को कह दिया गया। रणजी जैसे महत्वपूर्ण टूर्नामेंट के लिए टीम को कम से कम 10 दिन के कैम्प की जरूरत थी, जो अब घटकर सिर्फ साढ़े पांच दिन ही रह गई है। इसका सीधा असर टीम की तैयारियों पर पड़ सकता है।
रणजी टीम के संभावित सपोर्ट स्टाफ की सूची यह रही-
हेड कोच : ज्ञानेन्द्र पांडेय
कोच : राहुल सप्रू
बॉलिंग कोच : मंसूर अली खान
बैटिंग कोच : उमंग शर्मा
स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग कोच : इसरार अजीम
फीजियोथेरेपस्टि : रसेल पिन्टो
साइड आर्म स्पेशलस्टि : मोहम्मद अब्दुल्ला
मैस्योर : बादल दीक्षित
मैनेजर : अर्जुन चौहान
परफॉर्मेंस एनॉलस्टि : सुधीर सिंह
एक अपुष्ट खबर यह भी है कि अंडर-19 टीम के फीजियोथेरेपिस्ट जीशान रईस को हटाकर उनकी जगह लखनऊ के फीजियो को लाया जा सकता है। खबर है कि अंडर 23 में शशिकांत खांडेकर और मो. आमिर खान को कोच का समान पद दिया जा सकता है। लेकिन यहां यह समस्या आएगी कि टीम को शशिकांत या आमिर में से कोई एक ऑपरेट करेगा या टीम सहारनपुर के रिमोट से चलेगी। दरअसल बीसीसीआई उपाध्यक्ष और यूपीसीए के लाइफ मेम्बर राजीव शुक्ला के सामने एजीएम में मो. आमिर खान का असिस्टेंड कोच बनाए जाने पर खांडेकर ने अपना दर्द बयां किया था। उन्होंने राजीव शुक्ला से कहा था कि जिस आमिर का उन्होंने ही सलेक्शन किया हो, उसी का उन्हें डिप्टी बना देना उनके लिए सम्मानजनक नहीं है। इसी के बाद राजीव शुक्ला ने दोनों को कोच का समान पद देने के निर्देश दिए थे।
शशिकांत खांडेकर को व्हाइट बॉल टूर्नामेंट में अरविन्द कपूर की जगह विजय हजारे और मुश्ताक अली ट्रॉफी के लिए हेड कोच बनाए जाने की भी चर्चा रही लेकिन खांडेकर के कॅरिअर के सामने अरविन्द कपूर के क्रिकेट कॅरिअर में भले ही अर्श और फर्श जितना फर्क हो लेकिन जोड़-तोड़ और यूपीसीए की पावर में वह पूर्व यूपी कप्तान को काफी पीछे छोड़ चुके हैं। अंडर-19 टीम के लिए प्रस्तावित मैनेजर विनय कुमार भी यूपीसीए के लिए गले की हड्डी बन सकते हैं। बता दें कि सहारनपुर डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन में सुसाइड की कोशिश करने वाले युवा अंपायर विकास सैनी ने उन पर प्रताणना समेत अन्य गंभीर आरोप लगाए हैं। बहुत संभव है कि यूपीसीए आगे किसी विवाद से बचने के लिए विनय कुमार की जगह किसी अन्य को मैनेजर की भूमिका सौंप दे, क्योंकि संघ की दूसरी लॉबी इस चयन का विरोध कर सकती है। विकास सैनी ने विनय कुमार पर गलत निर्णय देने के लिए उस पर दबाव डालने का आरोप लगाया है। उसने कैमरे के सामने तीन और लोगों पर प्रताणित करने का आरोप लगाया है।










