– तीन मैचों में विपक्षी टीमों के अब तक गिरे 58 में से 54 विकेट स्पिनरों की झोली में गए
लखनऊ। संजीव मिश्र
बिहार और गोवा पर सीधी जीत के बाद पांडिचेरी से तीन अंक लेकर यूपी ने नये रणजी सीजन की शानदार शुरुआत तो कर दी लेकिन अब आगे के सफर में उसके लिए कुछ चुनौतियां भी इंतजार कर रही हैं। कानपुर के ग्रीन पार्क स्टेडियम में आज थोड़ी देर बाद ही इलीट ग्रुप ए में उसका मुकाबला वडोदरा से शुरू होने जा रहा है। तीन दिन पहले हुई बारिश से विकेट में कितनी नमी है और यह विकेट अगले चार दिन कैसा व्यवहार करेगा मैच का परिणाम बहुत कुछ इस पर भी निर्भर करेगा। यहां शाम को खराब रोशनी की दिक्कत भी हो सकती है, इसलिए सारे कैलकुलेशन के साथ यूपी के कोच और कप्तान को अपनी रणनीति बनानी होगी। ऐसे में टॉस महत्वपूर्ण साबित होगा। हेड कोच ज्ञानेन्द्र पांडेय की टीम के लिए अब तक सब कुछ ठीक चल रहा, इसलिए अपने विकेट पर वडोदरा पर सीधी जीत से कम मत सोचिए।
यूपी अपने ग्रुप में विदर्भ और वडोदरा के बाद फिलहाल तीसरे नंबर पर है। शुरुआती तीनों मुकाबले हल्की टीमों से थे, इसलिए खास दिक्कत आनी भी नहीं थी, फिर भी पांडिचेरी के खिलाफ तीन अंक और मिल जाते तो स्थिति कहीं ज्यादा बेहतर होती। यूपी के तीन मैचों से 16, जबकि वडोदरा के इतने ही मैचों से 17 अंक हैं। यूपी-वडोदरा को अपने शुरुआती दोनों मैचों में कमजोर टीमें ही मिलीं जिनके खिलाफ दोनों को जीत भी मिली। यूपी को पांडिचेरी और वडोदरा को मौजूदा रणजी चैम्पियन जम्मू-कश्मीर के खिलाफ पिछले मुकाबलों में पहली पारी में बढ़त से 3-3 अंक ही मिले।
यह पहले राउंड का अंतिम मुकाबला है। इसके बाद व्हाइट बॉल टूर्नामेंट होगा, जबकि रणजी का अगला राउंड 17 जनवरी में शुरू होगा, इसलिए दोनों टीमों के लिए यह मैच काफी महत्वपूर्ण है। शक्ति संतुलन की बात की जाए तो बेशक रिंकू सिंह, करन शर्मा, आर्यन जुयाल, अभिषेक गोस्वामी और माधव कौशिक के रूप में यूपी के पास बेहद शक्तिशाली बल्लेबाजी क्रम है, जबकि यश दयाल, शिवम मावी, अभिनंदन सिंह, कार्तिक यादव, जीशान अंसारी और वंश चौधरी के रूप में एक मजबूत आक्रमण भी है। ऑलराउंडर करन शर्मा ने भी अपनी गेंदबाजी से विपक्षी टीम को परेशान कर रखा है।
यूपी के अब तक के प्रदर्शन में गेंदबाजी और बल्लेबाजी में बेहतरीन संतुलन से ही बात बनी है। बल्लेबाजों ने जरूरत पड़ने पर शतक जड़े, जबकि गेंदबाजी में स्पिनरों ने विपक्षी टीमों को टिकने नहीं दिया। इसी से समझ लीजिए कि पिछले तीन मैचों में विपक्षी टीमों के अब तक गिरे 58 में से 54 विकेट स्पिनरों की झोली में गए। पांडिचेरी के खिलाफ भी यूपी जीत के करीब था लेकिन खराब मौसम ने बात बिगाड़ दी। ज्ञानेन्द्र पांडेय के हेड कोच बनने के बाद खिलाड़ियों में विश्वास लौटा है, क्योंकि वे जानते हैं कि 100 से ज्यादा मैच खेले एक अनुभवी कोच से उन्हें बहुत कुछ सीखने को मिल सकता है। खास बात यह भी है कि राहुल सप्रू जैसे कोच के लम्बे अनुभव का भी खिलाड़ियों को लाभ मिलेगा।
