-मैच में हल्का सा ट्विस्ट, अंतिम दिन वडोदरा के बल्लेबाजों की हो सकती है कड़ी परीक्षा
– यूपी ने 355 रनों के जवाब में अब तक बनाए 455 रन, माधव कौशिक ने सीजन का अपना दूसरा शतक जड़ा
-पहले विकेट के लिए हुई 309 रनों की साझेदारी, वडोदरा के महेश पिथिया ने पांच विकेट झटक विकेट का मिजाज बताया
लखनऊ। संजीव मिश्र
कुछ सेशन की खामोशी के बाद तीसरे दिन लंच के बाद विकेट पर स्पिनरों का जश्न फिर शुरू होने से यूपी-वडोदरा मुकाबले में थोड़ा सा रोमांच जाग गया है। यूपी ने वडोदरा पर 100 रनों की बढ़त हासिल कर चौथे दिन के खेल को दिलचस्प बना दिया है। अभी मेजबान टीम के दो विकेट हाथ में हैं और अंतिम दिन का खेल बचा है। चौथे दिन सुबह यूपी की बढ़त कहां तक पहुंचती है और उसके बाद उसके गेंदबाज वडोदरा को कितना परेशान कर पाते हैं, अब यह देखना दिलचस्प होगा। क्रिकेट के लिए अच्छी बात यह है कि इस मैच में अब भी सभी संभावनाएं मौजूद हैं।
ग्रीन पार्क स्टेडियम में बुधवार को तीसरे दिन का खेल समाप्त होने तक नये तेवर में दिखने वाली यूपी टीम ने 8 विकेट पर 455 रन बना अपनी स्थिति अपराजेय करते हुए वडोदरा के ड्रेसिंग रूम को थोड़े दबाव में ला दिया है। शिवम मावी (13) और कार्तिक यादव (0) क्रीज पर मौजूद हैं। डेब्यू मैच में ही 162 रनों (276 गेंदें, 3 छक्के, 17 चैके) की जबर्दस्त पारी खेलने वाले आदर्श सिंह ने माधव कौशिक (137 रन, 279 गेंदें, 1 छक्का, 15 चौके) के साथ सलामी विकेट पर 309 रनों की साझेदारी कर यूपी को रणजी ट्रॉफी एलीट ग्रुप ए में वडोदरा पर पहली पारी में बढ़त दिला उसके 3 अंक पक्के कर दिए हैं। बता दें कि रणजी ट्रॉफी में पहले विकेट की साझेदारी का रिकॉर्ड दिल्ली के रवि सहगल और रमन लांबा के बीच 1994-95 में हिमाचल प्रदेश के खिलाफ 464 रनों का है।
कर्नल सीके नायडू में बड़ा शतक लगा ध्यान खींचने वाले आदर्श सिंह ने सीनियर टीम में मिले मौके को भुनाने में भी कोई कसर नहीं छोड़ी। उन्होंने वडोदरा की पहली पारी के 355 रनों के दबाव को दरकिनार कर बड़ा शतक बना दिखा दिया कि उन पर भरोसा कर गलती नहीं की गई। माधव कौशिक ने भी सीजन में अपना दूसरा शतक जड़ यूपी को वडोदरा पर बढ़त दिलाने में खास भूमिका अदा की। वडोदरा के लिए अब तक सभी सफलताएं उसके मुख्य स्पिनरों भार्गव भट्ट और महेश पिथिया को मिली थीं। वडोदरा के स्पिनरों को कड़ी मेहनत के बाद सफलताएं तो मिलीं लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। ऑफ स्पिनर महेश पिथिया ने 5 और लेफ्ट ऑर्म स्पिनर भार्गव भट्ट ने दो विकेट लिए।
दूसरे सेशन में सलामी जोड़ी को लौटाकर मेहमान टीम ने राहत की सांस जरूर ली थी। लेकिन तक तक यह जोड़ी अपना काम कर चुकी थी। कौशिक को भट्ट ने जबकि आादर्श को पिथिया ने अपना शिकार बनाया। दूसरा विकेट जब गिरा उस समय यूपी की टीम को बढ़त के लिए सिर्फ 31 रनों की जरूरत थी। इसके बाद भट्ट ने पांडिचेरी के खिलाफ शतक ठोकने वाले करन शर्मा (10) को भी सेट होने से पहले ही पवेलियन की राह दिखा दी। अब तक पिथिया की ऊंगलिया भी कमाल दिखाने लगी थीं।
उन्होंने रिंकू सिंह (23) और सिद्धार्थ यादव (2), प्रशांत वीर (14) को भी चलता कर अंतिम सेशन पूरी तरह से मेहमान फिरकी गेंदबाजों के नाम कर दिया। इस बीच कप्तान आर्यन जुयाल (67 रन, 109 गेंदें, एक छक्का, 5 चौके) सीजन का दूसरा अर्धशतक लगा मजबूती से एक छोर संभाले हुए थे। पिथिया ने जुयाल को भी अपना शिकार बना लम्बी बढ़त की ओर बढ़ रही यूपी की बल्लेबाजी को नियंत्रित कर दिया। यश दयाल (10) के रूप में मीडियम पेसर अतित सेठ को एकमात्र सफलता स्टम्प के समय से ठीक पहले हासिल हुई।











