-वडोदरा के कप्तान अतित सेठ व महेश पिथिया बने दीवार
– प्वाइंट टेबल में दूसरे स्थान पर आई यूपी की टीम, पहला राउंड खत्म
लखनऊ। संजीव मिश्र
यूपी और वड़ोदरा के बीच रणजी ट्रॉफी ग्रुप ए के मुकाबले के चौथे व अंतिम दिन ग्रीन पार्क में जैसी उम्मीद थी गेंद और बल्ले के बीच जबर्दस्त संघर्ष देखने को मिला। लंच के बाद स्लो लेफ्ट आर्म स्पिनर प्रशांत वीर की फिरकी में वडोदरा का मिडिल ऑर्डर फंसा तो यूपी के लिए जीत का दरवाजा खुलता नजर आया। लेकिन क्रिकेट को अनिश्चितताओं का खेल यूं ही नहीं कहा गया है। टॉप और मिडिल ऑर्डर के ध्वस्त होने के बाद वडोदरा के कप्तान अतित सेठ ने पुछल्ले बल्लेबाज महेश पिथिया के साथ विकेट पर ऐसे पैर जमाए कि मेजबान टीम जीत के लिए छटपटा कर रह गई।
यह जोड़ी यूपी की जीत में दीवार बनकर खड़ी हो गई। दोनों ने बिना अलग हुए 23.4 ओवर खेल डाले। अंततः मुकाबला ड्रॉ समाप्त हुआ और यूपी को लगातार दूसरी बार पहली पारी की बढ़त के आधार पर सिर्फ तीन अंकों से संतुष्ट होना पड़ा, जबकि वडोदरा को एक अंक मिला। विदर्भ की टीम अपने चारों मैच जीतकर 24 अंकों के साथ प्वाइंट टेबल में टॉप पर है, जबकि यूपी 19 अंकों के साथ दूसरे और वडोदरा (18) तीसरे स्थान पर है। नये हेड कोच ज्ञानेंद्र पांडेय, राहुल सप्रू और आशीष विंस्टन जैदी की तिकड़ी ने यूपी के लड़कों में जो उत्साह फूंका है वो पहले राउंड में नजर आया। यूपी का अब अगला मुकाबला 2027 में मध्य प्रदेश से 17 से 21 जनवरी तक होगा।
यूपी का दुर्भाग्य यह रहा कि वडोदरा की दूसरी पारी में उसके प्रमुख स्पिनर्स कार्तिक यादव और जीशान अंसारी चले ही नहीं। सुबह जब शिवम् मावी (40) और कार्तिक यादव (9) ने तेज बल्लेबाजी शुरू की तब यही योजना रही होगी कि यदि डेढ़ सौ रनों की लीड भी मिल सकी तो कार्तिक यादव, जीशान अंसारी और करन शर्मा को विकेट पर बने रफ का फायदा मिलेगा और वडोदरा को दबाव में लाने का प्रयास किया जाएगा। यूपी की पहली पारी के अंतिम दो विकेट 37 रन ही जोड़ सके और मेजबान टीम की पहली पारी 492 रनों पर सिमट गई। 137 रनों की बढ़त के बाद यश दयाल के साथ दूसरे छोर से गेंद जब कार्तिक ने संभाली तो यूपी के कप्तान और टीम मैनेजमेंट की मंशा साफ नजर आ गई। हालांकि न तो कार्तिक यादव और न ही करन शर्मा बल्लेबाजों पर कोई खास असर डाल सके।
वडोदरा के बल्लेबाजों को संभवतः यही निर्देश देकर भेजा गया था कि रन बनें या न बनें पर विकेट नहीं देना है। यही वजह रही कि सलामी जोड़ी ने बहुत डिफेंसिव एटिट्यूड दिखाया। आखिरकार शिवम् मावी ने शिवालिक शर्मा (13) का शिकार कर यूपी को पहली सफलता दिलवाई। समय तेजी से निकल रहा था और यूपी की टीम जीत का दरवाजा खटखटा भी नहीं पा रही थी।
प्रियांशु मौर्या (19) का प्राइज विकेट जब जीशान अंसारी के साथ लगा तो यूपी का खेमा खिल उठा। यह खुशी समझी भी जा सकती थी, पिछले मैच में इस बल्लेबाज ने त्रिपल सेंचुरी जो ठोंकी थी। इसके बाद पहली पारी के शतकवीर ध्रुव पटेल (42) को करने शर्मा ने अपना शिकार बना, यूपी के लिए जीत का मौका बनाया।
इसके बाद वो सनसनीखेज लम्हे आए जिन्होंने यूपी को जीत के करीब पहुंचा दिया। प्रशांत वीर ने सिर्फ 19 रन और जुड़ने तक के वडोदरा के तीन विकेट गिरा कर मध्य क्रम की कमर ही तोड़ दी। लेकिन इसके बाद यूपी की तरफ से फिर कोई इंकलाब नहीं हो सका। कप्तान अतित सेठ के नाबाद 40 और महेश पिथिया के 84 गेंदों पर बनाए गए 14 रनों ने अपनी टीम के स्कोर को 6 विकेट पर 169 रनों तक पहुंचा दिया। दोनों ने यूपी के घातक स्पिनरों का डटकर मुकाबला करते हुए कुल 142 गेंदें खेल डालीं। इसके बाद कोई रिजल्ट निकलते न देख मैच को ड्रॉ घोषित कर दिया गया।