यूपी की बल्लेबाजी रिंकू सिंह, माधव कौशिक और करन शर्मा पर निर्भर रही है। रिंकू दो शतकों के साथ सबसे प्रभावी बल्लेबाज हैं, जबकि करन शर्मा ने पांडिचेरी के खिलाफ एक बड़ी पारी खेली। करन शर्मा के ऑलराउंड योगदान, कार्तिक यादव और जीशान अंसारी की स्पिन ने दो जीतें दिलाई हैं, लेकिन टॉप-ऑर्डर की अस्थिरता और पांडिचेरी से ड्रॉ इस मैच से पहले चिंता की वजह भी हैं। अभिषेक गोस्वामी और कप्तान आर्यल जुयाल के बल्ले से बड़ी पारियां निकलनी बाकी हैं, जबकि तेज गेंदबाजों यश दयाल, शिवम मावी, अभिनंद सिंह और कार्तिक त्यागी में से जिनको भी मौका मिलता है, उन्हें स्पिन फ्रेंडली विकेट पर भी पेस से अपनी काबिलियत दिखानी होगी।
बल्लेबाजी में तसल्ली की बात यह है कि रिंकू सिंह ने लगातार दो मैचों में शतक जड़े। बिहार के खिलाफ शतक के बाद गोवा के खिलाफ भी नाबाद शतक जड़ा। माधव कौशिक ने बिहार के खिलाफ शतक बनाया और गोवा के खिलाफ 45, जबकि पांडिचेरी के खिलाफ 23 रन बनाकर मध्यक्रम को स्थिरता दी। हालांकि कप्तान आर्यन जुयाल की शुरुआत खास नहीं रही है। बिहार के खिलाफ 13, गोवा के खिलाफ 14 रन ही बना पाए। गोवा के खिलाफ दूसरी पारी में वे नाबाद 60 रन बनाकर फॉर्म पकड़ते दिखे। लेकिन पांडिचेरी के खिलाफ 21 रन ही बना पाए। पिछले पांडिचेरी मैच में यूपी की शुरुआत बेहद कमजोर रही थी। 4 विकेट कुछ ही रनों पर गिर चुके थे लेकिन बाद में करन शर्मा की 167 रन की पारी ने टीम को 333 तक पहुंचाया।
यूपी की अब तक की कामयाबी में उसके गेंदबाजों की अहम भूमिका रही है। खासकर लेफ्ट ऑर्म स्पिनर कार्तिक यादव, जीशान अंसारी और करन शर्मा ने यूपी के आक्रमण में सबसे बड़ा रोल अदा किया है। टीम ने बिहार और गोवा को हराया, लेकिन पांडिचेरी के खिलाफ मैच ड्रॉ रहा। इस बार सतर्कता के साथ अपनी रणनीति बनानी होगी, क्योंकि वडोदरा के पास भी भार्गव भट्ट और महेश पिथिया जैसे बेहतरीन स्पिनर हैं, जबकि बल्लेबाजी में प्रियांशु मौलिया जैसा बल्लेबाज, जो जम्मू-कश्मीर के खिलाफ पिछले ही मैच में वडोदरा के लिए व्यक्तिगत स्कोर का रिकॉर्ड बनाकर यूपी आया है। प्रियांशु ने नाबाद 331 रनों की पारी खेली थी।
जो भी हो आप पीछे क्या करके आए हैं, इसे भूल नई टीम के साथ उसकी खूबी और कमजोरियों को परख कर मैदान में उतरना होगा। इस मुकाबले के बाद अगले मैच में लम्बा अंतराल है। ढाई महीने बाद यूपी को एमपी के खिलाफ अपना अगला मुकाबला इंदौर में खेलना है, इसलिए यहां से छह अंक और खाते में जुड़ते हैं तो दूसरे राउंड में आप पर कम दबाव होगा और एमपी जम्मू-कश्मीर और विदर्भ जैसी टीमों के खिलाफ आप मानसिक बढ़त के साथ उन पर दबाव बना सकेंगे।













